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यमुनोत्री ट्रेक

उत्तरकाशी, उत्तराखंड

मध्यम3 दिनसबसे अच्छा: मई–जून, सित–अक्टू

हरी-भरी, जंगल से ढकी घाटी में यमुना की पथरीली धारा के ऊपर यमुनोत्री मंदिर और आश्रम के भवन, पीछे एक झरना3,293 मीसबसे ऊँचा बिंदु3 तस्वीरें
सबसे ऊँचा बिंदु
3,293 मी
दिन
3 दिन
दूरी
12 किमी
कठिनाई
मध्यम

सबसे अच्छे महीने मई–जून, सित–अक्टू

  1. जनबंद
  2. फ़रबंद
  3. मार्चबंद
  4. अप्रै
  5. मईसबसे अच्छा
  6. जूनसबसे अच्छा
  7. जुला
  8. अग
  9. सितसबसे अच्छा
  10. अक्टूसबसे अच्छा
  11. नव
  12. दिसबंद

जानकी चट्टी से मंदिर तक पक्का लेकिन लगातार चढ़ाई वाला 6 किमी का रास्ता, जिसमें लगभग 650 मी चढ़ना होता है; चढ़ने में 2-4 घंटे और उतरने में 1.5-2 घंटे लगते हैं, और अक्सर यात्रा के चरम मौसम की भीड़ व घोड़े-खच्चरों की आवाजाही रहती है; जो पैदल नहीं चल सकते, उनके लिए घोड़े, डंडी और पालकी मिलती हैं।

तस्वीरें

रास्ते की झलक

हरी-भरी, जंगल से ढकी घाटी में यमुना की पथरीली धारा के ऊपर यमुनोत्री मंदिर और आश्रम के भवन, पीछे एक झरना
हरी-भरी, जंगल से ढकी घाटी में यमुना की पथरीली धारा के ऊपर यमुनोत्री मंदिर और आश्रम के भवन, पीछे एक झरनाफ़ोटो: Atarax42 · CC BY-SA 3.0

1 / 3

रास्ता

दिन-ब-दिन

  1. दिन 1

    देहरादून → जानकी चट्टी

    सड़क से · 7.5 घंटे · गेस्टहाउस

    640 मी → 2,650 मी

  2. दिन 2 · सबसे ऊँचा बिंदु

    जानकी चट्टी → जानकी चट्टी (यमुनोत्री धाम होते हुए)

    12 किमी · 6 घंटे · गेस्टहाउस

    2,650 मी → 3,293 मी → 2,650 मी

  3. दिन 3

    जानकी चट्टी → देहरादून

    सड़क से · 7.5 घंटे · रात नहीं रुकना

    2,650 मी → 640 मी

चढ़ाई और उतराई

ऊँचाई का ग्राफ़

2,0002,5003,0003,500जानकी चट्टी: 2,650 मी, 0 किमीदिन 2 का सबसे ऊँचा बिंदु: 3,293 मी, 6 किमीजानकी चट्टी (यमुनोत्री धाम होते हुए): 2,650 मी, 12 किमी
समुद्र तल से ऊँचाई (मीटर) · दूरी 12 किमी

कहाँ है

नक्शा

GPX वेपॉइंट डाउनलोड करें

सिर्फ़ शुरुआत और सबसे ऊँची जगह के निशान — पूरा रास्ता नहीं। इसे किसी अच्छे नक़्शे के साथ ही इस्तेमाल करें।

मौसम

रास्ते पर अगले 5 दिन का मौसम

ट्रेक शुरू होने की जगह और सबसे ऊँची जगह का ताज़ा पूर्वानुमान। पहाड़ में मौसम जल्दी बदलता है — निकलने वाले दिन सुबह फिर से देखें।

हर दिन: अधिकतम / न्यूनतम °C · बारिश मिमी और संभावना · बर्फ़ सेमी · हवा किमी/घंटा

मौसम का डेटा: ओपन-मीटियोयह कंप्यूटर मॉडल का अनुमान है, सरकारी चेतावनी नहीं। चेतावनी के लिए मौसम विभाग (IMD) और स्थानीय प्रशासन की सूचना मानें।

