सतोपंथ ताल ट्रेक
चमोली, उत्तराखंड
इस फ़ोन पर बिना नेटवर्क के खुलेगा, नक्शे की फ़ाइल और सूची के साथ। ऑफ़लाइन सहेजे गए →
- सबसे ऊँचा बिंदु
- 4,360 मी
- दिन
- 7 दिन
- दूरी
- 41 किमी
- कठिनाई
- कठिन
ऑपरेटर इसे मध्यम से कठिन बताते हैं: शुरुआत ही बद्रीनाथ में लगभग 3,100 मी से होती है और चक्रतीर्थ तक हर दिन 500 मी से ज़्यादा चढ़ाई है, इसलिए ऊँचाई की बीमारी (AMS) का ख़तरा असली है; झील तक के आख़िरी 5 किमी ढीले बोल्डरों और ग्लेशियर के मलबे (मोरेन) पर से गुज़रते हैं, और पूरे रास्ते में न कोई चाय की दुकान है, न कोई आसरा।
तस्वीरें
रास्ते की झलक
रास्ता
दिन-ब-दिन
दिन 1
ऋषिकेश → बद्रीनाथ
340 मी → 3,100 मी
दिन 2
बद्रीनाथ → बद्रीनाथ (अनुकूलन का दिन, चाहें तो माणा तक पैदल घूम आएँ)
3,100 मी → 3,100 मी
दिन 3
बद्रीनाथ → लक्ष्मी वन (माणा और वसुधारा झरना होते हुए)
3,100 मी → 3,620 मी
दिन 4
लक्ष्मी वन → चक्रतीर्थ (सहस्रधारा होते हुए)
3,620 मी → 4,160 मी
दिन 5 · सबसे ऊँचा बिंदु
चक्रतीर्थ → चक्रतीर्थ (सतोपंथ ताल होकर वापस)
4,160 मी → 4,360 मी → 4,160 मी
दिन 6
चक्रतीर्थ → बद्रीनाथ (लक्ष्मी वन और माणा होते हुए)
4,160 मी → 3,100 मी
दिन 7
बद्रीनाथ → ऋषिकेश
3,100 मी → 340 मी
चढ़ाई और उतराई
ऊँचाई का ग्राफ़
कहाँ है
नक्शा
सिर्फ़ शुरुआत और सबसे ऊँची जगह के निशान — पूरा रास्ता नहीं। इसे किसी अच्छे नक़्शे के साथ ही इस्तेमाल करें।
मौसम
रास्ते पर अगले 5 दिन का मौसम
ट्रेक शुरू होने की जगह और सबसे ऊँची जगह का ताज़ा पूर्वानुमान। पहाड़ में मौसम जल्दी बदलता है — निकलने वाले दिन सुबह फिर से देखें।
शुरुआत · माणा गाँव
3,100 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
सबसे ऊँची जगह · सतोपंथ ताल
4,360 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
हर दिन: अधिकतम / न्यूनतम °C · बारिश मिमी और संभावना · बर्फ़ सेमी · हवा किमी/घंटा
मौसम का डेटा: ओपन-मीटियोयह कंप्यूटर मॉडल का अनुमान है, सरकारी चेतावनी नहीं। चेतावनी के लिए मौसम विभाग (IMD) और स्थानीय प्रशासन की सूचना मानें।
यात्रा की तैयारी
कैसे पहुँचें
- ट्रेलहेड
- माणा गाँव (नज़दीकी क़स्बा: बद्रीनाथ)
- नज़दीकी रेलवे स्टेशन
- योग नगरी ऋषिकेश (हरिद्वार या देहरादून भी)
- नज़दीकी हवाई अड्डा
- जॉली ग्रांट हवाई अड्डा, देहरादून
- सड़क से
- ऋषिकेश (देवप्रयाग, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग और जोशीमठ होते हुए लगभग 300 किमी; बस का किराया लगभग ₹650); जोशीमठ (लगभग 45 किमी; बद्रीनाथ के लिए शेयर्ड टैक्सी मिलती हैं)
- गाड़ी से
- ऋषिकेश से लगभग 11 घंटे
यात्रा की तैयारी
परमिट और शुल्क
