केदारताल ट्रेक
उत्तरकाशी, उत्तराखंड
इस फ़ोन पर बिना नेटवर्क के खुलेगा, नक्शे की फ़ाइल और सूची के साथ। ऑफ़लाइन सहेजे गए →
- सबसे ऊँचा बिंदु
- 4,750 मी
- दिन
- 7 दिन
- दूरी
- 34 किमी
- कठिनाई
- कठिन
ट्रेकिंग के तीन दिनों में गंगोत्री के लगभग 3,100 मी से 4,750 मी तक तेज़ चढ़ाई, संकरी केदार गंगा घाटी में खड़ी पथरीली चढ़ाई जहाँ कई जगह पत्थर गिरते हैं, झील के नीचे बड़े-बड़े पत्थरों वाली कठिन ज़मीन, और 12-15 किमी की लंबी उतराई वाला दिन। ऑपरेटर कम से कम एक पिछला ऊँचाई वाला ट्रेक माँगते हैं।
तस्वीरें
रास्ते की झलक
रास्ता
दिन-ब-दिन
दिन 1
देहरादून → गंगोत्री
640 मी → 3,100 मी
दिन 2
गंगोत्री → गंगोत्री (अनुकूलन का दिन)
3,100 मी → 3,100 मी
दिन 3
गंगोत्री → भोज खड़क
3,100 मी → 3,780 मी
दिन 4
भोज खड़क → केदार खड़क
3,780 मी → 4,300 मी
दिन 5 · सबसे ऊँचा बिंदु
केदार खड़क → केदार खड़क (केदारताल होते हुए)
4,300 मी → 4,750 मी → 4,300 मी
दिन 6
केदार खड़क → गंगोत्री
4,300 मी → 3,100 मी
दिन 7
गंगोत्री → देहरादून
3,100 मी → 640 मी
चढ़ाई और उतराई
ऊँचाई का ग्राफ़
कहाँ है
नक्शा
सिर्फ़ शुरुआत और सबसे ऊँची जगह के निशान — पूरा रास्ता नहीं। इसे किसी अच्छे नक़्शे के साथ ही इस्तेमाल करें।
मौसम
रास्ते पर अगले 5 दिन का मौसम
ट्रेक शुरू होने की जगह और सबसे ऊँची जगह का ताज़ा पूर्वानुमान। पहाड़ में मौसम जल्दी बदलता है — निकलने वाले दिन सुबह फिर से देखें।
शुरुआत · गंगोत्री
3,100 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
सबसे ऊँची जगह · केदारताल झील
4,750 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
हर दिन: अधिकतम / न्यूनतम °C · बारिश मिमी और संभावना · बर्फ़ सेमी · हवा किमी/घंटा
मौसम का डेटा: ओपन-मीटियोयह कंप्यूटर मॉडल का अनुमान है, सरकारी चेतावनी नहीं। चेतावनी के लिए मौसम विभाग (IMD) और स्थानीय प्रशासन की सूचना मानें।
यात्रा की तैयारी
कैसे पहुँचें
- ट्रेलहेड
- गंगोत्री
- नज़दीकी रेलवे स्टेशन
- देहरादून
- नज़दीकी हवाई अड्डा
- जॉली ग्रांट हवाई अड्डा, देहरादून
- सड़क से
- देहरादून (उत्तरकाशी और हर्षिल होते हुए लगभग 245 किमी)
- गाड़ी से
- देहरादून से लगभग 9 घंटे
यात्रा की तैयारी
परमिट और शुल्क
हम किसी सरकारी स्रोत से मौजूदा परमिट नियम और शुल्क पक्का नहीं कर पाए। जाने से पहले स्थानीय वन विभाग या पर्यटन कार्यालय से पूछ लें।
यात्रा की तैयारी
ख़र्च
ख़ुद से
₹10,000–18,000
ऑपरेटर के साथ
₹19,000–26,500
प्रति व्यक्ति, देहरादून से। अक्टूबर 2026 में छपी गाइडेड क़ीमतें: बिकट एडवेंचर्स ₹18,000 + 5% जीएसटी गंगोत्री से (देहरादून-गंगोत्री का शेयर्ड सफ़र अलग से); हिमालयन ड्रीम ट्रेक्स ₹25,000 + 5% जीएसटी देहरादून से। दोनों में गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान का वन परमिट और कैंपिंग शुल्क शामिल है। ख़ुद से जाने का ख़र्च एक अनुमान है: देहरादून-गंगोत्री आने-जाने के लिए शेयर्ड जीप या बस, गंगोत्री के गेस्टहाउस में दो या तीन रातें, उद्यान का परमिट, स्थानीय गाइड और पोर्टर, और चार रातों के लिए टेंट, स्टोव और खाना।
सामान
इस ट्रेक के लिए सबसे ज़रूरी सामान
इस रास्ते पर सबसे ज़्यादा काम आने वाला सामान, इसकी ऊँचाई, मौसम और ख़तरों के हिसाब से चुना गया।
विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंकमाइक्रोस्पाइक्स (जूतों पर लगने वाले काँटे)
ज़रूरीरास्ते में बर्फ़ और ग्लेशियर
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विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंकडाउन या मोटी गद्देदार जैकेट
ज़रूरी4,500 मी से ऊपर: गर्मी में भी तेज़ हवा और ठंड
विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंकबालाक्लावा (चेहरा ढकने वाली ऊनी टोपी)
ज़रूरी4,500 मी से ऊपर: गर्मी में भी तेज़ हवा और ठंड
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दुकान वाले बटन उस दुकान पर खोज खोलते हैं, हमारा चुना हुआ कोई सामान नहीं। अमेज़न एसोसिएट के रूप में हम योग्य ख़रीदारियों से कमाई करते हैं। फ़ोटो सिर्फ़ सामान का प्रकार दिखाती हैं, कोई ख़ास प्रोडक्ट नहीं। एफ़िलिएट जानकारी
सामान की सूची
इस ट्रेक के हिसाब से: ऊँचाई, मौसम, दिन और रास्ते के ख़तरे।
34 में से 0 रख लिए
4,750 मी के आसपास गर्मी में भी रात को पारा शून्य के पास जा सकता है। जितना सोचते हैं, उससे एक गर्म कपड़ा ज़्यादा रखें।
बैग में रखते ही हर चीज़ पर निशान लगाएँ।
जाने से पहले जानें
काम की बातें
- मोबाइल नेटवर्क
- गंगोत्री में बीएसएनएल और एयरटेल चलते हैं; गंगोत्री के आगे मोबाइल सिग्नल नहीं है और रास्ते में फ़ोन चार्ज करने की कोई जगह नहीं है।
- आख़िरी एटीएम
- उत्तरकाशी, गंगोत्री से लगभग 100 किमी पहले; नक़द देहरादून से ही लेकर चलें, क्योंकि उत्तरकाशी के एटीएम में पैसे ख़त्म हो सकते हैं
- नज़दीकी अस्पताल
- प्राथमिक इलाज के लिए उत्तरकाशी का ज़िला अस्पताल; गंभीर मामलों में एम्स ऋषिकेश
- पानी
- रास्ता झील से निकलने वाली केदार गंगा धारा के साथ-साथ चलता है; भोज खड़क और केदार खड़क के पास छोटे नाले मिलते हैं। गंगोत्री के बाद कोई दुकान नहीं है। सारा पानी उबालकर या साफ़ करके पिएँ।
ख़ास बातें
- लगभग 4,750 मी पर ग्लेशियर से बनी केदारताल झील, थलय सागर (6,904 मी) की सीधी पिरामिड जैसी चोटी के नीचे, और पास ही मेरु और भृगुपंथ
- भगवान शिव से जुड़ी पवित्र झील, जिसे शिव की झील कहा जाता है: परंपरा के अनुसार यहाँ से निकलने वाली केदार गंगा, भगवान शिव की ओर से माँ गंगा की मूल धारा भागीरथी को अर्पित जलधारा है
- ट्रेक गंगोत्री धाम के मंदिर नगर से शुरू होकर भोज खड़क के भोजपत्र के जंगल से होते हुए ऊपर चढ़ता है
- पेड़ों की सीमा से ऊपर केदार खड़क के बुग्याल में ऊँचा कैंप, जहाँ से पूरब की चोटियों पर सूर्योदय दिखता है
जोखिम
- 4,750 मी तक तेज़ चढ़ाई: ऊँचाई की बीमारी (AMS) का ख़तरा असली है, इसलिए गंगोत्री में एक दिन अनुकूलन के लिए रुकें और पहले गंभीर लक्षण दिखते ही नीचे उतरें।
- केदार गंगा घाटी में खड़े और संकरे हिस्से हैं जहाँ पत्थर गिरते हैं; इन्हें जल्दी, एक-एक करके पार करें, और भारी बारिश के बाद इनसे बचें।
- मानसून (जुलाई-अगस्त) में भूस्खलन और कीचड़ होता है, और देहरादून-गंगोत्री सड़क कई दिनों तक बंद रह सकती है।
- अक्टूबर के आख़िर से बर्फ़ और हिमस्खलन का ख़तरा बढ़ जाता है; झील का इलाक़ा अक्सर मई तक बर्फ़ से ढका रहता है।
जाने से पहले जानें
सवाल-जवाब
केदारताल ट्रेक कितना कठिन है?