यात्रा की तैयारी

कैसे पहुँचें

ट्रेलहेड
जानकी चट्टी (नज़दीकी क़स्बा: बड़कोट)
नज़दीकी रेलवे स्टेशन
देहरादून (हरिद्वार और ऋषिकेश भी)
नज़दीकी हवाई अड्डा
जॉली ग्रांट हवाई अड्डा, देहरादून
सड़क से
देहरादून (मसूरी, डामटा और बड़कोट होते हुए लगभग 180 किमी); हरिद्वार (लगभग 220 किमी); ऋषिकेश (लगभग 210 किमी); उत्तरकाशी (लगभग 125 किमी); बड़कोट (लगभग 45 किमी, 1.5 घंटे)
गाड़ी से
देहरादून से लगभग 7.5 घंटे

यात्रा की तैयारी

परमिट और शुल्क

हम किसी सरकारी स्रोत से मौजूदा परमिट नियम और शुल्क पक्का नहीं कर पाए। जाने से पहले स्थानीय वन विभाग या पर्यटन कार्यालय से पूछ लें।

यात्रा की तैयारी

ख़र्च

ख़ुद से

₹3,500–8,000

ऑपरेटर के साथ

₹8,000–12,500

प्रति व्यक्ति। गाइडेड क़ीमतें हरिद्वार से 3 दिन के पैकेज की हैं: रॉयल्स सर्विसेज़ ₹8,000 टैक्स सहित (जानकी चट्टी में ठहराव); ई-उत्तरांचल ₹8,999 / ₹9,999 / ₹11,900 + 5% GST (बड़कोट में ठहराव, देहरादून या ऋषिकेश से भी शुरू होता है)। दोनों में घोड़े, डंडी और पालकी का ख़र्च अलग है। ख़ुद से जाने का ख़र्च देहरादून से एक अनुमान है: बड़कोट तक बस और जानकी चट्टी तक शेयर्ड जीप (हर तरफ़ लगभग ₹900-1,200), जानकी चट्टी के किसी गेस्टहाउस या GMVN विश्राम गृह में दो रातें (₹300-900), खाना, और चाहें तो घोड़ा (एक तरफ़ लगभग ₹1,200)।

सामान

इस ट्रेक के लिए सबसे ज़रूरी सामान

इस रास्ते पर सबसे ज़्यादा काम आने वाला सामान, इसकी ऊँचाई, मौसम और ख़तरों के हिसाब से चुना गया।

सामान की पूरी सूची देखें

दुकान वाले बटन उस दुकान पर खोज खोलते हैं, हमारा चुना हुआ कोई सामान नहीं। अमेज़न एसोसिएट के रूप में हम योग्य ख़रीदारियों से कमाई करते हैं। फ़ोटो सिर्फ़ सामान का प्रकार दिखाती हैं, कोई ख़ास प्रोडक्ट नहीं। एफ़िलिएट जानकारी

सामान की सूची

इस ट्रेक के हिसाब से: ऊँचाई, मौसम, दिन और रास्ते के ख़तरे।

32 में से 0 रख लिए

3,293 मी के आसपास गर्मी में भी रात को पारा शून्य के पास जा सकता है। जितना सोचते हैं, उससे एक गर्म कपड़ा ज़्यादा रखें।

बैग में रखते ही हर चीज़ पर निशान लगाएँ।

क्या पहनें
बैग और सामान
सोने का सामान

कई ट्रेक आयोजक टेंट और स्लीपिंग बैग देते हैं। ख़रीदने से पहले पूछ लें।

सुरक्षा
पानी और खाना
काग़ज़ात और पैसे

आपके निशान सिर्फ़ इसी फ़ोन या कंप्यूटर पर सहेजे जाते हैं।

ख़रीदें वाले बटन उस दुकान पर खोज खोलते हैं, हमारा चुना हुआ कोई सामान नहीं। कुछ एफ़िलिएट लिंक हैं: इनसे हमें थोड़ा कमीशन मिल सकता है, आपको कोई अतिरिक्त ख़र्च नहीं। अमेज़न एसोसिएट के रूप में हम योग्य ख़रीदारियों से कमाई करते हैं। फ़ोटो सिर्फ़ सामान का प्रकार दिखाती हैं, कोई ख़ास प्रोडक्ट नहीं। एफ़िलिएट जानकारी

