बुरान घाटी ट्रेक
शिमला, हिमाचल प्रदेश
इस फ़ोन पर बिना नेटवर्क के खुलेगा, नक्शे की फ़ाइल और सूची के साथ। ऑफ़लाइन सहेजे गए →
- सबसे ऊँचा बिंदु
- 4,572 मी
- दिन
- 7 दिन
- दूरी
- 40.5 किमी
- कठिनाई
- कठिन
लगभग 4,572 मी का ऊँचा दर्रा, जिसे पार करने का दिन धुंडा से किन्नौर की ओर के रिवर कैंप तक 9-10 घंटे का है; सीज़न की शुरुआत में दर्रे और उसकी चढ़ाई पर बर्फ़ रहती है, और बाद के सीज़न में उतराई ढीले बोल्डरों पर होती है। इंडियाहाइक्स और ट्रेक द हिमालयाज़ इसे मध्यम-कठिन बताते हैं।
तस्वीरें
रास्ते की झलक
रास्ता
दिन-ब-दिन
दिन 1
शिमला → जांगलिक (गाड़ी से, रोहड़ू और चिड़गाँव होते हुए लगभग 150 किमी)
2,200 मी → 2,865 मी
दिन 2
जांगलिक → दयारा थाच
2,865 मी → 3,386 मी
दिन 3
दयारा थाच → लिथम
3,386 मी → 3,500 मी
दिन 4
लिथम → लिथम (चंद्रनाहन झील होते हुए)
3,500 मी → 3,970 मी → 3,500 मी
दिन 5
लिथम → धुंडा
3,500 मी → 4,090 मी
दिन 6 · सबसे ऊँचा बिंदु
धुंडा → रिवर कैंप, मुनिरंग (बुरान घाटी होते हुए)
4,090 मी → 4,572 मी → 3,275 मी
दिन 7
रिवर कैंप → बरुआ (गाड़ी से शिमला)
3,275 मी → 2,355 मी
चढ़ाई और उतराई
ऊँचाई का ग्राफ़
कहाँ है
नक्शा
सिर्फ़ शुरुआत और सबसे ऊँची जगह के निशान — पूरा रास्ता नहीं। इसे किसी अच्छे नक़्शे के साथ ही इस्तेमाल करें।
मौसम
रास्ते पर अगले 5 दिन का मौसम
ट्रेक शुरू होने की जगह और सबसे ऊँची जगह का ताज़ा पूर्वानुमान। पहाड़ में मौसम जल्दी बदलता है — निकलने वाले दिन सुबह फिर से देखें।
शुरुआत · जांगलिक
2,865 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
सबसे ऊँची जगह · बुरान घाटी दर्रा
4,572 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
हर दिन: अधिकतम / न्यूनतम °C · बारिश मिमी और संभावना · बर्फ़ सेमी · हवा किमी/घंटा
मौसम का डेटा: ओपन-मीटियोयह कंप्यूटर मॉडल का अनुमान है, सरकारी चेतावनी नहीं। चेतावनी के लिए मौसम विभाग (IMD) और स्थानीय प्रशासन की सूचना मानें।
यात्रा की तैयारी
कैसे पहुँचें
- ट्रेलहेड
- जांगलिक (नज़दीकी क़स्बा: चिड़गाँव)
- नज़दीकी रेलवे स्टेशन
- शिमला (कालका से नैरो गेज); सबसे नज़दीकी ब्रॉड गेज स्टेशन कालका है
- नज़दीकी हवाई अड्डा
- शिमला (जुब्बड़हट्टी) हवाई अड्डा; चंडीगढ़ से ज़्यादा उड़ानें मिलती हैं
- सड़क से
- शिमला (ठियोग, कोटखाई, हाटकोटी, रोहड़ू और चिड़गाँव होते हुए जांगलिक तक लगभग 150 किमी); वापसी बरुआ से सांगला, करछम और रामपुर होते हुए शिमला (लगभग 200-250 किमी)
- गाड़ी से
- शिमला से लगभग 8 घंटे
यात्रा की तैयारी
परमिट और शुल्क
हम किसी सरकारी स्रोत से मौजूदा परमिट नियम और शुल्क पक्का नहीं कर पाए। जाने से पहले स्थानीय वन विभाग या पर्यटन कार्यालय से पूछ लें।
यात्रा की तैयारी
ख़र्च
ख़ुद से
₹9,000–15,000
ऑपरेटर के साथ
₹16,500–20,000
प्रति व्यक्ति, शिमला से अगर आने-जाने की गाड़ी ऑपरेटर से बुक हो, वरना जांगलिक से। अक्टूबर 2026 में छपी गाइडेड क़ीमतें: बिकट एडवेंचर्स ₹16,500 + 5% जीएसटी; ट्रेक द हिमालयाज़ ₹17,500 + 5% जीएसटी (शिमला से गाड़ी अलग से); ट्रेक्स एंड ट्रेल्स इंडिया ₹17,499 (तीन लोगों के साथ ठहरने पर) या ₹18,999 (दो लोगों के साथ ठहरने पर) + 5% जीएसटी; इंडियाहाइक्स अपनी फ़ीस अमेरिकी डॉलर (USD) में बताता है और कैब के लिए हर ट्रेकर से ₹1,650 (शिमला-जांगलिक) और ₹2,450 (बरुआ-शिमला) लेता है। ख़ुद से जाने का ख़र्च एक अनुमान है: शिमला-रोहड़ू-जांगलिक और बरुआ-सांगला-शिमला की बसें या शेयर्ड टैक्सी, स्थानीय गाइड और पोर्टर या खच्चर, टेंट और स्टोव का किराया, खाना और वन कैंपिंग शुल्क।
