हर की दून ट्रेक
उत्तरकाशी, उत्तराखंड
इस फ़ोन पर बिना नेटवर्क के खुलेगा, नक्शे की फ़ाइल और सूची के साथ। ऑफ़लाइन सहेजे गए →
- सबसे ऊँचा बिंदु
- 3,566 मी
- दिन
- 7 दिन
- दूरी
- 38 किमी
- कठिनाई
- मध्यम
घाटी में धीरे-धीरे चढ़ती पैदल यात्रा, जिसमें कोई तकनीकी हिस्सा नहीं है; लेकिन 4-10 किमी के पाँच ट्रेकिंग दिन लगातार चढ़ाई वाले हैं, दोनों ओर 9-10 घंटे का लंबा सड़क सफ़र है, और सीमात्रा में 3,200 मी से ऊपर रातें बितानी पड़ती हैं।
तस्वीरें
रास्ते की झलक
रास्ता
दिन-ब-दिन
दिन 1
देहरादून → सांकरी
640 मी → 1,950 मी
दिन 2
सांकरी (गाड़ी से धारकोट) → ओसला
1,950 मी → 2,750 मी
दिन 3
ओसला → सीमात्रा
2,750 मी → 3,230 मी
दिन 4 · सबसे ऊँचा बिंदु
सीमात्रा → सीमात्रा (हर की दून होते हुए)
3,230 मी → 3,566 मी → 3,230 मी
दिन 5
सीमात्रा → पौनी गराट
3,230 मी → 2,500 मी
दिन 6
पौनी गराट → सांकरी (धारकोट तक ट्रेक, फिर गाड़ी से)
2,500 मी → 1,950 मी
दिन 7
सांकरी → देहरादून
1,950 मी → 640 मी
चढ़ाई और उतराई
ऊँचाई का ग्राफ़
कहाँ है
नक्शा
सिर्फ़ शुरुआत और सबसे ऊँची जगह के निशान — पूरा रास्ता नहीं। इसे किसी अच्छे नक़्शे के साथ ही इस्तेमाल करें।
मौसम
रास्ते पर अगले 5 दिन का मौसम
ट्रेक शुरू होने की जगह और सबसे ऊँची जगह का ताज़ा पूर्वानुमान। पहाड़ में मौसम जल्दी बदलता है — निकलने वाले दिन सुबह फिर से देखें।
शुरुआत · सांकरी
1,950 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
सबसे ऊँची जगह · हर की दून घाटी
3,566 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
हर दिन: अधिकतम / न्यूनतम °C · बारिश मिमी और संभावना · बर्फ़ सेमी · हवा किमी/घंटा
मौसम का डेटा: ओपन-मीटियोयह कंप्यूटर मॉडल का अनुमान है, सरकारी चेतावनी नहीं। चेतावनी के लिए मौसम विभाग (IMD) और स्थानीय प्रशासन की सूचना मानें।
यात्रा की तैयारी
कैसे पहुँचें
- ट्रेलहेड
- सांकरी
- नज़दीकी रेलवे स्टेशन
- देहरादून
- नज़दीकी हवाई अड्डा
- जॉली ग्रांट हवाई अड्डा, देहरादून
- सड़क से
- देहरादून (मसूरी, नौगांव, पुरोला और मोरी होते हुए सांकरी तक लगभग 190-220 किमी); सांकरी से तालुका, धाटमीर या धारकोट के सड़क छोर तक स्थानीय जीप से (लगभग 20-24 किमी)
- गाड़ी से
- देहरादून से लगभग 9 घंटे
यात्रा की तैयारी
परमिट और शुल्क
हम किसी सरकारी स्रोत से मौजूदा परमिट नियम और शुल्क पक्का नहीं कर पाए। जाने से पहले स्थानीय वन विभाग या पर्यटन कार्यालय से पूछ लें।
यात्रा की तैयारी
ख़र्च
ख़ुद से
₹8,000–13,000
ऑपरेटर के साथ
₹13,000–16,000
प्रति व्यक्ति, देहरादून से। अक्टूबर 2026 में छपी गाइडेड क़ीमतें: हिमालय शेल्टर ₹12,500 + 5% जीएसटी, साथ में ₹2,000 आने-जाने के; बिकट एडवेंचर्स ₹12,500 + 5% जीएसटी सांकरी से, साथ में देहरादून से आने-जाने के ₹2,200; ट्रेक द हिमालयाज़ ₹13,250 + 5% जीएसटी, आना-जाना अलग। ख़ुद से जाने का ख़र्च एक अनुमान है: सांकरी तक बस या शेयर्ड जीप, सड़क के छोर तक जीप, गेस्टहाउस और होमस्टे में रातें, स्थानीय गाइड और पोर्टर या खच्चर, टेंट और स्टोव का किराया, और गोविंद पशु विहार का प्रवेश और कैंपिंग शुल्क।
सामान
इस ट्रेक के लिए सबसे ज़रूरी सामान
इस रास्ते पर सबसे ज़्यादा काम आने वाला सामान, इसकी ऊँचाई, मौसम और ख़तरों के हिसाब से चुना गया।
विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंक
विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंक
विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंक
विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंक
विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंक
विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंक
विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंक
विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंक
दुकान वाले बटन उस दुकान पर खोज खोलते हैं, हमारा चुना हुआ कोई सामान नहीं। अमेज़न एसोसिएट के रूप में हम योग्य ख़रीदारियों से कमाई करते हैं। फ़ोटो सिर्फ़ सामान का प्रकार दिखाती हैं, कोई ख़ास प्रोडक्ट नहीं। एफ़िलिएट जानकारी
सामान की सूची
इस ट्रेक के हिसाब से: ऊँचाई, मौसम, दिन और रास्ते के ख़तरे।
32 में से 0 रख लिए
3,566 मी के आसपास गर्मी में भी रात को पारा शून्य के पास जा सकता है। जितना सोचते हैं, उससे एक गर्म कपड़ा ज़्यादा रखें।
बैग में रखते ही हर चीज़ पर निशान लगाएँ।
जाने से पहले जानें
काम की बातें
- मोबाइल नेटवर्क
- सांकरी तक बीएसएनएल और जियो चलते हैं; बाक़ी नेटवर्क मोरी पर ही ख़त्म हो जाते हैं। ओसला के आसपास बीएसएनएल कभी-कभार मिलता है, और सीमात्रा या हर की दून में सिग्नल नहीं है।
- आख़िरी एटीएम
- मोरी (एसबीआई का एक एटीएम, जिसमें अक्सर नक़द ख़त्म रहता है); देहरादून या पुरोला से नक़द लेकर चलें
- नज़दीकी अस्पताल
- प्राथमिक इलाज के लिए मोरी और पुरोला; गंभीर मामलों में मसूरी या देहरादून (8-9 घंटे दूर)
- पानी
- सुपिन (तमसा) नदी और छोटे नाले पूरे रास्ते साथ चलते हैं; सारा पानी उबालकर या साफ़ करके पिएँ।
ख़ास बातें
- चौड़ी ग्लेशियर घाटी के सिरे से सीधी उठती स्वर्गारोहिणी, ब्लैक पीक और हाटा चोटी
- ओसला और गंगाड़ जैसे सदियों पुराने लकड़ी के गाँव, जिनमें नक्काशीदार मंदिर और पत्थर की पटियों वाली छतें हैं
- गोविंद पशु विहार में देवदार, चीड़, अखरोट और बुरांश के जंगल से होकर सुपिन (तमसा) नदी के किनारे-किनारे चलना
- हर की दून से मारिंडा ताल और जौंधार ग्लेशियर घाटी की ओर अतिरिक्त पैदल रास्ते का विकल्प
जोखिम
- वन विभाग दिसंबर के बाद से मार्च के बीच तक ट्रेक बंद रखता है; दिसंबर के बीच से होने वाली पहली भारी बर्फ़ कलकत्तीधार के आगे रास्ता रोक सकती है।
- सांकरी-तालुका सड़क पर भूस्खलन का ख़तरा रहता है और मानसून में यह अक्सर बंद रहती है।
- गर्मियों के अलावा सीमात्रा और हर की दून में रात का तापमान शून्य से नीचे चला जाता है, और लगभग 3,566 मी ऊँचे हर की दून में ऊँचाई की बीमारी (AMS) का असली ख़तरा है।
- डॉक्टरी मदद दूर है: गंभीर मामलों में देहरादून या मसूरी तक 8-9 घंटे गाड़ी से जाना पड़ता है।
जाने से पहले जानें
सवाल-जवाब
क्या हर की दून शुरुआती लोगों के लिए ठीक है?
हाँ। ऑपरेटर इसे आसान से मध्यम और पहली बार ट्रेक करने वालों के लिए ठीक बताते हैं: रास्ता साफ़ निशानों वाला है और इसमें कोई तकनीकी हिस्सा नहीं है। ट्रेकिंग के दिन 4-10 किमी के हैं और सबसे ऊँचा बिंदु लगभग 3,566 मी है, इसलिए फिर भी आपको लगभग 35-45 मिनट में 5 किमी जॉगिंग कर पाना चाहिए।
हर की दून ट्रेक का सबसे अच्छा समय कब है?
