केदारनाथ ट्रेक
रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड
इस फ़ोन पर बिना नेटवर्क के खुलेगा, नक्शे की फ़ाइल और सूची के साथ। ऑफ़लाइन सहेजे गए →
- सबसे ऊँचा बिंदु
- 3,583 मी
- दिन
- 4 दिन
- दूरी
- 32 किमी
- कठिनाई
- मध्यम
पक्का लेकिन लंबा रास्ता: गौरीकुंड (1,982 मी) से 3,583 मी पर स्थित मंदिर तक 16 किमी में लगभग 1,600 मी की चढ़ाई; चढ़ने में 6-10 घंटे और उतरने में 4-6 घंटे लगते हैं, ऐसी ऊँचाई पर जहाँ साँस फूलना आम है, और अक्सर भारी भीड़ व घोड़े-खच्चरों की आवाजाही के बीच; जो पैदल नहीं चल सकते, उनके लिए घोड़े, पिट्ठू, डंडी, पालकी और हेलीकॉप्टर उपलब्ध हैं।
तस्वीरें
रास्ते की झलक
रास्ता
दिन-ब-दिन
दिन 1
हरिद्वार → गुप्तकाशी
314 मी → 1,319 मी
दिन 2 · सबसे ऊँचा बिंदु
गौरीकुंड → केदारनाथ
1,982 मी → 3,583 मी
दिन 3
केदारनाथ → गुप्तकाशी (गौरीकुंड तक पैदल उतरकर, फिर गाड़ी से)
3,583 मी → 1,319 मी
दिन 4
गुप्तकाशी → हरिद्वार
1,319 मी → 314 मी
चढ़ाई और उतराई
ऊँचाई का ग्राफ़
कहाँ है
नक्शा
सिर्फ़ शुरुआत और सबसे ऊँची जगह के निशान — पूरा रास्ता नहीं। इसे किसी अच्छे नक़्शे के साथ ही इस्तेमाल करें।
मौसम
रास्ते पर अगले 5 दिन का मौसम
ट्रेक शुरू होने की जगह और सबसे ऊँची जगह का ताज़ा पूर्वानुमान। पहाड़ में मौसम जल्दी बदलता है — निकलने वाले दिन सुबह फिर से देखें।
शुरुआत · गौरीकुंड
1,982 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
सबसे ऊँची जगह · श्री केदारनाथ धाम (भगवान केदारनाथ का मंदिर)
3,583 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
हर दिन: अधिकतम / न्यूनतम °C · बारिश मिमी और संभावना · बर्फ़ सेमी · हवा किमी/घंटा
मौसम का डेटा: ओपन-मीटियोयह कंप्यूटर मॉडल का अनुमान है, सरकारी चेतावनी नहीं। चेतावनी के लिए मौसम विभाग (IMD) और स्थानीय प्रशासन की सूचना मानें।
यात्रा की तैयारी
कैसे पहुँचें
- ट्रेलहेड
- गौरीकुंड (नज़दीकी क़स्बा: गुप्तकाशी)
- नज़दीकी रेलवे स्टेशन
- ऋषिकेश, हरिद्वार या देहरादून
- नज़दीकी हवाई अड्डा
- जॉली ग्रांट हवाई अड्डा, देहरादून
- सड़क से
- हरिद्वार (लगभग 240 किमी); ऋषिकेश (लगभग 220 किमी); देहरादून (लगभग 250 किमी); गुप्तकाशी से सोनप्रयाग तक सड़क से, फिर सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक सरकारी शेयर्ड टैक्सी
- गाड़ी से
- हरिद्वार से लगभग 9 घंटे
यात्रा की तैयारी
परमिट और शुल्क
हम किसी सरकारी स्रोत से मौजूदा परमिट नियम और शुल्क पक्का नहीं कर पाए। जाने से पहले स्थानीय वन विभाग या पर्यटन कार्यालय से पूछ लें।
यात्रा की तैयारी
ख़र्च
ख़ुद से
₹4,000–9,000
ऑपरेटर के साथ
₹9,450–11,550