हम किसी सरकारी स्रोत से मौजूदा परमिट नियम और शुल्क पक्का नहीं कर पाए। जाने से पहले स्थानीय वन विभाग या पर्यटन कार्यालय से पूछ लें।
यात्रा की तैयारी
ख़र्च
ख़ुद से
₹10,000–20,000
ऑपरेटर के साथ
₹23,600–27,900
प्रति व्यक्ति, ऋषिकेश/देहरादून से। अक्टूबर 2026 में छपी गाइडेड क़ीमतें: ट्रेक द हिमालयाज़ ₹22,500 + 5% जीएसटी, ऋषिकेश से (8 दिन); हिमालय शेल्टर ₹26,500 + 5% जीएसटी, देहरादून से (6 दिन); ई-उत्तरांचल ₹23,000-25,500 + 5% जीएसटी, जोशीमठ से (6 दिन)। व्हाइटमैजिक होटल में ठहराव वाला प्रीमियम पैकेज देहरादून से ₹74,900 में बेचता है। ख़ुद से जाने का ख़र्च एक अनुमान है: ऋषिकेश-बद्रीनाथ आने-जाने की बस (हर तरफ़ लगभग ₹650), बद्रीनाथ में दो या तीन रातें, और माणा या बद्रीनाथ से एक स्थानीय गाइड (₹1,000-1,500 प्रतिदिन), रसोइया (लगभग ₹1,000 प्रतिदिन) और पोर्टर (लगभग ₹800 प्रतिदिन), जैसा इंडियाहाइक्स बताता है; साथ में चार दिन के लिए टेंट और खाना, जिसका ख़र्च छोटे ग्रुप में बँट जाता है।
सामान
इस ट्रेक के लिए सबसे ज़रूरी सामान
इस रास्ते पर सबसे ज़्यादा काम आने वाला सामान, इसकी ऊँचाई, मौसम और ख़तरों के हिसाब से चुना गया।
विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंकमाइक्रोस्पाइक्स (जूतों पर लगने वाले काँटे)
ज़रूरीरास्ते में बर्फ़ और ग्लेशियर
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दुकान वाले बटन उस दुकान पर खोज खोलते हैं, हमारा चुना हुआ कोई सामान नहीं। अमेज़न एसोसिएट के रूप में हम योग्य ख़रीदारियों से कमाई करते हैं। फ़ोटो सिर्फ़ सामान का प्रकार दिखाती हैं, कोई ख़ास प्रोडक्ट नहीं। एफ़िलिएट जानकारी
सामान की सूची
इस ट्रेक के हिसाब से: ऊँचाई, मौसम, दिन और रास्ते के ख़तरे।
36 में से 0 रख लिए
4,360 मी के आसपास गर्मी में भी रात को पारा शून्य के पास जा सकता है। जितना सोचते हैं, उससे एक गर्म कपड़ा ज़्यादा रखें।
बैग में रखते ही हर चीज़ पर निशान लगाएँ।
जाने से पहले जानें
काम की बातें
- मोबाइल नेटवर्क
- बद्रीनाथ क़स्बे में मोबाइल सिग्नल मिलता है; माणा के आगे नेटवर्क के बारे में हमें कोई स्रोत नहीं मिला, इसलिए मान कर चलें कि रास्ते में नेटवर्क नहीं होगा।
- आख़िरी एटीएम
- नक़द निकालने के लिए जोशीमठ भरोसेमंद जगह है; रास्ते में न कोई एटीएम है, न दुकान, इसलिए नक़द साथ रखें।
- नज़दीकी अस्पताल
- बद्रीनाथ में सिर्फ़ प्राथमिक इलाज; सबसे पास का अस्पताल जोशीमठ में; गंभीर मामलों में एम्स ऋषिकेश
- पानी
- पूरे रास्ते अलकनंदा और उसके किनारे के नाले, और चक्रतीर्थ से पहले सहस्रधारा के झरने। कोई चाय या खाने की दुकान नहीं है, इसलिए स्टोव और खाना साथ लें, और सारा पानी साफ़ करके पिएँ।
ख़ास बातें