जाने से पहले जानें

काम की बातें

मोबाइल नेटवर्क
कहीं मिलता है, कहीं नहीं: बड़कोट में BSNL और जियो चलते हैं; जानकी चट्टी में केवल BSNL भरोसेमंद है; पैदल रास्ते पर मंदिर के पास पहुंचने तक लगभग कोई सिग्नल नहीं मिलता, वहां कभी-कभी BSNL चल जाता है।
आख़िरी एटीएम
बड़कोट (जानकी चट्टी में कोई ATM नहीं)
नज़दीकी अस्पताल
उत्तरकाशी; गंभीर मामलों में देहरादून। यमुनोत्री में कोई दवा की दुकान नहीं है, इसलिए ज़रूरी दवाइयां साथ रखें।
पानी
यात्रा के मौसम में पक्के रास्ते पर जगह-जगह पानी के नल और चाय की दुकानें मिलती हैं; बोतल साथ रखें और झरने-नाले का पानी साफ़ करके ही पिएं।

ख़ास बातें

  • 3,293 मी पर स्थित यमुनोत्री धाम में मां यमुना के दर्शन — उत्तराखंड के चार धाम में पहला धाम
  • मंदिर के पास गर्म जल का सूर्य कुंड, जिसमें श्रद्धालु कपड़े में बांधकर चावल और आलू पकाते हैं और उन्हें प्रसाद के रूप में घर ले जाते हैं
  • सूर्य कुंड के पास पवित्र दिव्य शिला, जिसकी पूजा मां यमुना के दर्शन से पहले की जाती है
  • नवजात यमुना के किनारे संकरी घाटी में पैदल रास्ता, ऊपर झरने और मंदिर के ऊपर बर्फ़ से ढकी चोटियां

जोखिम

  • जुलाई-अगस्त की मानसून बारिश में पैदल रास्ते पर और ऋषिकेश-यमुनोत्री राजमार्ग (NH-134) पर भूस्खलन होते हैं; अगस्त 2026 की शुरुआत में भूस्खलन से सड़क बाधित हुई थी, इसलिए जाने से पहले सड़क की स्थिति पता कर लें।
  • चरम मौसम (मई-जून) में संकरे रास्ते पर भारी भीड़ और घोड़े-खच्चरों की आवाजाही रहती है; कमरे पहले से बुक करें और पैदल यात्रा सुबह जल्दी शुरू करें।
  • चार धाम यात्रा का पंजीकरण अनिवार्य है; पंजीकरण और फ़ोटो वाला पहचान पत्र साथ रखें।
  • बड़कोट और जानकी चट्टी के बीच की सड़क पर कई जगह एक ही गाड़ी निकलने लायक संकरे हिस्से हैं; अंधेरा होने के बाद गाड़ी न चलाएं।

जाने से पहले जानें

सवाल-जवाब

जानकी चट्टी से यमुनोत्री तक कितना पैदल चलना होता है?

सड़क के आख़िरी पड़ाव जानकी चट्टी से पक्के रास्ते पर एक तरफ़ लगभग 6 किमी (आना-जाना 12 किमी)। ज़्यादातर श्रद्धालुओं को चढ़ने में 2-4 घंटे और उतरने में 1.5-2 घंटे लगते हैं। जो पैदल नहीं चल सकते, उनके लिए घोड़े (एक तरफ़ लगभग ₹1,200), डंडी और पालकी मिलती हैं।

यमुनोत्री मंदिर के कपाट कब खुले रहते हैं?

