यमुनोत्री ट्रेक
उत्तरकाशी, उत्तराखंड
इस फ़ोन पर बिना नेटवर्क के खुलेगा, नक्शे की फ़ाइल और सूची के साथ। ऑफ़लाइन सहेजे गए →
- सबसे ऊँचा बिंदु
- 3,293 मी
- दिन
- 3 दिन
- दूरी
- 12 किमी
- कठिनाई
- मध्यम
जानकी चट्टी से मंदिर तक पक्का लेकिन लगातार चढ़ाई वाला 6 किमी का रास्ता, जिसमें लगभग 650 मी चढ़ना होता है; चढ़ने में 2-4 घंटे और उतरने में 1.5-2 घंटे लगते हैं, और अक्सर यात्रा के चरम मौसम की भीड़ व घोड़े-खच्चरों की आवाजाही रहती है; जो पैदल नहीं चल सकते, उनके लिए घोड़े, डंडी और पालकी मिलती हैं।
तस्वीरें
रास्ते की झलक
रास्ता
दिन-ब-दिन
दिन 1
देहरादून → जानकी चट्टी
640 मी → 2,650 मी
दिन 2 · सबसे ऊँचा बिंदु
जानकी चट्टी → जानकी चट्टी (यमुनोत्री धाम होते हुए)
2,650 मी → 3,293 मी → 2,650 मी
दिन 3
जानकी चट्टी → देहरादून
2,650 मी → 640 मी
चढ़ाई और उतराई
ऊँचाई का ग्राफ़
कहाँ है
नक्शा
सिर्फ़ शुरुआत और सबसे ऊँची जगह के निशान — पूरा रास्ता नहीं। इसे किसी अच्छे नक़्शे के साथ ही इस्तेमाल करें।
मौसम
रास्ते पर अगले 5 दिन का मौसम
ट्रेक शुरू होने की जगह और सबसे ऊँची जगह का ताज़ा पूर्वानुमान। पहाड़ में मौसम जल्दी बदलता है — निकलने वाले दिन सुबह फिर से देखें।
शुरुआत · जानकी चट्टी
2,650 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
सबसे ऊँची जगह · यमुनोत्री धाम (मां यमुना का मंदिर)
3,293 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
हर दिन: अधिकतम / न्यूनतम °C · बारिश मिमी और संभावना · बर्फ़ सेमी · हवा किमी/घंटा
मौसम का डेटा: ओपन-मीटियोयह कंप्यूटर मॉडल का अनुमान है, सरकारी चेतावनी नहीं। चेतावनी के लिए मौसम विभाग (IMD) और स्थानीय प्रशासन की सूचना मानें।
यात्रा की तैयारी
कैसे पहुँचें
- ट्रेलहेड
- जानकी चट्टी (नज़दीकी क़स्बा: बड़कोट)
- नज़दीकी रेलवे स्टेशन
- देहरादून (हरिद्वार और ऋषिकेश भी)
- नज़दीकी हवाई अड्डा
- जॉली ग्रांट हवाई अड्डा, देहरादून
- सड़क से
- देहरादून (मसूरी, डामटा और बड़कोट होते हुए लगभग 180 किमी); हरिद्वार (लगभग 220 किमी); ऋषिकेश (लगभग 210 किमी); उत्तरकाशी (लगभग 125 किमी); बड़कोट (लगभग 45 किमी, 1.5 घंटे)
- गाड़ी से
- देहरादून से लगभग 7.5 घंटे
यात्रा की तैयारी
परमिट और शुल्क
हम किसी सरकारी स्रोत से मौजूदा परमिट नियम और शुल्क पक्का नहीं कर पाए। जाने से पहले स्थानीय वन विभाग या पर्यटन कार्यालय से पूछ लें।
यात्रा की तैयारी
ख़र्च
ख़ुद से
₹3,500–8,000
ऑपरेटर के साथ
₹8,000–12,500
प्रति व्यक्ति। गाइडेड क़ीमतें हरिद्वार से 3 दिन के पैकेज की हैं: रॉयल्स सर्विसेज़ ₹8,000 टैक्स सहित (जानकी चट्टी में ठहराव); ई-उत्तरांचल ₹8,999 / ₹9,999 / ₹11,900 + 5% GST (बड़कोट में ठहराव, देहरादून या ऋषिकेश से भी शुरू होता है)। दोनों में घोड़े, डंडी और पालकी का ख़र्च अलग है। ख़ुद से जाने का ख़र्च देहरादून से एक अनुमान है: बड़कोट तक बस और जानकी चट्टी तक शेयर्ड जीप (हर तरफ़ लगभग ₹900-1,200), जानकी चट्टी के किसी गेस्टहाउस या GMVN विश्राम गृह में दो रातें (₹300-900), खाना, और चाहें तो घोड़ा (एक तरफ़ लगभग ₹1,200)।
सामान
इस ट्रेक के लिए सबसे ज़रूरी सामान
इस रास्ते पर सबसे ज़्यादा काम आने वाला सामान, इसकी ऊँचाई, मौसम और ख़तरों के हिसाब से चुना गया।
विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंक
विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंक
विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंक
विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंक
विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंक
विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंक
विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंक- विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंक
दुकान वाले बटन उस दुकान पर खोज खोलते हैं, हमारा चुना हुआ कोई सामान नहीं। अमेज़न एसोसिएट के रूप में हम योग्य ख़रीदारियों से कमाई करते हैं। फ़ोटो सिर्फ़ सामान का प्रकार दिखाती हैं, कोई ख़ास प्रोडक्ट नहीं। एफ़िलिएट जानकारी
सामान की सूची
इस ट्रेक के हिसाब से: ऊँचाई, मौसम, दिन और रास्ते के ख़तरे।
32 में से 0 रख लिए
3,293 मी के आसपास गर्मी में भी रात को पारा शून्य के पास जा सकता है। जितना सोचते हैं, उससे एक गर्म कपड़ा ज़्यादा रखें।
बैग में रखते ही हर चीज़ पर निशान लगाएँ।
जाने से पहले जानें
काम की बातें
- मोबाइल नेटवर्क
- कहीं मिलता है, कहीं नहीं: बड़कोट में BSNL और जियो चलते हैं; जानकी चट्टी में केवल BSNL भरोसेमंद है; पैदल रास्ते पर मंदिर के पास पहुंचने तक लगभग कोई सिग्नल नहीं मिलता, वहां कभी-कभी BSNL चल जाता है।
- आख़िरी एटीएम
- बड़कोट (जानकी चट्टी में कोई ATM नहीं)
- नज़दीकी अस्पताल
- उत्तरकाशी; गंभीर मामलों में देहरादून। यमुनोत्री में कोई दवा की दुकान नहीं है, इसलिए ज़रूरी दवाइयां साथ रखें।
- पानी
- यात्रा के मौसम में पक्के रास्ते पर जगह-जगह पानी के नल और चाय की दुकानें मिलती हैं; बोतल साथ रखें और झरने-नाले का पानी साफ़ करके ही पिएं।
ख़ास बातें
- 3,293 मी पर स्थित यमुनोत्री धाम में मां यमुना के दर्शन — उत्तराखंड के चार धाम में पहला धाम
- मंदिर के पास गर्म जल का सूर्य कुंड, जिसमें श्रद्धालु कपड़े में बांधकर चावल और आलू पकाते हैं और उन्हें प्रसाद के रूप में घर ले जाते हैं
- सूर्य कुंड के पास पवित्र दिव्य शिला, जिसकी पूजा मां यमुना के दर्शन से पहले की जाती है
- नवजात यमुना के किनारे संकरी घाटी में पैदल रास्ता, ऊपर झरने और मंदिर के ऊपर बर्फ़ से ढकी चोटियां
जोखिम
- जुलाई-अगस्त की मानसून बारिश में पैदल रास्ते पर और ऋषिकेश-यमुनोत्री राजमार्ग (NH-134) पर भूस्खलन होते हैं; अगस्त 2026 की शुरुआत में भूस्खलन से सड़क बाधित हुई थी, इसलिए जाने से पहले सड़क की स्थिति पता कर लें।
- चरम मौसम (मई-जून) में संकरे रास्ते पर भारी भीड़ और घोड़े-खच्चरों की आवाजाही रहती है; कमरे पहले से बुक करें और पैदल यात्रा सुबह जल्दी शुरू करें।
- चार धाम यात्रा का पंजीकरण अनिवार्य है; पंजीकरण और फ़ोटो वाला पहचान पत्र साथ रखें।
- बड़कोट और जानकी चट्टी के बीच की सड़क पर कई जगह एक ही गाड़ी निकलने लायक संकरे हिस्से हैं; अंधेरा होने के बाद गाड़ी न चलाएं।
जाने से पहले जानें
सवाल-जवाब
जानकी चट्टी से यमुनोत्री तक कितना पैदल चलना होता है?
सड़क के आख़िरी पड़ाव जानकी चट्टी से पक्के रास्ते पर एक तरफ़ लगभग 6 किमी (आना-जाना 12 किमी)। ज़्यादातर श्रद्धालुओं को चढ़ने में 2-4 घंटे और उतरने में 1.5-2 घंटे लगते हैं। जो पैदल नहीं चल सकते, उनके लिए घोड़े (एक तरफ़ लगभग ₹1,200), डंडी और पालकी मिलती हैं।
यमुनोत्री मंदिर के कपाट कब खुले रहते हैं?
कपाट अक्षय तृतीया पर खुलते हैं (2026 में 19 अप्रैल) और भाई दूज पर सर्दियों के लिए बंद होते हैं (2025 में 23 अक्टूबर)। सर्दियों में मां यमुना की डोली खरसाली ले जाई जाती है, जहां कपाट फिर खुलने तक उनकी पूजा होती है। जाने के लिए सबसे अच्छे महीने मई-जून और सितंबर-अक्टूबर हैं।
क्या यमुनोत्री के लिए पंजीकरण या परमिट चाहिए?