- सतोपंथ ताल, पन्ने जैसे हरे पानी वाली तिकोनी झील, जिसके तीनों कोने भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और महादेव के घाट के रूप में पूजे जाते हैं; ऊपर चौखंबा, नीलकंठ और बालाकुन की चोटियाँ
- पांडवों के स्वर्गारोहण के मार्ग पर चलना — महाभारत की वह कथा जिसमें पांडव अपनी अंतिम यात्रा पर माणा से स्वर्गारोहिणी की ओर गए; झील से स्वर्गारोहिणी चोटी दिखाई देती है
- भारत-तिब्बत सीमा से पहले भारत के आख़िरी गाँव माणा के आगे, रास्ते के किनारे लगभग 400 फ़ीट से गिरता वसुधारा झरना
- नीलकंठ पर्वत के नीचे सैकड़ों छोटे झरनों वाली चट्टान सहस्रधारा, और लक्ष्मी वन के भोजपत्र (हिमालयी बर्च) के झुरमुट
- सतोपंथ ग्लेशियर के किनारे चक्रतीर्थ के बुग्याल पर कैंपिंग
जोखिम
- तेज़ चढ़ाई: बद्रीनाथ ख़ुद लगभग 3,100 मी पर है और ट्रेकिंग के दो दिन बाद चक्रतीर्थ 4,100 मी से ऊपर है। इंडियाहाइक्स बद्रीनाथ में एक दिन अनुकूलन के लिए रुकने और ऊँचाई की बीमारी (AMS) के लक्षणों पर कड़ी नज़र रखने की सलाह देता है।
- झील तक के आख़िरी 5 किमी ढीले बोल्डरों और ग्लेशियर के मलबे पर से गुज़रते हैं; गिरना या टखना मुड़ना यहाँ का सबसे बड़ा ख़तरा है, और ट्रेकिंग पोल मदद करते हैं।
- जुलाई-अगस्त की मानसूनी बारिश में बद्रीनाथ सड़क पर भूस्खलन होते हैं और रास्ते फिसलन भरे हो जाते हैं; हिमालय शेल्टर इन महीनों से बचने को कहता है और हिमालयन ड्रीम ट्रेक्स मानसून को बहुत जोखिम भरा बताता है।
- बर्फ़: हिमालयन ड्रीम ट्रेक्स नवंबर को शुरुआती सर्दी मानता है, सिर्फ़ अनुभवी ट्रेकरों के लिए, और हिमालय शेल्टर के अनुसार अक्टूबर से अप्रैल तक की बर्फ़बारी रास्ता बंद कर सकती है; विकिपीडिया के अनुसार झील मई के बीच या जून तक जमी रहती है।
- माणा के बाद न कोई बस्ती है, न दुकान, न चाय की दुकान। ख़ुद से जाने वाले ट्रेकरों को सारा खाना, ईंधन और टेंट साथ ले जाने होंगे, और इंडियाहाइक्स लक्ष्मी वन के आगे स्थानीय गाइड रखने की सलाह देता है, क्योंकि वहाँ से रास्ता पहचानना मुश्किल है।
- यह भारत-तिब्बत सीमा का इलाक़ा है: जोशीमठ से वन/इनर लाइन परमिट ज़रूरी है और रास्ते में सेना की चेक-पोस्ट हैं।
जाने से पहले जानें
सवाल-जवाब
सतोपंथ ताल ट्रेक कितना कठिन है? क्या नए ट्रेकर इसे कर सकते हैं?
ऑपरेटर इसे मध्यम से कठिन बताते हैं। रोज़ की दूरी 7-15 किमी है, लेकिन ऊँचाई तेज़ी से बढ़ती है — बद्रीनाथ में 3,100 मी से चक्रतीर्थ में 4,100 मी से ऊपर तक — और झील तक का आख़िरी हिस्सा बोल्डरों और मोरेन पर है। इंडियाहाइक्स और हिमालयन ड्रीम ट्रेक्स पहले हिमालय में ट्रेकिंग का अनुभव होने की सलाह देते हैं।
सतोपंथ ताल के लिए कौन सा परमिट चाहिए?
