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फाचू कांडी पास ट्रेक

उत्तरकाशी, उत्तराखंड

कठिन8 दिनसबसे अच्छा: मई–जून, सित–नवबर्फ़ीला ट्रेक

फुलारा रिज से दिखता नज़ारा: शंकुधारी जंगल और पिघलती बर्फ़ के पार साफ़ नीले आसमान के नीचे गढ़वाल की बर्फ़ से ढकी चोटियों की लंबी कतार4,356 मीसबसे ऊँचा बिंदु3 तस्वीरें
सबसे ऊँचा बिंदु
4,356 मी
उपग्रह भू-आकृति के अनुसार लगभग 4,228 मी
दिन
8 दिन
दूरी
45 किमी
कठिनाई
कठिन

सबसे अच्छे महीने मई–जून, सित–नव

  1. जनबंद
  2. फ़रबंद
  3. मार्चबंद
  4. अप्रैबंद
  5. मईसबसे अच्छा
  6. जूनसबसे अच्छा
  7. जुला
  8. अग
  9. सितसबसे अच्छा
  10. अक्टूसबसे अच्छा
  11. नवसबसे अच्छा
  12. दिस

ऑपरेटर इसे मध्यम से कठिन मानते हैं: 3,000 मी से ऊपर छह दिन की पैदल चढ़ाई, फिर दर्रे वाला 11-12 किमी और 7-8 घंटे का दिन, जिसमें सरू ताल से 4,356 मी तक छोटी पर खड़ी चढ़ाई और लेका डोगरी तक करीब 1,700 मी की लंबी उतराई है। पहले से ऊँचाई पर ट्रेकिंग का अनुभव होना ज़रूरी बताया गया है।

तस्वीरें

रास्ते की झलक

फुलारा रिज से दिखता नज़ारा: शंकुधारी जंगल और पिघलती बर्फ़ के पार साफ़ नीले आसमान के नीचे गढ़वाल की बर्फ़ से ढकी चोटियों की लंबी कतार
फुलारा रिज से दिखता नज़ारा: शंकुधारी जंगल और पिघलती बर्फ़ के पार साफ़ नीले आसमान के नीचे गढ़वाल की बर्फ़ से ढकी चोटियों की लंबी कतारफ़ोटो: Pathaharapathik · CC BY-SA 4.0

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रास्ता

दिन-ब-दिन

  1. दिन 1

    देहरादून → सांकरी

    सड़क से · 8.5 घंटे · गेस्टहाउस

    640 मी → 1,950 मी

  2. दिन 2

    सांकरी → जूडा का तालाब

    5 किमी · 4.5 घंटे · कैंप

    1,950 मी → 2,775 मी

  3. दिन 3

    जूडा का तालाब → भोज गाड़ी

    6 किमी · 4.5 घंटे · कैंप

    2,775 मी → 3,350 मी

  4. दिन 4

    भोज गाड़ी → पुश्तारा थाच (फुलारा रिज होते हुए)

    7.5 किमी · 5.5 घंटे · कैंप

    3,350 मी → 3,800 मी

  5. दिन 5

    पुश्तारा थाच → रातेरी (तलोटी)

    5 किमी · 3 घंटे · कैंप

    3,800 मी → 3,960 मी

  6. दिन 6

    रातेरी (तलोटी) → सरू ताल

    4 किमी · 2.5 घंटे · कैंप

    3,960 मी → 4,200 मी

  7. दिन 7 · सबसे ऊँचा बिंदु

    सरू ताल → लेका डोगरी (फाचू कांडी पास होते हुए)

    11.5 किमी · 8 घंटे · कैंप

    4,200 मी → 4,356 मी → 2,600 मी

  8. दिन 8

    लेका डोगरी → हनुमान चट्टी (फिर गाड़ी से देहरादून)