प्रति व्यक्ति। गाइडेड क़ीमतें 4 दिन के पैकेज की हैं: हिमालयन हाइकर्स ₹9,000 + 5% जीएसटी (+ ₹160 बीमा), हरिद्वार/ऋषिकेश से, नाश्ता और रात का खाना, गुप्तकाशी और केदारनाथ में ठहरना; ट्रेकर्स ऑफ़ इंडिया ₹11,000 + 5% जीएसटी, दिल्ली से, चार लोगों के कमरे में। इंडियनट्रेक्स हरिद्वार/ऋषिकेश से लंबे कार्यक्रम पर ₹10,499 + 5% जीएसटी बताता है, जिसमें एक रात केदारनाथ में रुकना शामिल है। घोड़े, पिट्ठू, पालकी और हेलीकॉप्टर टिकट सभी में अलग से हैं; हिमालयन हाइकर्स सरकार द्वारा तय घोड़े/पालकी का ख़र्च लगभग ₹3,000-10,000 बताता है। ख़ुद से जाने का ख़र्च हरिद्वार से एक अनुमान है: गुप्तकाशी/सोनप्रयाग तक आने-जाने की बस या शेयर्ड जीप, सोनप्रयाग-गौरीकुंड शेयर्ड टैक्सी, गेस्टहाउस में दो से तीन रातें (मई-जून में केदारनाथ के कमरे महँगे होते हैं), और खाना।
सामान
इस ट्रेक के लिए सबसे ज़रूरी सामान
इस रास्ते पर सबसे ज़्यादा काम आने वाला सामान, इसकी ऊँचाई, मौसम और ख़तरों के हिसाब से चुना गया।
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दुकान वाले बटन उस दुकान पर खोज खोलते हैं, हमारा चुना हुआ कोई सामान नहीं। अमेज़न एसोसिएट के रूप में हम योग्य ख़रीदारियों से कमाई करते हैं। फ़ोटो सिर्फ़ सामान का प्रकार दिखाती हैं, कोई ख़ास प्रोडक्ट नहीं। एफ़िलिएट जानकारी
सामान की सूची
इस ट्रेक के हिसाब से: ऊँचाई, मौसम, दिन और रास्ते के ख़तरे।
32 में से 0 रख लिए
3,583 मी के आसपास गर्मी में भी रात को पारा शून्य के पास जा सकता है। जितना सोचते हैं, उससे एक गर्म कपड़ा ज़्यादा रखें।
बैग में रखते ही हर चीज़ पर निशान लगाएँ।
जाने से पहले जानें
काम की बातें
- मोबाइल नेटवर्क
- बेस पर और मंदिर के पास जियो और एयरटेल सबसे अच्छे चलते हैं; रास्ते में सिग्नल भरोसेमंद नहीं है।
- आख़िरी एटीएम
- केदारनाथ में कोई चालू एटीएम नहीं है; नीचे घाटी के क़स्बों (गुप्तकाशी और उससे नीचे) से पर्याप्त नकद साथ लाएँ, और स्थानीय रूप से पता कर लें।
- नज़दीकी अस्पताल
- यात्रा के दौरान मार्ग पर और केदारनाथ में चिकित्सा राहत केंद्र चलते हैं, और सोनप्रयाग में कर्मचारी तीर्थयात्रियों की फ़िटनेस जाँच सकते हैं। गंभीर मामलों में रुद्रप्रयाग ज़िला अस्पताल, फिर ऋषिकेश या देहरादून।
- पानी
- यात्रा के मौसम में पक्के रास्ते पर पानी के पॉइंट, चाय की दुकानें और ढाबे मिलते हैं; बोतल साथ रखें और नाले का पानी साफ़ करके ही पिएँ।
ख़ास बातें
- श्री केदारनाथ धाम (3,583 मी) में भगवान केदारनाथ के दर्शन — भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक और पंच केदार में प्रथम
- मंदिर के पीछे आदि शंकराचार्य की समाधि
- मंदिर के पीछे की वह विशाल शिला, जिसने 2013 की बाढ़ का पानी मोड़ दिया और मंदिर सुरक्षित खड़ा रहा
- सुबह-सुबह केदारनाथ के ऊपर भैरवनाथ मंदिर तक लगभग 500 मी की चढ़ाई, जहाँ से मंदिर और उसके पीछे की बर्फ़ीली चोटियों के दृश्य दिखते हैं
- गौरीकुंड से मंदाकिनी घाटी में ऊपर की ओर चलना — झरने, जंगल और फिर केदारनाथ चोटियों के नीचे खुली ऊँची ढलानें
जोखिम
- चार धाम यात्रा का पंजीकरण अनिवार्य और निःशुल्क है; उत्तराखंड पर्यटन विभाग के पंजीकरण पोर्टल पर ऑनलाइन या टूरिस्ट केयर उत्तराखंड ऐप से (या हरिद्वार, ऋषिकेश, गुप्तकाशी और सोनप्रयाग के काउंटरों पर) पंजीकरण कराएँ, और पंजीकरण व फ़ोटो वाला सरकारी पहचान पत्र साथ रखें।