सामान
इस ट्रेक के लिए सबसे ज़रूरी सामान
इस रास्ते पर सबसे ज़्यादा काम आने वाला सामान, इसकी ऊँचाई, मौसम और ख़तरों के हिसाब से चुना गया।
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विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंकबालाक्लावा (चेहरा ढकने वाली ऊनी टोपी)
ज़रूरी4,500 मी से ऊपर: गर्मी में भी तेज़ हवा और ठंड
दुकान वाले बटन उस दुकान पर खोज खोलते हैं, हमारा चुना हुआ कोई सामान नहीं। अमेज़न एसोसिएट के रूप में हम योग्य ख़रीदारियों से कमाई करते हैं। फ़ोटो सिर्फ़ सामान का प्रकार दिखाती हैं, कोई ख़ास प्रोडक्ट नहीं। एफ़िलिएट जानकारी
सामान की सूची
इस ट्रेक के हिसाब से: ऊँचाई, मौसम, दिन और रास्ते के ख़तरे।
34 में से 0 रख लिए
मई में रास्ते पर बर्फ़: माइक्रोस्पाइक्स, गेटर और गर्म कपड़े ज़रूर रखें।
बैग में रखते ही हर चीज़ पर निशान लगाएँ।
जाने से पहले जानें
काम की बातें
- मोबाइल नेटवर्क
- चिड़गाँव के आगे नेटवर्क कभी-कभार ही मिलता है; ट्रेक पर सिग्नल न मिलने की उम्मीद रखें और ऑफ़लाइन नक्शे साथ रखें।
- आख़िरी एटीएम
- रोहड़ू, शिमला से जांगलिक जाने वाली सड़क पर
- नज़दीकी अस्पताल
- प्राथमिक इलाज के लिए रोहड़ू का सिविल अस्पताल; गंभीर मामलों में IGMC शिमला
- पानी
- दयारा, लिथम और रिवर कैंप पर नाले और बर्फ़ का पिघला पानी; धुंडा बर्फ़ की सीमा के पास है। सारा पानी उबालकर या साफ़ करके पिएँ।
ख़ास बातें
- शिमला ज़िले की पब्बर घाटी से किन्नौर की बास्पा घाटी की ओर लगभग 4,572 मी पर बुरान घाटी दर्रा पार करना
- दयारा थाच, एक चौड़ा ऊँचा बुग्याल, जहाँ गर्मियों में चरवाहे भेड़-बकरियों के बड़े झुंड चराते हैं
- अनुकूलन के लिए पब्बर नदी के उद्गम, चंद्रनाहन झीलों तक की पैदल यात्रा
- ट्रेक का अंत सांगला के पास बरुआ में, किन्नौरी गाँवों और सेब के बागीचों के बीच
जोखिम
- दर्रे वाला दिन 4,000 मी से ऊपर 9-10 घंटे का है; चंद्रनाहन वाले अनुकूलन दिन के बिना ऊँचाई की बीमारी (AMS) का असली ख़तरा है।
- मई और जून में लिथम से पहले और दर्रे पर भारी बर्फ़ रहती है; जून के आख़िर से उतराई ढीले बोल्डरों और मुश्किल पथरीले रास्ते पर होती है।
- जुलाई-अगस्त के मानसून की बारिश से रास्ता फिसलन भरा हो जाता है और जांगलिक जाने वाली व बरुआ से लौटने वाली सड़कों पर भूस्खलन होते हैं।
- मौसम दर्रा पार करना रोक सकता है; ऑपरेटर एक अतिरिक्त दिन रखते हैं।
- मार्च और अप्रैल: इंडियाहाइक्स कहता है कि उसके मध्य मई से जून के सीज़न के बाहर बर्फ़ बहुत होती है और इन महीनों में कोई ऑपरेटर बैच नहीं चलाता; सिर्फ़ एक स्रोत इन महीनों का नाम लेता है, इसलिए इन्हें बंद नहीं गिना गया, लेकिन दर्रा बर्फ़ से ढका मिलेगा, और बर्फ़ के अनुभव और गाइड के बिना इसे न करें।
जाने से पहले जानें
सवाल-जवाब
बुरान घाटी ट्रेक जाने का सबसे अच्छा समय कब है?