    6 किमी · 11 घंटे · रात नहीं रुकना

    2,600 मी → 2,400 मी

चढ़ाई और उतराई

ऊँचाई का ग्राफ़

1,5002,5003,5004,500सांकरी: 1,950 मी, 0 किमीजूडा का तालाब: 2,775 मी, 5 किमीभोज गाड़ी: 3,350 मी, 11 किमीपुश्तारा थाच (फुलारा रिज होते हुए): 3,800 मी, 18.5 किमीरातेरी (तलोटी): 3,960 मी, 23.5 किमीसरू ताल: 4,200 मी, 27.5 किमीदिन 7 का सबसे ऊँचा बिंदु: 4,356 मी, 33.3 किमीलेका डोगरी (फाचू कांडी पास होते हुए): 2,600 मी, 39 किमीहनुमान चट्टी (फिर गाड़ी से देहरादून): 2,400 मी, 45 किमी
समुद्र तल से ऊँचाई (मीटर) · दूरी 45 किमी

कहाँ है

नक्शा

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सिर्फ़ शुरुआत और सबसे ऊँची जगह के निशान — पूरा रास्ता नहीं। इसे किसी अच्छे नक़्शे के साथ ही इस्तेमाल करें।

मौसम

रास्ते पर अगले 5 दिन का मौसम

ट्रेक शुरू होने की जगह और सबसे ऊँची जगह का ताज़ा पूर्वानुमान। पहाड़ में मौसम जल्दी बदलता है — निकलने वाले दिन सुबह फिर से देखें।

हर दिन: अधिकतम / न्यूनतम °C · बारिश मिमी और संभावना · बर्फ़ सेमी · हवा किमी/घंटा

मौसम का डेटा: ओपन-मीटियोयह कंप्यूटर मॉडल का अनुमान है, सरकारी चेतावनी नहीं। चेतावनी के लिए मौसम विभाग (IMD) और स्थानीय प्रशासन की सूचना मानें।

यात्रा की तैयारी

कैसे पहुँचें

ट्रेलहेड
सांकरी
नज़दीकी रेलवे स्टेशन
देहरादून
नज़दीकी हवाई अड्डा
जॉली ग्रांट हवाई अड्डा, देहरादून
सड़क से
देहरादून से सांकरी (मसूरी, पुरोला, मोरी और नैटवाड़ होते हुए करीब 190 किमी; 8-9 घंटे); वापसी यमुनोत्री मार्ग पर हनुमान चट्टी से बड़कोट होते हुए देहरादून (7-8 घंटे)
गाड़ी से
देहरादून से लगभग 8.5 घंटे

यात्रा की तैयारी

परमिट और शुल्क

हम किसी सरकारी स्रोत से मौजूदा परमिट नियम और शुल्क पक्का नहीं कर पाए। जाने से पहले स्थानीय वन विभाग या पर्यटन कार्यालय से पूछ लें।

यात्रा की तैयारी

ख़र्च

ख़ुद से

₹14,000–22,000

ऑपरेटर के साथ

₹21,000–37,000

प्रति व्यक्ति, देहरादून से। अक्टूबर 2026 में देखे गए गाइडेड दाम: ई-उत्तरांचल ₹21,000 + 5% GST, सांकरी से, परिवहन के बिना (केदारकांठा शिखर वाला रूप); एस्केप2एक्सप्लोर ₹20,999 परिवहन सहित, 'सभी टैक्स शामिल' (यही रूप); हिमालयन हाइकर्स ₹35,000 + 5% GST + ₹320 बीमा, देहरादून से परिवहन सहित। हिमालय शेल्टर अपना मूल दाम प्रकाशित नहीं करता। बिना गाइड वाले ट्रेक का खर्च एक अनुमान है: सांकरी तक और हनुमान चट्टी से वापसी के लिए शेयर्ड जीप या बस, गेस्टहाउस में एक रात, सात ट्रेकिंग दिनों के लिए स्थानीय गाइड और पोर्टर, टेंट और स्टोव का किराया, खाना, और गोविंद अभयारण्य का प्रवेश शुल्क। यह आर-पार वाला ट्रेक है, इसलिए आपको सांकरी में छोड़ने और हनुमान चट्टी से लेने की व्यवस्था चाहिए।

सामान

इस ट्रेक के लिए सबसे ज़रूरी सामान

इस रास्ते पर सबसे ज़्यादा काम आने वाला सामान, इसकी ऊँचाई, मौसम और ख़तरों के हिसाब से चुना गया।