वसंत के फूलों और बर्फ़ के टुकड़ों के लिए अप्रैल से जून, और शरद ऋतु के साफ़ नज़ारों के लिए सितंबर से नवंबर। जुलाई-अगस्त के मानसून में ट्रेक बंद रहता है, और वन विभाग दिसंबर के बाद से मार्च के बीच तक इसे बंद रखता है।
हर की दून ट्रेक कितना लंबा है?
ज़्यादातर ऑपरेटर इसे देहरादून से 7 दिनों में करवाते हैं, जिनमें 5 दिन ट्रेकिंग के होते हैं और धारकोट या तालुका के सड़क छोर से लगभग 35-38 किमी पैदल चलना होता है। तालुका से पैदल शुरू करने वाले या मारिंडा ताल जोड़ने वाले लंबे रूट 44-50 किमी के होते हैं।
बेस गाँव सांकरी कैसे पहुँचें?
सांकरी देहरादून से लगभग 190-220 किमी दूर है, मसूरी, पुरोला और मोरी होते हुए 9-10 घंटे का सफ़र। देहरादून से बसें और शेयर्ड जीपें चलती हैं; सांकरी से स्थानीय जीप लगभग 20-24 किमी दूर तालुका, धाटमीर या धारकोट के सड़क छोर तक ले जाती है।
क्या ट्रेक पर मोबाइल नेटवर्क और एटीएम मिलता है?
सांकरी तक बीएसएनएल और जियो चलते हैं, ओसला के पास बीएसएनएल कभी-कभार मिलता है और उससे ऊपर सिग्नल नहीं है। आख़िरी एटीएम मोरी में है और उसमें अक्सर नक़द ख़त्म रहता है, इसलिए देहरादून से ही पर्याप्त नक़द लेकर चलें।
आपात स्थिति में
नेटवर्क जाने से पहले ये नंबर सेव कर लें। कॉल करने के लिए दबाएँ।
- 112हर आपात स्थितिभारत का एक ही आपातकालीन नंबर — हर राज्य में चलता है
- 108एंबुलेंस
- 1077ज़िला आपदा नियंत्रण कक्ष
आप यहाँ हैं
ज़िला: उत्तरकाशीउत्तराखंड
- सबसे नज़दीकी अस्पताल
- प्राथमिक इलाज के लिए मोरी और पुरोला; गंभीर मामलों में मसूरी या देहरादून (8-9 घंटे दूर)
- आख़िरी एटीएम
- मोरी (एसबीआई का एक एटीएम, जिसमें अक्सर नक़द ख़त्म रहता है); देहरादून या पुरोला से नक़द लेकर चलें
- फ़ोन नेटवर्क
- सांकरी तक बीएसएनएल और जियो चलते हैं; बाक़ी नेटवर्क मोरी पर ही ख़त्म हो जाते हैं। ओसला के आसपास बीएसएनएल कभी-कभार मिलता है, और सीमात्रा या हर की दून में सिग्नल नहीं है।
निकलने से पहले
- किसी को अपना रास्ता और लौटने का समय बताकर जाएँ।
- फ़ोन पूरा चार्ज रखें और पावर बैंक साथ लें।
- रास्ते का ऑफ़लाइन नक्शा डाउनलोड कर लें।
- मौसम बिगड़े तो लौट आएँ — पहाड़ कहीं नहीं जाएगा।
हर की दून के बारे में सवाल
अभी कोई सवाल नहीं है। कुछ पूछें, जो लोग यह ट्रेक कर चुके हैं वे जवाब दे सकते हैं।
अपनी ट्रेक की तस्वीर #TreksAndTrails के साथ डालें
मैंने यह ट्रेक किया है
क्या हर की दून इस पेज से अलग दिखा? बताइए क्या बदला है, हम जाँच करेंगे।
जानकारी कहाँ से ली गई
स्रोत
आख़िरी जाँच:
- Har Ki Dun Trek — Trek The Himalayas
- Har Ki Dun Trek — Indiahikes
- Har Ki Dun Trek — Bikat Adventures
- Har Ki Dun Trek: Itinerary, Cost & Best Time — Himalaya Shelter
- Har Ki Dun — Wikipedia
फ़ोटो: Metanish, CC BY-SA 4.0; Omkar, CC BY-SA 4.0; Chits009, CC BY-SA 4.0



