हरिश्चंद्रगढ़ ट्रेक
अहिल्यानगर (अहमदनगर); बेस गाँव खिरेश्वर पुणे ज़िले की जुन्नर तहसील में है, महाराष्ट्र
इस फ़ोन पर बिना नेटवर्क के खुलेगा, नक्शे की फ़ाइल और सूची के साथ। ऑफ़लाइन सहेजे गए →
- सबसे ऊँचा बिंदु
- 1,424 मी
- दिन
- 2 दिन
- दूरी
- 13 किमी
- कठिनाई
- मध्यम
खिरेश्वर वाला रास्ता लंबा है (हर तरफ़ लगभग 6 किमी, चढ़ाई में करीब 5 घंटे) और इसमें टोलार खिंड का लगभग 65-70 डिग्री का चट्टानी हिस्सा है, जिस पर लोहे के खंभे और ज़ंजीरें लगी हैं; मानसून में रास्ता फिसलन भरा रहता है और जोंकें बहुत होती हैं।
तस्वीरें
रास्ते की झलक
रास्ता
दिन-ब-दिन
दिन 1
खिरेश्वर गाँव → हरिश्चंद्रेश्वर मंदिर (टोलार खिंड होते हुए)
690 मी → 1,220 मी
दिन 2 · सबसे ऊँचा बिंदु
हरिश्चंद्रेश्वर मंदिर → खिरेश्वर गाँव (तारामती चोटी और कोकण कडा होते हुए)
1,220 मी → 1,424 मी → 690 मी
चढ़ाई और उतराई
ऊँचाई का ग्राफ़
कहाँ है
नक्शा
सिर्फ़ शुरुआत और सबसे ऊँची जगह के निशान — पूरा रास्ता नहीं। इसे किसी अच्छे नक़्शे के साथ ही इस्तेमाल करें।
मौसम
रास्ते पर अगले 5 दिन का मौसम
ट्रेक शुरू होने की जगह और सबसे ऊँची जगह का ताज़ा पूर्वानुमान। पहाड़ में मौसम जल्दी बदलता है — निकलने वाले दिन सुबह फिर से देखें।
शुरुआत · खिरेश्वर गाँव
690 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
सबसे ऊँची जगह · तारामती चोटी (हरिश्चंद्रगढ़)
1,424 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
हर दिन: अधिकतम / न्यूनतम °C · बारिश मिमी और संभावना · बर्फ़ सेमी · हवा किमी/घंटा
मौसम का डेटा: ओपन-मीटियोयह कंप्यूटर मॉडल का अनुमान है, सरकारी चेतावनी नहीं। चेतावनी के लिए मौसम विभाग (IMD) और स्थानीय प्रशासन की सूचना मानें।
यात्रा की तैयारी
कैसे पहुँचें
- ट्रेलहेड
- खिरेश्वर गाँव (नज़दीकी क़स्बा: जुन्नर)
- नज़दीकी रेलवे स्टेशन
- कल्याण (मध्य रेलवे); मालशेज घाट होकर आलेफाटा जाने वाली बसें खुबी फाटा पर रुकती हैं, जो खिरेश्वर से 5 किमी दूर है
- नज़दीकी हवाई अड्डा
- पुणे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (लोहगाँव)
- सड़क से
- मुंबई (एनएच 222 और मालशेज घाट होते हुए खुबी फाटा और खिरेश्वर तक लगभग 130 किमी, करीब 3.5 घंटे); पुणे (आलेफाटा और खुबी फाटा होते हुए लगभग 160 किमी, करीब 4 घंटे); कल्याण (आलेफाटा की ओर जाने वाली एमएसआरटीसी बस; खुबी फाटा पर उतरें और पिंपलगाँव जोगा बाँध के किनारे-किनारे 5 किमी पैदल या जीप से जाएँ)
- गाड़ी से
- मुंबई से लगभग 3.5 घंटे
यात्रा की तैयारी
परमिट और शुल्क
हम किसी सरकारी स्रोत से मौजूदा परमिट नियम और शुल्क पक्का नहीं कर पाए। जाने से पहले स्थानीय वन विभाग या पर्यटन कार्यालय से पूछ लें।