सामान की पूरी सूची देखें

दुकान वाले बटन उस दुकान पर खोज खोलते हैं, हमारा चुना हुआ कोई सामान नहीं। अमेज़न एसोसिएट के रूप में हम योग्य ख़रीदारियों से कमाई करते हैं। फ़ोटो सिर्फ़ सामान का प्रकार दिखाती हैं, कोई ख़ास प्रोडक्ट नहीं। एफ़िलिएट जानकारी

सामान की सूची

इस ट्रेक के हिसाब से: ऊँचाई, मौसम, दिन और रास्ते के ख़तरे।

32 में से 0 रख लिए

4,356 मी के आसपास गर्मी में भी रात को पारा शून्य के पास जा सकता है। जितना सोचते हैं, उससे एक गर्म कपड़ा ज़्यादा रखें।

बैग में रखते ही हर चीज़ पर निशान लगाएँ।

क्या पहनें
बैग और सामान
सोने का सामान

कई ट्रेक आयोजक टेंट और स्लीपिंग बैग देते हैं। ख़रीदने से पहले पूछ लें।

सुरक्षा
पानी और खाना
काग़ज़ात और पैसे

आपके निशान सिर्फ़ इसी फ़ोन या कंप्यूटर पर सहेजे जाते हैं।

ख़रीदें वाले बटन उस दुकान पर खोज खोलते हैं, हमारा चुना हुआ कोई सामान नहीं। कुछ एफ़िलिएट लिंक हैं: इनसे हमें थोड़ा कमीशन मिल सकता है, आपको कोई अतिरिक्त ख़र्च नहीं। अमेज़न एसोसिएट के रूप में हम योग्य ख़रीदारियों से कमाई करते हैं। फ़ोटो सिर्फ़ सामान का प्रकार दिखाती हैं, कोई ख़ास प्रोडक्ट नहीं। एफ़िलिएट जानकारी

जाने से पहले जानें

काम की बातें

मोबाइल नेटवर्क
पुरोला आख़िरी जगह है जहाँ ज़्यादातर मोबाइल नेटवर्क चलते हैं; उसके आगे सिग्नल कम है, इसलिए रास्ते पर नेटवर्क के भरोसे न रहें।
आख़िरी एटीएम
मोरी, सांकरी जाने वाली सड़क पर
नज़दीकी अस्पताल
सांकरी की तरफ़ प्राथमिक इलाज के लिए मोरी और पुरोला, यमुनोत्री की तरफ़ बड़कोट; गंभीर मामलों के लिए AIIMS ऋषिकेश
पानी
जंगल वाले हिस्सों में और बुग्याल के कैंपों के आसपास नाले, और सरू ताल की झील। सारा पानी उबालकर या साफ़ करके ही पिएँ।

ख़ास बातें

  • एक में तीन ट्रेक: जूडा का तालाब तक केदारकांठा का जंगल वाला रास्ता, फुलारा रिज की सैर, और दर्रा पार करके यमुनोत्री घाटी में उतरना
  • फुलारा रिज की खुली घास वाली चोटी पर चलना, जिसके दोनों ओर बर्फ़ीली पर्वतमालाएँ दिखती हैं
  • सरू ताल के किनारे कैंप, करीब 4,200 मी पर ग्लेशियर से बनी ऊँची झील, जिसे नीचे के गाँव पवित्र मानते हैं
  • गोविंद वन्यजीव अभयारण्य से होकर कम इस्तेमाल होने वाला रास्ता, जो यमुनोत्री मार्ग पर हनुमान चट्टी में ख़त्म होता है