कपाट अक्षय तृतीया पर खुलते हैं (2026 में 19 अप्रैल) और भाई दूज पर सर्दियों के लिए बंद होते हैं (2025 में 23 अक्टूबर)। सर्दियों में मां यमुना की डोली खरसाली ले जाई जाती है, जहां कपाट फिर खुलने तक उनकी पूजा होती है। जाने के लिए सबसे अच्छे महीने मई-जून और सितंबर-अक्टूबर हैं।

क्या यमुनोत्री के लिए पंजीकरण या परमिट चाहिए?

हां। चार धाम यात्रा का पंजीकरण अनिवार्य है — उत्तराखंड पर्यटन विभाग के पंजीकरण पोर्टल पर ऑनलाइन या टूरिस्ट केयर उत्तराखंड ऐप से, और देहरादून, हरिद्वार व ऋषिकेश में ऑफ़लाइन काउंटरों पर। मंदिर के पैदल रास्ते के लिए हमें अलग से कोई ट्रेकिंग परमिट नहीं मिला; संदेह हो तो बड़कोट में स्थानीय रूप से पता कर लें।

सूर्य कुंड और दिव्य शिला क्या हैं?

सूर्य कुंड मंदिर के पास का मुख्य गर्म जल कुंड है; श्रद्धालु मलमल के कपड़े में बांधकर चावल और आलू इसके जल में पकाते हैं और प्रसाद के रूप में घर ले जाते हैं। दिव्य शिला सूर्य कुंड के पास की लालिमा लिए पवित्र शिला है, जिसकी पूजा मां यमुना के दर्शन से पहले की जाती है।

जानकी चट्टी कैसे पहुंचें?

जानकी चट्टी देहरादून से मसूरी और बड़कोट होते हुए लगभग 180 किमी (7-8 घंटे) है। सीधी बस नहीं है: बड़कोट तक बस लें और आख़िरी 45 किमी शेयर्ड जीप से जाएं, या टैक्सी कर लें। नकद साथ रखें, क्योंकि आख़िरी ATM बड़कोट में है।

इस ट्रेक के लिए आपकी 8 हफ़्ते की योजनामध्यम ग्रेड। यात्रा से लगभग 8 हफ़्ते पहले शुरू करें।
SOS

आपात स्थिति में

नेटवर्क जाने से पहले ये नंबर सेव कर लें। कॉल करने के लिए दबाएँ।

आप यहाँ हैं

ज़िला: उत्तरकाशीउत्तराखंड

सबसे नज़दीकी अस्पताल
उत्तरकाशी; गंभीर मामलों में देहरादून। यमुनोत्री में कोई दवा की दुकान नहीं है, इसलिए ज़रूरी दवाइयां साथ रखें।
आख़िरी एटीएम
बड़कोट (जानकी चट्टी में कोई ATM नहीं)
फ़ोन नेटवर्क
कहीं मिलता है, कहीं नहीं: बड़कोट में BSNL और जियो चलते हैं; जानकी चट्टी में केवल BSNL भरोसेमंद है; पैदल रास्ते पर मंदिर के पास पहुंचने तक लगभग कोई सिग्नल नहीं मिलता, वहां कभी-कभी BSNL चल जाता है।

निकलने से पहले

  1. किसी को अपना रास्ता और लौटने का समय बताकर जाएँ।
  2. फ़ोन पूरा चार्ज रखें और पावर बैंक साथ लें।
  3. रास्ते का ऑफ़लाइन नक्शा डाउनलोड कर लें।
  4. मौसम बिगड़े तो लौट आएँ — पहाड़ कहीं नहीं जाएगा।
समुदाय · जल्द खुल रहा है

यमुनोत्री के बारे में सवाल

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जानकारी कहाँ से ली गई

स्रोत

आख़िरी जाँच:

