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ट्रेक के लिए फ़िट कैसे बनें

आसान से कठिन ट्रेक के लिए कितनी फ़िटनेस चाहिए, घर पर किया जा सकने वाला 8 हफ़्ते का ट्रेनिंग प्लान, और वे चेतावनी संकेत जिन पर रुक जाना चाहिए।

अपडेट

कितनी फ़िटनेस काफ़ी है

ट्रेक का मतलब है रोज़ कई घंटे पैदल चलना, ज़्यादातर चढ़ाई या उतराई पर, अक्सर पीठ पर बैग के साथ, और लगातार कई दिन। आपको खिलाड़ी होने की ज़रूरत नहीं है। लेकिन आपको लगातार चलते रहने, रात भर में थकान उतारने और अगले दिन फिर से वही करने लायक़ होना चाहिए।

शुरुआत के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का वयस्कों के लिए बुनियादी पैमाना अच्छा है: हफ़्ते में 150–300 मिनट मध्यम गतिविधि (तेज़ चलना, साइकिल चलाना) या 75–150 मिनट ज़ोरदार गतिविधि (दौड़ना), साथ में हफ़्ते में दो या ज़्यादा दिन मांसपेशियाँ मज़बूत करने वाली कसरत। 65 साल से ज़्यादा उम्र के वयस्कों के लिए WHO हफ़्ते में तीन या ज़्यादा दिन संतुलन और ताक़त की कसरत भी जोड़ता है। अगर आप अभी इस पैमाने तक नहीं पहुँचे हैं, तो हिमालय के किसी ट्रेक के बारे में सोचने से पहले यहीं से शुरू करें।

हमारे कठिनाई स्तरों को ऐसे समझें। ये हमारे अपने अनुभव पर आधारित नियम हैं, कोई मेडिकल मानक नहीं:

  • आसान। साफ़ रास्तों पर छोटे दिन, आमतौर पर एक या दो दिन। अगर आप पहले से WHO के पैमाने पर खरे उतरते हैं और छोटे बैग के साथ दो घंटे तेज़ चल सकते हैं, तो आप तैयार हैं।
  • मध्यम। लगातार चढ़ाई वाले लंबे दिन, कभी-कभी लगातार कई दिन। नीचे दिया 8 हफ़्ते का प्लान पूरा करें और हफ़्ते 8 के लक्ष्य आराम से पूरे कर पाएँ।
  • कठिन। लंबे, खड़ी चढ़ाई वाले दिन, ऊबड़-खाबड़ ज़मीन और ज़्यादा ऊँचे कैंप। प्लान समय से पहले पूरा करें, और असली चढ़ाई वाली ज़्यादा वज़न वाली सैर जोड़ें।
  • चुनौतीपूर्ण। ऊँचे दर्रे, बर्फ़, या बहुत लंबे दिन। तीन महीने या उससे पहले ट्रेनिंग शुरू करें, और ट्रेक आयोजक के फ़िटनेस टेस्ट को ध्यान में रखकर योजना बनाएँ।

कुछ आयोजक साफ़ लक्ष्य तय करते हैं। सर्दियों के हिमालयी ट्रेक के लिए इंडियाहाइक्स ट्रेकर्स से कम से कम 1.5–2 महीने पहले तैयारी शुरू करने और 5 किमी 40 मिनट में दौड़ने का लक्ष्य रखने को कहता है। वह यह भी बताता है कि सर्दी किसी ट्रेक को कम से कम एक स्तर ज़्यादा कठिन बना देती है।

फ़िटनेस आपको ऊँचाई की बीमारी से नहीं बचाती। हमारी ऊँचाई की बीमारी गाइड भी पढ़ें।

8 हफ़्ते का प्लान

WHO कहता है कि कुछ न करने से थोड़ी गतिविधि बेहतर है। अगर आप कम गतिविधि से शुरू कर रहे हैं, तो छोटे से शुरू करें और धीरे-धीरे बढ़ाएँ। यह प्लान इसी तरह काम करता है।

  • प्लान हफ़्ते में 5 दिन करें और बाक़ी 2 दिन आराम करें।
  • ताक़त वाले दिन (हफ़्ते में दो बार): स्क्वैट, लंज, स्टेप-अप, काफ़ रेज़ और प्लैंक। हर एक के 10–12 के 2 सेट से शुरू करें।
  • हर सेशन से पहले और बाद में 5–10 मिनट धीरे-धीरे चलें। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन यही वार्म-अप और कूल-डाउन सुझाता है।
  • ज़्यादातर सेशन में इतनी मेहनत करें कि साँस तेज़ चले, लेकिन आप फिर भी बात कर सकें।
हफ़्ता कार्डियो (3 दिन) सीढ़ियाँ या पहाड़ी (1 दिन) वज़न के साथ सैर (1 दिन)
1 तेज़ चलना 30 मिनट 10 मिनट सीढ़ियाँ 1 घंटा, 4 किलो बैग
2 तेज़ चलना 40 मिनट 15 मिनट सीढ़ियाँ 1.5 घंटे, 4 किलो
3 चलना–जॉगिंग 30 मिनट 20 मिनट सीढ़ियाँ 2 घंटे, 5 किलो
4 जॉगिंग 2–3 किमी 20 मिनट सीढ़ियाँ, 5 किलो बैग 2 घंटे, 6 किलो, चढ़ाई के साथ
5 जॉगिंग 3–4 किमी 25 मिनट सीढ़ियाँ, 6 किलो 3 घंटे, 7 किलो
6 जॉगिंग 4–5 किमी 30 मिनट सीढ़ियाँ, 7 किलो 3–4 घंटे, 8 किलो
7 जॉगिंग 5 किमी, अपना समय सुधारें 30–40 मिनट सीढ़ियाँ, 8 किलो 4–5 घंटे, 8–10 किलो
8 जॉगिंग 5 किमी, फिर यात्रा से पहले 2 दिन आराम 20 मिनट सीढ़ियाँ, हल्का 3 घंटे, ट्रेक जितना वज़न