इंडियाहाइक्स के अनुसार इनर लाइन परमिट ज़रूरी है, जो जोशीमठ में नंदा देवी बायोस्फ़ीयर रिज़र्व का प्रभागीय वन कार्यालय जारी करता है (फ़ोन 01389-222179)। हिमालयन ड्रीम ट्रेक्स बताता है कि इसके लिए उत्तराखंड के पर्वतारोहण परमिट पोर्टल पर ऑनलाइन भी आवेदन किया जा सकता है। मौजूदा सरकारी फ़ीस हम पक्की नहीं कर पाए, इसलिए जोशीमठ में पता कर लें; गाइडेड ग्रुप में परमिट शामिल रहता है।
सतोपंथ ताल ट्रेक का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
मई-जून और सितंबर-अक्टूबर। मानसून के भूस्खलन के कारण ऑपरेटर जुलाई-अगस्त में न जाने की सलाह देते हैं, और कड़ी सर्दी (दिसंबर-फ़रवरी) में यह ट्रेक नहीं होता, जब झील जमी रहती है और रास्ता बर्फ़ के नीचे होता है।
क्या सतोपंथ ताल पर कैंप कर सकते हैं?
ग्रुप झील से लगभग 5 किमी पहले चक्रतीर्थ में कैंप करते हैं, एक लंबे दिन (लगभग 8 घंटे) में झील तक जाकर लौट आते हैं, और कैंप पर वापस आते हैं। हिमालयन ड्रीम ट्रेक्स बताता है कि झील के पास कुछ साधु रहते हैं, लेकिन ट्रेकर उसी दिन लौट आते हैं।
क्या सतोपंथ ताल के लिए गाइड ज़रूरी है?
लक्ष्मी वन तक अलकनंदा के किनारे का रास्ता आसानी से समझ आता है, लेकिन इंडियाहाइक्स के अनुसार उसके आगे रास्ता ढूँढना मुश्किल है और गाइड चाहिए। माणा और बद्रीनाथ में स्थानीय गाइड मिल जाते हैं।
आपात स्थिति में
नेटवर्क जाने से पहले ये नंबर सेव कर लें। कॉल करने के लिए दबाएँ।
- 112हर आपात स्थितिभारत का एक ही आपातकालीन नंबर — हर राज्य में चलता है
- 108एंबुलेंस
- 1077ज़िला आपदा नियंत्रण कक्ष
आप यहाँ हैं
ज़िला: चमोलीउत्तराखंड
- सबसे नज़दीकी अस्पताल
- बद्रीनाथ में सिर्फ़ प्राथमिक इलाज; सबसे पास का अस्पताल जोशीमठ में; गंभीर मामलों में एम्स ऋषिकेश
- आख़िरी एटीएम
- नक़द निकालने के लिए जोशीमठ भरोसेमंद जगह है; रास्ते में न कोई एटीएम है, न दुकान, इसलिए नक़द साथ रखें।
- फ़ोन नेटवर्क
- बद्रीनाथ क़स्बे में मोबाइल सिग्नल मिलता है; माणा के आगे नेटवर्क के बारे में हमें कोई स्रोत नहीं मिला, इसलिए मान कर चलें कि रास्ते में नेटवर्क नहीं होगा।
निकलने से पहले
- किसी को अपना रास्ता और लौटने का समय बताकर जाएँ।
- फ़ोन पूरा चार्ज रखें और पावर बैंक साथ लें।
- रास्ते का ऑफ़लाइन नक्शा डाउनलोड कर लें।
- मौसम बिगड़े तो लौट आएँ — पहाड़ कहीं नहीं जाएगा।
सतोपंथ ताल के बारे में सवाल
अभी कोई सवाल नहीं है। कुछ पूछें, जो लोग यह ट्रेक कर चुके हैं वे जवाब दे सकते हैं।
अपनी ट्रेक की तस्वीर #TreksAndTrails के साथ डालें
मैंने यह ट्रेक किया है
क्या सतोपंथ ताल इस पेज से अलग दिखा? बताइए क्या बदला है, हम जाँच करेंगे।
जानकारी कहाँ से ली गई
स्रोत
आख़िरी जाँच:
- Satopanth Tal Trek — Indiahikes
- Satopanth Tal Trek 2026: Complete Itinerary, Duration, Lake & More — Himalayan Dream Treks
- Satopanth Lake Trek — Trek The Himalayas
- Satopanth Lake Trek - Weather, itinerary, best time to visit — Himalaya Shelter
- Satopanth Tal — WhiteMagic Adventure
- Satopanth Lake 5 Nights Short Trek from Joshimath — eUttaranchal
- Satopanth Tal — Wikipedia
फ़ोटो: Photos Worldwide, CC0; Photos Worldwide, CC BY-SA 4.0; Soumit ban, Public domain; Soumit ban, Public domain