  1. Yamunotri Dham — Registration and Tourist Care — Uttarakhand Tourism Development Board (Registration and Tourist Care portal) (सरकारी)
  2. Yamunotri, Uttarakhand: Sacred Source of the Yamuna River — Uttarakhand Tourism (uttarakhandtourism.gov.in) (सरकारी)
  3. Yamunotri — Wikipedia
  4. Yamunotri: The Most Complete Guide — Discover with Dheeraj (Dheeraj Sharma)
  5. Yamunotri Dham Yatra 2 Nights ex-Haridwar — eUttaranchal
  6. Yamnotry Yatra 3 Days Package (Royals Services, Haridwar) — Royals Services (via TourTravelWorld)
  7. Char Dham opening dates and registration — Himalayan Dream Treks
  8. Yamunotri Dham In Uttarakhand Closes For Winter On Bhai Dooj — ETV Bharat
  9. Shri Kedarnath and Shri Yamunotri temples close for winter on Bhaiya Dooj — All India Radio News (newsonair.gov.in) (सरकारी)
  10. Yamunotri Dham To Open Doors At 12.35 PM On April 19, On Akshaya Tritiya — ETV Bharat (2026 opening)

फ़ोटो: Atarax42, CC BY-SA 3.0; AaS, CC BY-SA 4.0; Anurag.vq, CC BY-SA 4.0

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डोडीताल झील के घास वाले किनारे पर चरता एक सलेटी घोड़ा, और शांत पानी में झलकता गहरा फ़र का जंगल और हल्के रंग के पत्थरों वाली ढलान4,150 मी

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मध्यम6 दिनअप्रै–जून, सित–नव

  1. जनवरी
  2. फ़रवरी
  3. मार्च
  4. अप्रैलसबसे अच्छा
  5. मईसबसे अच्छा
  6. जूनसबसे अच्छा
  7. जुलाईबंद
  8. अगस्तबंद
  9. सितंबरसबसे अच्छा
  10. अक्टूबरसबसे अच्छा
  11. नवंबरसबसे अच्छा
  12. दिसंबर
शिलाडुनी कैंपसाइट के बुग्याल से दिखती, सफ़ेद बादलों के नीचे अस्सी गंगा घाटी की जंगल से ढकी पहाड़ियाँ3,600 मी

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मुक्ता टॉप

मध्यम6 दिनअप्रै–जून, सित–नव

  1. जनवरी
  2. फ़रवरी
  3. मार्च
  4. अप्रैलसबसे अच्छा
  5. मईसबसे अच्छा
  6. जूनसबसे अच्छा
  7. जुलाई
  8. अगस्त
  9. सितंबरसबसे अच्छा
  10. अक्टूबरसबसे अच्छा
  11. नवंबरसबसे अच्छा
  12. दिसंबर
नीचे झुके बादलों के नीचे लहराते हरे दयारा बुग्याल का चौड़ा नज़ारा, रिज पर शंकुधारी पेड़ों की कतार3,640 मी

उत्तराखंड

दयारा बुग्याल

आसान5 दिनअक्टू–मई

  1. जनवरीसबसे अच्छा, बर्फ़
  2. फ़रवरीसबसे अच्छा, बर्फ़
  3. मार्चसबसे अच्छा, बर्फ़
  4. अप्रैलसबसे अच्छा
  5. मईसबसे अच्छा
  6. जून
  7. जुलाई
  8. अगस्त
  9. सितंबर
  10. अक्टूबरसबसे अच्छा
  11. नवंबरसबसे अच्छा
  12. दिसंबरसबसे अच्छा, बर्फ़
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उत्तराखंड

फाचू कांडी पास

कठिन8 दिनमई–जून, सित–नव

  1. जनवरीबंद
  2. फ़रवरीबंद
  3. मार्चबंद
  4. अप्रैलबंद
  5. मईसबसे अच्छा
  6. जूनसबसे अच्छा
  7. जुलाई
  8. अगस्त
  9. सितंबरसबसे अच्छा
  10. अक्टूबरसबसे अच्छा
  11. नवंबरसबसे अच्छा
  12. दिसंबर