यात्रा की तैयारी
ख़र्च
ख़ुद से
₹600–2,000
ऑपरेटर के साथ
₹1,499–2,299
प्रति व्यक्ति, मुंबई से। 2025-26 सीज़न के लिए छपी गाइडेड क़ीमतें: ट्रेक्स एंड ट्रेल्स इंडिया ₹1,499, मुंबई से आने-जाने के साथ खिरेश्वर से रात भर का ट्रेक; भटकना ₹1,599 + 5% जीएसटी मुंबई से (पाचनई रास्ता, प्रवेश शुल्क शामिल); ट्रेक्स एंड ट्रेल्स इंडिया ₹2,299, ऊपर टेंट में कैंपिंग के साथ 2 दिन का ट्रेक (पाचनई रास्ता, कसारा/पुणे से)। ख़ुद से जाने का ख़र्च एक अनुमान है: कल्याण तक ट्रेन, खुबी फाटा तक एमएसआरटीसी बस से आना-जाना, खिरेश्वर तक जीप, गाँव के घरों और पठार की दुकानों पर खाना, टेंट या गुफा में ठहरना, और स्थानीय गाइड के ख़र्च में हिस्सा।
सामान
इस ट्रेक के लिए सबसे ज़रूरी सामान
इस रास्ते पर सबसे ज़्यादा काम आने वाला सामान, इसकी ऊँचाई, मौसम और ख़तरों के हिसाब से चुना गया।
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विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंकमंदिर दर्शन के लिए सादे, ढके कपड़े
ज़रूरीतीर्थ यात्रा: मंदिरों में सादे कपड़े पहनें
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दुकान वाले बटन उस दुकान पर खोज खोलते हैं, हमारा चुना हुआ कोई सामान नहीं। अमेज़न एसोसिएट के रूप में हम योग्य ख़रीदारियों से कमाई करते हैं। फ़ोटो सिर्फ़ सामान का प्रकार दिखाती हैं, कोई ख़ास प्रोडक्ट नहीं। एफ़िलिएट जानकारी
सामान की सूची
इस ट्रेक के हिसाब से: ऊँचाई, मौसम, दिन और रास्ते के ख़तरे।
26 में से 0 रख लिए
बारिश के महीने (अग–सित): सब कुछ पॉलीथीन या वाटरप्रूफ़ थैले में रखें और अच्छी पकड़ वाले जूते पहनें।
बैग में रखते ही हर चीज़ पर निशान लगाएँ।
जाने से पहले जानें
काम की बातें
- मोबाइल नेटवर्क
- हमारे स्रोतों से पक्का नहीं हुआ; जंगल वाले रास्ते और पठार पर नेटवर्क कमज़ोर या बिल्कुल न मिलने की उम्मीद रखें।
- आख़िरी एटीएम
- पक्का नहीं; खिरेश्वर में कोई एटीएम नहीं है, इसलिए कल्याण, जुन्नर या आलेफाटा से नक़द लेकर चलें।
- नज़दीकी अस्पताल
- पक्का नहीं; पुणे की तरफ़ ओतूर और जुन्नर सबसे पास के क़स्बे हैं जहाँ इलाज मिलता है। ट्रेक से पहले स्थानीय लोगों से पता कर लें।
- पानी
- मानसून में जंगल में नाले मिलते हैं; पठार पर गुफाओं और केदारेश्वर मंदिर के पास एक बारहमासी धारा और कुंडों से लगभग पूरे साल पानी मिलता है। पानी साफ़ करके या फ़िल्टर करके पिएँ, और चढ़ाई के लिए 2 लीटर साथ रखें।
ख़ास बातें
- कोकण कडा, कोंकण की ओर गिरती एक विशाल अवतल चट्टान, जो सूर्यास्त, नीचे से सीधे ऊपर उठते बादलों और दुर्लभ गोल इंद्रधनुष (ब्रॉकन स्पेक्टर) के लिए मशहूर है