हां। चार धाम यात्रा का पंजीकरण अनिवार्य है — उत्तराखंड पर्यटन विभाग के पंजीकरण पोर्टल पर ऑनलाइन या टूरिस्ट केयर उत्तराखंड ऐप से, और देहरादून, हरिद्वार व ऋषिकेश में ऑफ़लाइन काउंटरों पर। मंदिर के पैदल रास्ते के लिए हमें अलग से कोई ट्रेकिंग परमिट नहीं मिला; संदेह हो तो बड़कोट में स्थानीय रूप से पता कर लें।
सूर्य कुंड और दिव्य शिला क्या हैं?
सूर्य कुंड मंदिर के पास का मुख्य गर्म जल कुंड है; श्रद्धालु मलमल के कपड़े में बांधकर चावल और आलू इसके जल में पकाते हैं और प्रसाद के रूप में घर ले जाते हैं। दिव्य शिला सूर्य कुंड के पास की लालिमा लिए पवित्र शिला है, जिसकी पूजा मां यमुना के दर्शन से पहले की जाती है।
जानकी चट्टी कैसे पहुंचें?
जानकी चट्टी देहरादून से मसूरी और बड़कोट होते हुए लगभग 180 किमी (7-8 घंटे) है। सीधी बस नहीं है: बड़कोट तक बस लें और आख़िरी 45 किमी शेयर्ड जीप से जाएं, या टैक्सी कर लें। नकद साथ रखें, क्योंकि आख़िरी ATM बड़कोट में है।
आपात स्थिति में
नेटवर्क जाने से पहले ये नंबर सेव कर लें। कॉल करने के लिए दबाएँ।
- 112हर आपात स्थितिभारत का एक ही आपातकालीन नंबर — हर राज्य में चलता है
- 108एंबुलेंस
- 1077ज़िला आपदा नियंत्रण कक्ष
आप यहाँ हैं
ज़िला: उत्तरकाशीउत्तराखंड
- सबसे नज़दीकी अस्पताल
- उत्तरकाशी; गंभीर मामलों में देहरादून। यमुनोत्री में कोई दवा की दुकान नहीं है, इसलिए ज़रूरी दवाइयां साथ रखें।
- आख़िरी एटीएम
- बड़कोट (जानकी चट्टी में कोई ATM नहीं)
- फ़ोन नेटवर्क
- कहीं मिलता है, कहीं नहीं: बड़कोट में BSNL और जियो चलते हैं; जानकी चट्टी में केवल BSNL भरोसेमंद है; पैदल रास्ते पर मंदिर के पास पहुंचने तक लगभग कोई सिग्नल नहीं मिलता, वहां कभी-कभी BSNL चल जाता है।
निकलने से पहले
- किसी को अपना रास्ता और लौटने का समय बताकर जाएँ।
- फ़ोन पूरा चार्ज रखें और पावर बैंक साथ लें।
- रास्ते का ऑफ़लाइन नक्शा डाउनलोड कर लें।
- मौसम बिगड़े तो लौट आएँ — पहाड़ कहीं नहीं जाएगा।
यमुनोत्री के बारे में सवाल
अभी कोई सवाल नहीं है। कुछ पूछें, जो लोग यह ट्रेक कर चुके हैं वे जवाब दे सकते हैं।
अपनी ट्रेक की तस्वीर #TreksAndTrails के साथ डालें
मैंने यह ट्रेक किया है
क्या यमुनोत्री इस पेज से अलग दिखा? बताइए क्या बदला है, हम जाँच करेंगे।
जानकारी कहाँ से ली गई
स्रोत
आख़िरी जाँच:
- Yamunotri Dham — Registration and Tourist Care — Uttarakhand Tourism Development Board (Registration and Tourist Care portal) (सरकारी)
- Yamunotri, Uttarakhand: Sacred Source of the Yamuna River — Uttarakhand Tourism (uttarakhandtourism.gov.in) (सरकारी)
- Yamunotri — Wikipedia
- Yamunotri: The Most Complete Guide — Discover with Dheeraj (Dheeraj Sharma)
- Yamunotri Dham Yatra 2 Nights ex-Haridwar — eUttaranchal
- Yamnotry Yatra 3 Days Package (Royals Services, Haridwar) — Royals Services (via TourTravelWorld)
- Char Dham opening dates and registration — Himalayan Dream Treks
- Yamunotri Dham In Uttarakhand Closes For Winter On Bhai Dooj — ETV Bharat
- Shri Kedarnath and Shri Yamunotri temples close for winter on Bhaiya Dooj — All India Radio News (newsonair.gov.in) (सरकारी)
- Yamunotri Dham To Open Doors At 12.35 PM On April 19, On Akshaya Tritiya — ETV Bharat (2026 opening)
फ़ोटो: Atarax42, CC BY-SA 3.0; AaS, CC BY-SA 4.0; Anurag.vq, CC BY-SA 4.0




