वासुकी ताल ट्रेक
उत्तरकाशी, उत्तराखंड
इस फ़ोन पर बिना नेटवर्क के खुलेगा, नक्शे की फ़ाइल और सूची के साथ। ऑफ़लाइन सहेजे गए →
- सबसे ऊँचा बिंदु
- 4,880 मी
- दिन
- 9 दिन
- दूरी
- 64 किमी
- कठिनाई
- बहुत कठिन
यह गौमुख-तपोवन से आगे जाता है: मोरेन से ढके गंगोत्री ग्लेशियर को पार करके नंदनवन, फिर चतुरंगी ग्लेशियर के किनारे-किनारे ऊबड़-खाबड़ पैदल रास्ता लगभग 4,880 मी पर स्थित झील तक; रास्ते में कोई सुविधा नहीं, और कई रातें 4,300 मी से ऊपर।
तस्वीरें
रास्ते की झलक
रास्ता
दिन-ब-दिन
दिन 1
देहरादून → गंगोत्री
640 मी → 3,100 मी
दिन 2
गंगोत्री → गंगोत्री
3,100 मी → 3,100 मी
दिन 3
गंगोत्री → भोजबासा
3,100 मी → 3,790 मी
दिन 4
भोजबासा → तपोवन
3,790 मी → 4,460 मी
दिन 5
तपोवन → नंदनवन
4,460 मी → 4,340 मी
दिन 6 · सबसे ऊँचा बिंदु
नंदनवन → नंदनवन
4,340 मी → 4,880 मी → 4,340 मी
दिन 7
नंदनवन → भोजबासा
4,340 मी → 3,790 मी
दिन 8
भोजबासा → गंगोत्री
3,790 मी → 3,100 मी
दिन 9
गंगोत्री → देहरादून
3,100 मी → 640 मी
चढ़ाई और उतराई
ऊँचाई का ग्राफ़
कहाँ है
नक्शा
सिर्फ़ शुरुआत और सबसे ऊँची जगह के निशान — पूरा रास्ता नहीं। इसे किसी अच्छे नक़्शे के साथ ही इस्तेमाल करें।
मौसम
रास्ते पर अगले 5 दिन का मौसम
ट्रेक शुरू होने की जगह और सबसे ऊँची जगह का ताज़ा पूर्वानुमान। पहाड़ में मौसम जल्दी बदलता है — निकलने वाले दिन सुबह फिर से देखें।
शुरुआत · गंगोत्री
3,100 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
सबसे ऊँची जगह · वासुकी ताल
4,880 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
हर दिन: अधिकतम / न्यूनतम °C · बारिश मिमी और संभावना · बर्फ़ सेमी · हवा किमी/घंटा
मौसम का डेटा: ओपन-मीटियोयह कंप्यूटर मॉडल का अनुमान है, सरकारी चेतावनी नहीं। चेतावनी के लिए मौसम विभाग (IMD) और स्थानीय प्रशासन की सूचना मानें।
यात्रा की तैयारी
कैसे पहुँचें
- ट्रेलहेड
- गंगोत्री
- नज़दीकी रेलवे स्टेशन
- देहरादून या ऋषिकेश
- नज़दीकी हवाई अड्डा
- जॉली ग्रांट हवाई अड्डा, देहरादून
- सड़क से
- देहरादून; ऋषिकेश; उत्तरकाशी
- गाड़ी से
- देहरादून से लगभग 9 घंटे
यात्रा की तैयारी
परमिट और शुल्क
हम किसी सरकारी स्रोत से मौजूदा परमिट नियम और शुल्क पक्का नहीं कर पाए। जाने से पहले स्थानीय वन विभाग या पर्यटन कार्यालय से पूछ लें।
यात्रा की तैयारी
ख़र्च
ख़ुद से
₹18,000–30,000
ऑपरेटर के साथ
₹31,400–90,000
गाइडेड: बिकट एडवेंचर्स ₹29,900 + 5% जीएसटी गंगोत्री से (देहरादून का सफ़र अलग से); व्हाइट मैजिक एडवेंचर ₹86,900 देहरादून से; हिमालयन हाई की प्राइवेट ट्रिप ₹73,000 से शुरू। ख़ुद से जाने का ख़र्च गंगोत्री से एक अनुमान है: सितंबर 2024 से लाइसेंस वाला गाइड, बीमा और मेडिकल सर्टिफ़िकेट अनिवार्य हैं, इसलिए इसमें स्थानीय गाइड/पोर्टर रखना, टेंट और स्टोव किराये पर लेना, छह रातों का खाना और उद्यान का शुल्क शामिल है।
सामान
इस ट्रेक के लिए सबसे ज़रूरी सामान
इस रास्ते पर सबसे ज़्यादा काम आने वाला सामान, इसकी ऊँचाई, मौसम और ख़तरों के हिसाब से चुना गया।
विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंकमाइक्रोस्पाइक्स (जूतों पर लगने वाले काँटे)
ज़रूरीरास्ते में बर्फ़ और ग्लेशियर