- मंदिर प्रवेश: 10 मार्च 2026 को बद्री-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने प्रस्ताव पारित किया कि उसके प्रबंधन वाले 47 मंदिरों, जिनमें श्री केदारनाथ धाम भी है, के गर्भगृह और परिसर में केवल सनातन धर्म के अनुयायी ही प्रवेश कर सकेंगे (ऑर्गनाइज़र और कर्ली टेल्स की ख़बरों के अनुसार)। इन ख़बरों में गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर किसी रोक का ज़िक्र नहीं है; यात्रा से पहले BKTC से मौजूदा नियम पक्का कर लें।
- जुलाई-अगस्त की मानसूनी बारिश से पैदल मार्ग और रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड सड़क पर भूस्खलन होते हैं; ऑपरेटर इन महीनों की सलाह नहीं देते और यात्रा रोकी जा सकती है, इसलिए जाने से पहले हालात पता कर लें।
- ऊँचाई: मंदिर 3,583 मी पर है, जहाँ 1,982 मी से एक ही दिन में 16 किमी चलकर पहुँचा जाता है। धीरे चलें, पानी पीते रहें, और तेज़ सिरदर्द, उल्टी या आराम करते हुए भी साँस फूलने पर नीचे उतर आएँ। सोनप्रयाग में स्वास्थ्य जाँच हो सकती है।
- चरम मौसम (मई-जून) में बहुत भारी भीड़, घोड़े-खच्चरों की आवाजाही और भरे हुए लॉज होते हैं; कमरे पहले से बुक करें और पैदल यात्रा जल्दी शुरू करें।
- हेलीकॉप्टर टिकट केवल IRCTC की आधिकारिक हेलीयात्रा वेबसाइट से बिकते हैं; कहीं और मिलने वाले टिकट धोखाधड़ी हो सकते हैं।
जाने से पहले जानें
सवाल-जवाब
गौरीकुंड से केदारनाथ की पैदल दूरी कितनी है?
पक्के रास्ते पर एक तरफ़ लगभग 16 किमी (विकिपीडिया लगभग 17 किमी बताता है), यानी आना-जाना लगभग 32 किमी। ज़्यादातर तीर्थयात्रियों को चढ़ने में 6-10 घंटे और उतरने में 4-6 घंटे लगते हैं। गाड़ियाँ सोनप्रयाग में रुक जाती हैं; आख़िरी हिस्से में गौरीकुंड तक सरकारी शेयर्ड टैक्सी चलती है, जहाँ से पैदल यात्रा शुरू होती है।
केदारनाथ मंदिर के कपाट कब खुले रहते हैं?
कपाट 22 अप्रैल 2026 को खुले, और पिछले साल सर्दियों के लिए भाई दूज, 23 अक्टूबर 2025 को बंद हुए थे। मंदिर समिति हर साल पंचांग से तिथियाँ तय करती है; 2026 में कपाट बंद होने की तिथि नवंबर में भाई दूज के आसपास होने की उम्मीद है। सर्दियों में बाबा केदार की डोली की पूजा ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में होती है। जाने के सबसे अच्छे महीने मई-जून और सितंबर-अक्टूबर हैं।
क्या केदारनाथ के लिए पंजीकरण या परमिट चाहिए?
हाँ। चार धाम यात्रा का पंजीकरण अनिवार्य और निःशुल्क है — उत्तराखंड पर्यटन विभाग के पंजीकरण पोर्टल पर ऑनलाइन या टूरिस्ट केयर उत्तराखंड ऐप से, और हरिद्वार, ऋषिकेश, गुप्तकाशी व सोनप्रयाग में ऑफ़लाइन काउंटरों पर। फ़ोटो वाला सरकारी पहचान पत्र साथ रखें। मंदिर के पैदल रास्ते के लिए हमें अलग से कोई ट्रेकिंग परमिट या शुल्क नहीं मिला; संदेह हो तो स्थानीय रूप से पता कर लें।
केदारनाथ मंदिर में कौन प्रवेश कर सकता है?