जोखिम

  • दर्रे वाला दिन लंबा है (11-12 किमी, 7-8 घंटे), जिसमें 4,356 मी तक छोटी पर खड़ी चढ़ाई और करीब 1,700 मी की उतराई है; वापस मुड़ने का समय तय करना ज़रूरी है।
  • मई और जून की शुरुआत में भी दर्रे पर बर्फ़ रह सकती है और अक्टूबर के आख़िर से फिर पड़ने लगती है; हिमालय शेल्टर के अनुसार दिसंबर के आख़िर से दर्रे तक पहुँचना संभव नहीं रहता।
  • जुलाई-अगस्त का मानसून: हिमालयन हाइकर्स के अनुसार तब ट्रेक करने की सलाह नहीं दी जाती और यह ख़तरनाक हो सकता है, और एस्केप2एक्सप्लोर फिसलन भरे रास्तों, भूस्खलन और जोंकों की चेतावनी देता है।
  • यह रास्ता कम इस्तेमाल होता है और दूरदराज़ है; ज़्यादातर मोबाइल नेटवर्क पुरोला पर ख़त्म हो जाते हैं, इसलिए बिना गाइड जाने वाले ट्रेकर सांकरी से स्थानीय गाइड ज़रूर लें।

जाने से पहले जानें

सवाल-जवाब

फाचू कांडी पास ट्रेक कितना कठिन है?

ऑपरेटर इसे मध्यम से कठिन मानते हैं। ज़्यादातर दिन 4-7 किमी के होते हैं, पर सरू ताल से दर्रे वाला दिन 11-12 किमी और 7-8 घंटे का है, जिसमें करीब 4,356 मी तक खड़ी चढ़ाई और लंबी उतराई है। हिमालय शेल्टर पहले से ऊँचाई पर ट्रेकिंग के अनुभव की सलाह देता है और कहता है कि यह 14 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए ठीक नहीं है।

फाचू कांडी पास पार करने का सबसे अच्छा समय कब है?

मई-जून और सितंबर-नवंबर। सर्दियों की बर्फ़ के कारण करीब दिसंबर के आख़िर से अप्रैल तक दर्रे तक पहुँचना संभव नहीं होता, और जुलाई-अगस्त के मानसून में रास्ते फिसलन भरे होते हैं और भूस्खलन का ख़तरा रहता है।

ट्रेक कहाँ से शुरू होता है और कहाँ ख़त्म होता है?

यह सांकरी से शुरू होता है, जो देहरादून से सड़क के रास्ते करीब 190 किमी (8-9 घंटे) है, और यमुनोत्री मार्ग पर हनुमान चट्टी में ख़त्म होता है, जहाँ से देहरादून लौटने में गाड़ी से 7-8 घंटे लगते हैं।

फाचू कांडी पास ट्रेक में कितने दिन लगते हैं?

आम तौर पर गाड़ी वाले दिनों समेत 8 दिन: सांकरी, जूडा का तालाब, भोज गाड़ी, फुलारा रिज होते हुए पुश्तारा, रातेरी, सरू ताल, दर्रा पार करके लेका डोगरी, फिर नीचे हनुमान चट्टी। एक रूप में रास्ते में केदारकांठा शिखर की चढ़ाई भी होती है।

क्या मुझे परमिट चाहिए?

यह रास्ता गोविंद वन्यजीव अभयारण्य में पड़ता है, इसलिए वन प्रवेश और कैंपिंग शुल्क लगता है; भारतीय नागरिकों के लिए गाइडेड पैकेज में यह शामिल होता है। एक ऑपरेटर विदेशी नागरिकों से परमिट के लिए अलग से पैसे लेता है। हम मौजूदा आधिकारिक शुल्क की पुष्टि नहीं कर पाए, इसलिए सांकरी में वन विभाग के दफ़्तर से पता कर लें।

इस ट्रेक के लिए आपकी 8 हफ़्ते की योजनाकठिन ग्रेड। यात्रा से लगभग 8 हफ़्ते पहले शुरू करें।
SOS

आपात स्थिति में

नेटवर्क जाने से पहले ये नंबर सेव कर लें। कॉल करने के लिए दबाएँ।

आप यहाँ हैं

ज़िला: उत्तरकाशीउत्तराखंड

सबसे नज़दीकी अस्पताल
सांकरी की तरफ़ प्राथमिक इलाज के लिए मोरी और पुरोला, यमुनोत्री की तरफ़ बड़कोट; गंभीर मामलों के लिए AIIMS ऋषिकेश
आख़िरी एटीएम
मोरी, सांकरी जाने वाली सड़क पर
फ़ोन नेटवर्क
पुरोला आख़िरी जगह है जहाँ ज़्यादातर मोबाइल नेटवर्क चलते हैं; उसके आगे सिग्नल कम है, इसलिए रास्ते पर नेटवर्क के भरोसे न रहें।