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विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंकडाउन या मोटी गद्देदार जैकेट
ज़रूरी4,500 मी से ऊपर: गर्मी में भी तेज़ हवा और ठंड
विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंकबालाक्लावा (चेहरा ढकने वाली ऊनी टोपी)
ज़रूरी4,500 मी से ऊपर: गर्मी में भी तेज़ हवा और ठंड
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दुकान वाले बटन उस दुकान पर खोज खोलते हैं, हमारा चुना हुआ कोई सामान नहीं। अमेज़न एसोसिएट के रूप में हम योग्य ख़रीदारियों से कमाई करते हैं। फ़ोटो सिर्फ़ सामान का प्रकार दिखाती हैं, कोई ख़ास प्रोडक्ट नहीं। एफ़िलिएट जानकारी
सामान की सूची
इस ट्रेक के हिसाब से: ऊँचाई, मौसम, दिन और रास्ते के ख़तरे।
36 में से 0 रख लिए
4,880 मी के आसपास गर्मी में भी रात को पारा शून्य के पास जा सकता है। जितना सोचते हैं, उससे एक गर्म कपड़ा ज़्यादा रखें।
बैग में रखते ही हर चीज़ पर निशान लगाएँ।
जाने से पहले जानें
काम की बातें
- मोबाइल नेटवर्क
- गंगोत्री में जियो, एयरटेल और बीएसएनएल चलते हैं; गंगोत्री के आगे कहीं भी सिग्नल नहीं है।
- आख़िरी एटीएम
- गंगोत्री में एक एटीएम है, पर उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता; नक़द उत्तरकाशी या देहरादून में ही निकाल लें।
- नज़दीकी अस्पताल
- ज़िला अस्पताल, उत्तरकाशी (गंगोत्री से सड़क से लगभग 100 किमी)
- पानी
- भोजबासा, तपोवन और नंदनवन में ग्लेशियर की धाराएँ, और वासुकी ताल की झील; पानी में गाद होती है, इसलिए उसे छानकर या उबालकर पिएँ।
ख़ास बातें
- चतुरंगी ग्लेशियर के ऊपर, वासुकी और सतोपंथ चोटियों के नीचे लगभग 4,880 मी पर ग्लेशियर से बनी झील
- गौमुख, गंगोत्री ग्लेशियर का मुहाना और भागीरथी का उद्गम
- शिवलिंग पर्वत के चरणों में तपोवन बुग्याल, और भागीरथी चोटियों व केदार डोम के सामने नंदनवन
- तपोवन और नंदनवन के बीच मोरेन से ढके गंगोत्री ग्लेशियर को पार करना
जोखिम
- ऊँचाई की बीमारी (AMS): कई रातें 4,300 मी से ऊपर और सबसे ऊँचा बिंदु लगभग 4,880 मी; गंगोत्री में एक दिन का अनुकूलन ज़रूरी है।
- तपोवन, नंदनवन और वासुकी ताल के बीच बिना निशान वाले ग्लेशियर और मोरेन पार करने पड़ते हैं, जहाँ पत्थर गिरते हैं और बड़े पत्थर खिसकते रहते हैं।
- मानसून (जुलाई-अगस्त) में भूस्खलन, फिसलन भरे रास्ते और सड़क बंद होना आम है; ख़राब मौसम में परमिट नहीं दिए जाते।
- मौसम की शुरुआत या आख़िर में बर्फ़बारी से वासुकी ताल के कैंप फँस सकते हैं; गौमुख की ओर बर्फ़ अप्रैल के आख़िर या मई तक टिकी रहती है।
- गौमुख के रास्ते पर रोज़ सिर्फ़ 150 ट्रेकर्स को जाने दिया जाता है, इसलिए भीड़ वाले हफ़्तों में परमिट ख़त्म हो सकते हैं।
जाने से पहले जानें
सवाल-जवाब
वासुकी ताल ट्रेक, गौमुख तपोवन ट्रेक से कैसे अलग है?
दोनों गंगोत्री से शुरू होते हैं और भोजबासा, गौमुख और तपोवन से गुज़रते हैं। वासुकी ताल इससे आगे जाता है: आप गंगोत्री ग्लेशियर पार करके नंदनवन पहुँचते हैं और चतुरंगी ग्लेशियर के किनारे-किनारे लगभग 4,880 मी पर स्थित झील तक चलते हैं, जिससे दो से तीन दिन और लगभग 25 किमी बढ़ जाते हैं और यह ट्रेक ज़्यादा कठिन हो जाता है।
वासुकी ताल के लिए कौन-से परमिट चाहिए?
गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान का प्रवेश परमिट, जो गंगोत्री के वन कार्यालय से या उत्तरकाशी की सिंगल-विंडो व्यवस्था से ऑनलाइन मिलता है। सितंबर 2024 से लाइसेंस वाला गाइड, ट्रेक बीमा और मेडिकल सर्टिफ़िकेट अनिवार्य हैं। हम मौजूदा आधिकारिक शुल्क पक्का नहीं कर पाए, इसलिए गंगोत्री के वन कार्यालय में पता कर लें।
वासुकी ताल ट्रेक का सबसे अच्छा समय कब है?
मई-जून और सितंबर-अक्टूबर। राष्ट्रीय उद्यान 30 नवंबर से 31 मार्च तक बंद रहता है, गौमुख की ओर का रास्ता अप्रैल के आख़िर तक बर्फ़ से बंद रह सकता है, और जुलाई-अगस्त में मानसून के भूस्खलन होते हैं।
वासुकी ताल ट्रेक कितना लंबा और कितना कठिन है?
देहरादून से 9-10 दिनों में लगभग 63-65 किमी पैदल, जिसमें गंगोत्री में एक दिन का अनुकूलन शामिल है। ऊँचाई और ग्लेशियर पार करने की वजह से ऑपरेटर इसे कठिन बताते हैं; पहले ऊँचाई वाले ट्रेक का अनुभव होना अच्छा है।
क्या वासुकी ताल ट्रेक पर मोबाइल नेटवर्क मिलता है?
नेटवर्क सिर्फ़ गंगोत्री में चलता है। भोजबासा से आगे सिग्नल नहीं है, और फ़ोन चार्ज करने की आख़िरी जगह भी गंगोत्री ही है।
आपात स्थिति में
नेटवर्क जाने से पहले ये नंबर सेव कर लें। कॉल करने के लिए दबाएँ।
- 112हर आपात स्थितिभारत का एक ही आपातकालीन नंबर — हर राज्य में चलता है
- 108एंबुलेंस
- 1077ज़िला आपदा नियंत्रण कक्ष
आप यहाँ हैं
ज़िला: उत्तरकाशीउत्तराखंड
- सबसे नज़दीकी अस्पताल
- ज़िला अस्पताल, उत्तरकाशी (गंगोत्री से सड़क से लगभग 100 किमी)
- आख़िरी एटीएम
- गंगोत्री में एक एटीएम है, पर उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता; नक़द उत्तरकाशी या देहरादून में ही निकाल लें।
- फ़ोन नेटवर्क
- गंगोत्री में जियो, एयरटेल और बीएसएनएल चलते हैं; गंगोत्री के आगे कहीं भी सिग्नल नहीं है।
निकलने से पहले
- किसी को अपना रास्ता और लौटने का समय बताकर जाएँ।
- फ़ोन पूरा चार्ज रखें और पावर बैंक साथ लें।
- रास्ते का ऑफ़लाइन नक्शा डाउनलोड कर लें।
- मौसम बिगड़े तो लौट आएँ — पहाड़ कहीं नहीं जाएगा।
वासुकी ताल के बारे में सवाल
अभी कोई सवाल नहीं है। कुछ पूछें, जो लोग यह ट्रेक कर चुके हैं वे जवाब दे सकते हैं।
अपनी ट्रेक की तस्वीर #TreksAndTrails के साथ डालें
मैंने यह ट्रेक किया है
क्या वासुकी ताल इस पेज से अलग दिखा? बताइए क्या बदला है, हम जाँच करेंगे।
जानकारी कहाँ से ली गई
स्रोत
आख़िरी जाँच:
- Vasuki Tal Trek — Bikat Adventures
- Nandanvan Vasuki Tal Trek — Himalayan Dream Treks
- Tapovan - Nandanvan - Vasuki Taal Trek | Customized Private Trek — Himalayan High
- Nandanvan Vasukital Trek — White Magic Adventure
- Gangotri National Park Reopens For Trek: Date, Permits, And What Travellers Need To Know — Outlook Traveller
- Gangotri National Park — Incredible India (Ministry of Tourism) (सरकारी)
- How to Get Gaumukh Permit — Himalayan Dream Treks
- Gaumukh: a trekker's paradise — ETV Bharat
फ़ोटो: Atudu, CC BY-SA 4.0; Atudu, CC BY-SA 4.0; schwiki, CC BY-SA 4.0