अगर कोई हफ़्ता बहुत कठिन लगे, तो आगे बढ़ने की बजाय उसे दोहराएँ। अगर आप जॉगिंग की जगह साइकिल चलाते या तैरते हैं, तो समय और मेहनत उतनी ही रखें। वज़न के साथ सैर सबसे ज़रूरी सेशन है, इसलिए इसे न छोड़ें।

सीढ़ियाँ और वज़न के साथ सैर

ट्रेक में ज़्यादातर चढ़ना और उतरना होता है, इसलिए ठीक इसी की ट्रेनिंग करें।

सीढ़ियाँ। अपनी बिल्डिंग की सीढ़ियाँ, किसी स्टेडियम या मंदिर की सीढ़ियाँ इस्तेमाल करें।

  • ऐसी स्थिर रफ़्तार से ऊपर चढ़ें जो पूरे सेशन चल सके। दौड़ें नहीं।
  • सावधानी से नीचे उतरें। लंबी उतराई हर ट्रेक का हिस्सा है, इसलिए उसका भी अभ्यास करें।
  • जब ख़ाली सीढ़ियाँ आसान लगने लगें, तब बैग जोड़ें।

वज़न के साथ सैर। इससे आपके पैर, कंधे और पीठ घंटों बैग उठाने के आदी होते हैं।

  • वही जूते पहनें जिनमें आप ट्रेक करेंगे, ताकि यात्रा से पहले वे पैरों में ढल जाएँ।
  • अपने ट्रेक बैग में पानी की बोतलें या किताबें भरें, और हफ़्ते-दर-हफ़्ते वज़न बढ़ाते हुए उतने तक ले जाएँ जितना आप ट्रेक पर उठाएँगे।
  • हो सके तो पहाड़ियाँ, कोई घाट रोड या क़िले का रास्ता ढूँढें। वीकेंड पर पास का कोई छोटा ट्रेक सबसे अच्छी ट्रेनिंग है।

अगर आप किसी समतल शहर में रहते हैं, तो सीढ़ियाँ और वज़न के साथ सैर और भी ज़रूरी हो जाती हैं। इनकी जगह सिर्फ़ जिम की मशीनें इस्तेमाल न करें।

रुक जाने के चेतावनी संकेत

ट्रेनिंग से आपको थकान होनी चाहिए, बीमारी नहीं। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन उन चेतावनी संकेतों की सूची देता है जो बताते हैं कि आप ज़रूरत से ज़्यादा मेहनत कर रहे हैं:

  • सीने में दर्द, दबाव, भिंचाव, जलन या जकड़न, जो बाँह, कंधे, पीठ, गले या जबड़े तक फैल सकती है
  • सिर हल्का लगना, चक्कर आना या उलझन होना
  • असामान्य या बहुत ज़्यादा साँस फूलना
  • तेज़ या अनियमित धड़कन
  • गतिविधि के बाद बहुत ज़्यादा थकान

कसरत के दौरान या बाद में इनमें से कुछ भी दिखे, तो रुक जाएँ और डॉक्टर को दिखाएँ। अगर सीने का दर्द कुछ मिनट से ज़्यादा रहे, या उसके साथ जी मिचलाए या पसीना आए, तो तुरंत 112 पर कॉल करें या सबसे पास के अस्पताल पहुँचें। यह हार्ट अटैक हो सकता है।

यह प्लान शुरू करने से पहले, और किसी ऊँचे ट्रेक से पहले, डॉक्टर से बात करें अगर आप:

  • दिल की बीमारी, फेफड़ों की बीमारी या डायबिटीज़ से पीड़ित हैं। CDC सलाह देता है कि ऊँचाई की यात्रा से पहले ऐसे डॉक्टर को दिखाएँ जो ऊँचाई की चिकित्सा जानता हो, भले ही आपकी बीमारी अच्छी तरह क़ाबू में हो।
  • गर्भवती हैं
  • लंबे समय से कोई गतिविधि नहीं कर रहे, या बड़ी उम्र में नए सिरे से शुरू कर रहे हैं

अपने ट्रेक आयोजक से पूछें कि उन्हें कौन-सा मेडिकल सर्टिफ़िकेट या फ़िटनेस टेस्ट चाहिए। हिमालय के कई ट्रेक शुरू करने से पहले इसकी माँग करते हैं।

स्रोत

  1. World Health Organization 2020 guidelines on physical activity and sedentary behaviour (Bull FC et al., Br J Sports Med 2020)
  2. World Health Organization: Physical activity fact sheet
  3. American Heart Association: Develop a Physical Activity Plan for You (warning signs, warm-up and cool-down)
  4. Indiahikes: How to Prepare for a Himalayan Winter Trek
  5. CDC Yellow Book: High-Altitude Travel and Altitude Illness