निकलने से पहले

  1. किसी को अपना रास्ता और लौटने का समय बताकर जाएँ।
  2. फ़ोन पूरा चार्ज रखें और पावर बैंक साथ लें।
  3. रास्ते का ऑफ़लाइन नक्शा डाउनलोड कर लें।
  4. मौसम बिगड़े तो लौट आएँ — पहाड़ कहीं नहीं जाएगा।
समुदाय · जल्द खुल रहा है

फाचू कांडी पास के बारे में सवाल

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समुदाय · जल्द खुल रहा है

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जानकारी कहाँ से ली गई

स्रोत

आख़िरी जाँच:

  1. Fachu Kandi Pass Trek - Itinerary, Package [3 Treks in 1 Go] — Himalaya Shelter
  2. Fachu Kandi Pass Trek with Kedarkantha Summit — eUttaranchal
  3. Fachu Kandi Pass Trek 2027 — Himalayan Hikers
  4. Fachu Kandi Pass Trek — Escape2Explore

फ़ोटो: Pathaharapathik, CC BY-SA 4.0; Yadusharon, CC BY-SA 4.0; Vaibhav78545, CC BY-SA 4.0

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  1. जनवरीबंद
  2. फ़रवरीबंद
  3. मार्च
  4. अप्रैलसबसे अच्छा
  5. मईसबसे अच्छा
  6. जूनसबसे अच्छा
  7. जुलाईबंद
  8. अगस्तबंद
  9. सितंबरसबसे अच्छा
  10. अक्टूबरसबसे अच्छा
  11. नवंबरसबसे अच्छा
  12. दिसंबर
चौड़े हरे बुग्याल में रुइनसारा ताल झील, किनारे लाल टेंटों का कैंप और पीछे बादलों से घिरे पहाड़3,600 मी

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रुइनसारा ताल

मध्यम7 दिनअप्रै–जून, सित–नव

  1. जनवरीबंद
  2. फ़रवरीबंद
  3. मार्च
  4. अप्रैलसबसे अच्छा
  5. मईसबसे अच्छा
  6. जूनसबसे अच्छा
  7. जुलाईबंद
  8. अगस्तबंद
  9. सितंबरसबसे अच्छा
  10. अक्टूबरसबसे अच्छा
  11. नवंबरसबसे अच्छा
  12. दिसंबर
बादलों से घिरे पहाड़ों के नीचे हरे बुग्याल में छोटी झील रुइनसारा ताल, किनारे पर एक लाल टेंट4,950 मी

उत्तराखंड

बाली पास

कठिन8 दिनमई–जून, सित–अक्टू

  1. जनवरी
  2. फ़रवरी
  3. मार्च
  4. अप्रैल
  5. मईसबसे अच्छा
  6. जूनसबसे अच्छा
  7. जुलाई
  8. अगस्त
  9. सितंबरसबसे अच्छा
  10. अक्टूबरसबसे अच्छा
  11. नवंबर
  12. दिसंबर
गहरे नीले आसमान के नीचे बर्फ़ के मैदान पर बोरासु पास के खाँचे की ओर ऊपर चढ़ते ट्रेकरों की एक कतार5,200 मी

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बोरासु पास

कठिन9 दिनमई–जून, सित–अक्टूट्रेकिंग पर रोक

  1. जनवरीबंद
  2. फ़रवरीबंद
  3. मार्चबंद
  4. अप्रैलबंद
  5. मईसबसे अच्छा, बर्फ़
  6. जूनसबसे अच्छा
  7. जुलाई
  8. अगस्त
  9. सितंबरसबसे अच्छा
  10. अक्टूबरसबसे अच्छा
  11. नवंबरबंद
  12. दिसंबरबंद