10 मार्च 2026 को मंदिर का प्रबंधन करने वाली बद्री-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने प्रस्ताव पारित किया कि उसके 47 मंदिरों, जिनमें श्री केदारनाथ धाम भी है, के गर्भगृह और मंदिर परिसर में प्रवेश बाबा केदारनाथ और बद्री विशाल में आस्था रखने वाले सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए है; गैर-हिंदू प्रवेश नहीं कर सकते। ख़बरों में गौरीकुंड से 16 किमी के पैदल मार्ग पर किसी रोक का ज़िक्र नहीं है, और चार धाम यात्रा का पंजीकरण सभी पर लागू रहता है। जाने से पहले BKTC से मौजूदा नियम पक्का कर लें।
क्या बिना पैदल चले केदारनाथ जा सकते हैं?
हाँ। गौरीकुंड में सरकार द्वारा तय दरों (लगभग ₹3,000-10,000) पर घोड़े, पिट्ठू (पीठ पर बैठने की जगह वाले कुली), डंडी और पालकी मिलती हैं, और गुप्तकाशी, सिरसी और फाटा से हेलीकॉप्टर उड़ते हैं। हेलीकॉप्टर टिकट केवल IRCTC की आधिकारिक हेलीयात्रा वेबसाइट से ही बुक करें।
केदारनाथ में कहाँ ठहर सकते हैं?
मंदिर के पास GMVN के कॉटेज, टेंट और निजी गेस्टहाउस। मई और जून में कमरे भर जाते हैं, इसलिए पहले से बुक करें। बहुत-से तीर्थयात्री पैदल यात्रा से पहले की रात गुप्तकाशी या सोनप्रयाग में रुकते हैं।
आपात स्थिति में
नेटवर्क जाने से पहले ये नंबर सेव कर लें। कॉल करने के लिए दबाएँ।
- 112हर आपात स्थितिभारत का एक ही आपातकालीन नंबर — हर राज्य में चलता है
- 108एंबुलेंस
- 1077ज़िला आपदा नियंत्रण कक्ष
आप यहाँ हैं
ज़िला: रुद्रप्रयागउत्तराखंड
- सबसे नज़दीकी अस्पताल
- यात्रा के दौरान मार्ग पर और केदारनाथ में चिकित्सा राहत केंद्र चलते हैं, और सोनप्रयाग में कर्मचारी तीर्थयात्रियों की फ़िटनेस जाँच सकते हैं। गंभीर मामलों में रुद्रप्रयाग ज़िला अस्पताल, फिर ऋषिकेश या देहरादून।
- आख़िरी एटीएम
- केदारनाथ में कोई चालू एटीएम नहीं है; नीचे घाटी के क़स्बों (गुप्तकाशी और उससे नीचे) से पर्याप्त नकद साथ लाएँ, और स्थानीय रूप से पता कर लें।
- फ़ोन नेटवर्क
- बेस पर और मंदिर के पास जियो और एयरटेल सबसे अच्छे चलते हैं; रास्ते में सिग्नल भरोसेमंद नहीं है।
निकलने से पहले
- किसी को अपना रास्ता और लौटने का समय बताकर जाएँ।
- फ़ोन पूरा चार्ज रखें और पावर बैंक साथ लें।
- रास्ते का ऑफ़लाइन नक्शा डाउनलोड कर लें।
- मौसम बिगड़े तो लौट आएँ — पहाड़ कहीं नहीं जाएगा।
केदारनाथ के बारे में सवाल
अभी कोई सवाल नहीं है। कुछ पूछें, जो लोग यह ट्रेक कर चुके हैं वे जवाब दे सकते हैं।
अपनी ट्रेक की तस्वीर #TreksAndTrails के साथ डालें
मैंने यह ट्रेक किया है
क्या केदारनाथ इस पेज से अलग दिखा? बताइए क्या बदला है, हम जाँच करेंगे।
जानकारी कहाँ से ली गई
स्रोत
आख़िरी जाँच:
- Kedarnath Dham — Registration and Tourist Care — Uttarakhand Tourism Development Board (Registration and Tourist Care portal) (सरकारी)
- Kedarnath Temple — Wikipedia
- Kedarnath Trek — Himalayan Hikers
- Kedarnath Yatra — Indiantreks
- Kedarnath Dham Yatra — Trekkers of India
- Shri Kedarnath and Shri Yamunotri temples close for winter on Bhaiya Dooj — All India Radio News (newsonair.gov.in) (सरकारी)
- Ahead of Char Dham Yatra 2026, Uttarakhand temple authority bars entry of non-Hindus in 47 temples — Organiser
- Ahead Of Char Dham Yatra 2026, Entry Of Non-Hindus Banned In 47 Temples Including Kedarnath — Curly Tales
फ़ोटो: Shaq774 at en.wikipedia, Public domain; Rohit Sharma, CC BY-SA 4.0