यह कठिन, ऊँचाई वाला ट्रेक है, शुरुआती लोगों के लिए नहीं। ऑपरेटर इसे मध्यम से कठिन या चुनौती भरा बताते हैं और कम से कम एक पिछला ऊँचाई वाला ट्रेक माँगते हैं, क्योंकि यह ट्रेकिंग के तीन दिनों में खड़ी, पथरीली घाटी से होकर लगभग 3,100 मी से 4,750 मी तक चढ़ता है।
केदारताल जाने का सबसे अच्छा समय कब है?
मध्य मई से जून, और मध्य सितंबर से अक्टूबर। जुलाई और अगस्त में मानसून के भूस्खलन होते हैं, और अक्टूबर के आख़िर से रास्ता बर्फ़ में दब जाता है। गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान ख़ुद 30 नवंबर से 31 मार्च तक बंद रहता है।
क्या केदारताल के लिए परमिट चाहिए?
हाँ। केदारताल गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान के भीतर है, और प्रवेश के लिए उत्तराखंड वन विभाग का परमिट चाहिए, जो उत्तरकाशी या गंगोत्री के वन कार्यालयों से या ऑनलाइन मिलता है। गाइडेड ग्रुप इसे अपनी क़ीमत में शामिल रखते हैं। हमें तारीख़ वाली कोई आधिकारिक शुल्क सूची नहीं मिली, इसलिए मौजूदा शुल्क गंगोत्री के वन कार्यालय में पता कर लें।
गंगोत्री से केदारताल कितनी दूर है?
एक तरफ़ लगभग 17 किमी: भोज खड़क तक करीब 8 किमी, केदार खड़क तक 4 किमी, और आगे झील तक 5 किमी। ऑपरेटर के हिसाब से आना-जाना कुल लगभग 32-38 किमी होता है।
क्या केदारताल ट्रेक पर मोबाइल नेटवर्क मिलता है?
गंगोत्री में बीएसएनएल और एयरटेल चलते हैं, लेकिन उसके आगे सिग्नल नहीं है। सबसे पास के एटीएम उत्तरकाशी में हैं, जो गंगोत्री से लगभग 100 किमी पहले है, इसलिए नक़द साथ रखें।
आपात स्थिति में
नेटवर्क जाने से पहले ये नंबर सेव कर लें। कॉल करने के लिए दबाएँ।
- 112हर आपात स्थितिभारत का एक ही आपातकालीन नंबर — हर राज्य में चलता है
- 108एंबुलेंस
- 1077ज़िला आपदा नियंत्रण कक्ष
आप यहाँ हैं
ज़िला: उत्तरकाशीउत्तराखंड
- सबसे नज़दीकी अस्पताल
- प्राथमिक इलाज के लिए उत्तरकाशी का ज़िला अस्पताल; गंभीर मामलों में एम्स ऋषिकेश
- आख़िरी एटीएम
- उत्तरकाशी, गंगोत्री से लगभग 100 किमी पहले; नक़द देहरादून से ही लेकर चलें, क्योंकि उत्तरकाशी के एटीएम में पैसे ख़त्म हो सकते हैं
- फ़ोन नेटवर्क
- गंगोत्री में बीएसएनएल और एयरटेल चलते हैं; गंगोत्री के आगे मोबाइल सिग्नल नहीं है और रास्ते में फ़ोन चार्ज करने की कोई जगह नहीं है।
निकलने से पहले
- किसी को अपना रास्ता और लौटने का समय बताकर जाएँ।
- फ़ोन पूरा चार्ज रखें और पावर बैंक साथ लें।
- रास्ते का ऑफ़लाइन नक्शा डाउनलोड कर लें।
- मौसम बिगड़े तो लौट आएँ — पहाड़ कहीं नहीं जाएगा।
केदारताल के बारे में सवाल
अभी कोई सवाल नहीं है। कुछ पूछें, जो लोग यह ट्रेक कर चुके हैं वे जवाब दे सकते हैं।
अपनी ट्रेक की तस्वीर #TreksAndTrails के साथ डालें
मैंने यह ट्रेक किया है
क्या केदारताल इस पेज से अलग दिखा? बताइए क्या बदला है, हम जाँच करेंगे।
जानकारी कहाँ से ली गई
स्रोत
आख़िरी जाँच:
- Kedartal — Wikipedia
- Kedartal Trek — Bikat Adventures
- Kedartal Lake Trek — Himalaya Shelter
- Kedartal Trek 2026 - Itinerary, Dates, Cost, Best Time, Package, Guides — Himalayan Dream Treks
- Gangotri National Park Reopens For Trek: Date, Permits, And What Travellers Need To Know — Outlook Traveller
- Gangotri National Park — Incredible India (Ministry of Tourism, Government of India) (सरकारी)
फ़ोटो: Kailas98, CC BY-SA 3.0; Ravi Pandey, CC BY-SA 4.0; Peter Andersen, CC BY-SA 3.0; Arunsingh, CC BY-SA 3.0




