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भारत में ट्रेकिंग की आसान गाइड: परमिट, ऊँचाई की बीमारी, फ़िटनेस, सामान, सुरक्षा, मानसून ट्रेकिंग और प्रकृति को साफ़ रखना।
- भारत में ट्रेकिंग परमिट
उत्तराखंड, हिमाचल, सिक्किम, पूर्वोत्तर और पश्चिमी घाट में भारतीय और विदेशी ट्रेकरों को कौन से परमिट चाहिए, और वे कहाँ से मिलते हैं।
- भारतीय ट्रेक पर ऊँचाई की बीमारी
AMS, HAPE और HACE को कैसे पहचानें, 3,000 मी से ऊपर कितनी तेज़ी से चढ़ें, कब वापस लौटें, और दवाओं से पहले डॉक्टर की सलाह क्यों ज़रूरी है।
- ट्रेक के लिए फ़िट कैसे बनें
आसान से कठिन ट्रेक के लिए कितनी फ़िटनेस चाहिए, घर पर किया जा सकने वाला 8 हफ़्ते का ट्रेनिंग प्लान, और वे चेतावनी संकेत जिन पर रुक जाना चाहिए।
- ट्रेकिंग सामान की चेकलिस्ट
भारतीय ट्रेक के लिए पैकिंग की काम की चेकलिस्ट: कपड़ों की परतें, जूते, बैग, सोने का सामान, पानी, फ़र्स्ट एड, और मानसून व सर्दी के लिए अतिरिक्त सामान।
- भारत में ट्रेकिंग के दौरान सुरक्षा
भारतीय रास्तों के लिए काम की सुरक्षा बातें: अपना प्लान किसी को बताना, मौसम और भूस्खलन के संकेत पहचानना, नदी पार करना, जंगली जानवर, अकेले ट्रेक करना और 112 पर कॉल करना।
- भारत में मानसून ट्रेकिंग
मानसून में कहाँ ट्रेक ठीक रहते हैं, जोंक, फिसलन भरी चट्टान और अचानक आने वाली बाढ़ से कैसे निपटें, कौन से किले और झरने बंद होते हैं, और क्या साथ ले जाएँ।
- भारतीय रास्तों पर लीव नो ट्रेस
लीव नो ट्रेस के सात सिद्धांत भारतीय ट्रेक पर: प्लास्टिक और हिमालय का कचरा, कैंप में शौच, और मंदिरों व गाँवों का सम्मान।