मध्य मई से जून के आख़िर तक, जब दर्रे पर अभी बर्फ़ होती है और बुग्याल हरे होते हैं, और मानसून के बाद के साफ़ आसमान के लिए मध्य सितंबर से मध्य अक्टूबर तक। ऑपरेटर इसे सर्दियों में, जब बर्फ़ से दर्रा बंद रहता है, या जुलाई-अगस्त के मानसून में नहीं चलाते।
बुरान घाटी कितना कठिन है?
इंडियाहाइक्स और ट्रेक द हिमालयाज़ इसे मध्यम-कठिन बताते हैं। दर्रे से पहले के ट्रेकिंग दिन 4.5-7.5 किमी के हैं, लेकिन धुंडा से दर्रे वाला दिन लगभग 8.5 किमी और 9-10 घंटे का है, जिसमें लगभग 4,572 मी तक खड़ी चढ़ाई और रिवर कैंप तक लंबी उतराई है। किसी मध्यम ट्रेक का पहले का अनुभव काम आता है।
बेस गाँव जांगलिक कैसे पहुँचें?
जांगलिक शिमला से लगभग 150 किमी दूर है, रोहड़ू और चिड़गाँव होते हुए 8-9 घंटे का सफ़र। ज़्यादातर ऑपरेटर सुबह-सुबह शिमला के पुराने बस अड्डे से पिकअप देते हैं। ट्रेक सांगला के पास बरुआ में ख़त्म होता है, जहाँ से शिमला वापसी 200-250 किमी की है।
क्या रास्ते में मोबाइल नेटवर्क और एटीएम मिलता है?
चिड़गाँव के बाद मोबाइल नेटवर्क कभी-कभार ही मिलता है और ट्रेक पर बिल्कुल नहीं। आख़िरी एटीएम रोहड़ू में है, इसलिए वहीं से नक़द ले लें।
क्या बुरान घाटी के लिए परमिट चाहिए?
वन और कैंपिंग परमिट चाहिए; गाइडेड ऑपरेटर इन्हें बनवाते हैं और भारतीय ट्रेकर्स के लिए इनका ख़र्च पैकेज में जोड़ते हैं, जबकि विदेशियों से अलग शुल्क लगता है। हम मौजूदा सरकारी शुल्क पक्का नहीं कर पाए, इसलिए ख़ुद से जाने वाले वहीं के वन कार्यालय में पता कर लें।
आपात स्थिति में
नेटवर्क जाने से पहले ये नंबर सेव कर लें। कॉल करने के लिए दबाएँ।
- 112हर आपात स्थितिभारत का एक ही आपातकालीन नंबर — हर राज्य में चलता है
- 108एंबुलेंस
- 1077ज़िला आपदा नियंत्रण कक्ष
आप यहाँ हैं
ज़िला: शिमलाहिमाचल प्रदेश
- सबसे नज़दीकी अस्पताल
- प्राथमिक इलाज के लिए रोहड़ू का सिविल अस्पताल; गंभीर मामलों में IGMC शिमला
- आख़िरी एटीएम
- रोहड़ू, शिमला से जांगलिक जाने वाली सड़क पर
- फ़ोन नेटवर्क
- चिड़गाँव के आगे नेटवर्क कभी-कभार ही मिलता है; ट्रेक पर सिग्नल न मिलने की उम्मीद रखें और ऑफ़लाइन नक्शे साथ रखें।
निकलने से पहले
- किसी को अपना रास्ता और लौटने का समय बताकर जाएँ।
- फ़ोन पूरा चार्ज रखें और पावर बैंक साथ लें।
- रास्ते का ऑफ़लाइन नक्शा डाउनलोड कर लें।
- मौसम बिगड़े तो लौट आएँ — पहाड़ कहीं नहीं जाएगा।
बुरान घाटी के बारे में सवाल
अभी कोई सवाल नहीं है। कुछ पूछें, जो लोग यह ट्रेक कर चुके हैं वे जवाब दे सकते हैं।
अपनी ट्रेक की तस्वीर #TreksAndTrails के साथ डालें
मैंने यह ट्रेक किया है
क्या बुरान घाटी इस पेज से अलग दिखा? बताइए क्या बदला है, हम जाँच करेंगे।
जानकारी कहाँ से ली गई
स्रोत
आख़िरी जाँच:
- Buran Ghati Trek — Bikat Adventures
- Buran Ghati Trek — Indiahikes
- Best Time to do the Buran Ghati Trek — Indiahikes
- Buran Ghati Trek — Trek The Himalayas
- Buran Ghati Pass Trek — Himalayan Dream Treks
- Buran Ghati Trek — Treks and Trails India
- Best Time to do the Buran Ghati trek — TrekUp India
फ़ोटो: Sunil Sharma, CC BY-SA 4.0; Shobhla-Himachal, CC BY-SA 4.0; Bharatkaistha, CC BY-SA 4.0; Bharatkaistha, CC BY-SA 4.0