- 6वीं सदी का हरिश्चंद्रेश्वर मंदिर और गुफाएँ, जहाँ आज भी नित्य पूजा होती है
- केदारेश्वर गुफा, जहाँ पाँच फ़ुट ऊँचा शिवलिंग पूरे साल बर्फ़ जैसे ठंडे जल में विराजमान रहता है
- क़िले का सबसे ऊँचा बिंदु तारामती चोटी, जहाँ से अलंग, मदन, कुलंग, कलसूबाई और नाणेघाट तक के नज़ारे दिखते हैं
- मानसून से पहले खिरेश्वर के जंगल में जुगनू और मानसून के बाद पठार पर जंगली फूल
जोखिम
- टोलार खिंड का चट्टानी हिस्सा खड़ा है (लगभग 65-70 डिग्री); लगे हुए खंभे और ज़ंजीरें बारिश में फिसलन भरी हो जाती हैं और धूप में लगभग सुबह 11 बजे के बाद बहुत गरम हो जाती हैं।
- भरे मानसून में चट्टानें फिसलन भरी, नाले उफनते और जोंकें बहुत होती हैं; इंडियाहाइक्स भरे मानसून और गर्मियों में खिरेश्वर वाले रास्ते से बचने की सलाह देता है, और 2025 में भारी बारिश में उतरते ट्रेकर पत्थर गिरने से घायल हुए थे।
- खिरेश्वर वाले रास्ते पर निशान एक जैसे नहीं हैं और कोहरे में पठार के दोराहे भ्रम में डालते हैं; पहली बार जा रहे हों तो स्थानीय गाइड साथ लें।
- क़िला कलसूबाई-हरिश्चंद्रगढ़ वन्यजीव अभयारण्य के भीतर है; कुछ सालों में वन विभाग ने मानसून में आसपास की जगहें बंद की हैं, इसलिए जाने से पहले कोई मौजूदा आदेश है या नहीं, पता कर लें।
- हवा, कोहरे या अंधेरे में कोकण कडा के किनारे के पास कभी न जाएँ।
जाने से पहले जानें
सवाल-जवाब
हरिश्चंद्रगढ़ के लिए कौन-सा रास्ता लें?
पाचनई (एक तरफ़ लगभग 3 किमी, करीब 2 घंटे) सबसे आसान है और शुरुआती लोगों के लिए ठीक है। टोलार खिंड होकर खिरेश्वर वाला रास्ता (एक तरफ़ लगभग 6-7 किमी) सबसे लोकप्रिय और मध्यम है, जिसमें एक खड़ा चट्टानी हिस्सा है। बेलपाडा से नलीची वाट एक तकनीकी रास्ता है, जिसके लिए रस्सियाँ और अनुभवी लीडर चाहिए।
क्या हरिश्चंद्रगढ़ के लिए परमिट चाहिए?
इंडियाहाइक्स और एक्सप्लर्जर के अनुसार वन विभाग का परमिट नहीं चाहिए और प्रवेश मुफ़्त है। कुछ ऑपरेटर अपने पैकेज में छोटा प्रवेश शुल्क जोड़ते हैं, और क़िला वन्यजीव अभयारण्य के भीतर है, इसलिए किसी शुल्क या मौसमी आदेश के बारे में स्थानीय स्तर पर पता कर लें।
हरिश्चंद्रगढ़ ट्रेक का सबसे अच्छा समय कब है?
अगस्त से फ़रवरी। अक्टूबर और नवंबर की सबसे ज़्यादा सलाह दी जाती है: रास्ते सूखे रहते हैं, पठार हरा-भरा होता है और कोकण कडा से नज़ारे साफ़ दिखते हैं। दिसंबर-जनवरी की रातें ठंडी होती हैं (पठार पर लगभग 3-5 °C)। मानसून सुंदर है पर फिसलन भरा, और मार्च से मई तक गर्मी और सूखा रहता है।
क्या हरिश्चंद्रगढ़ के ऊपर कैंप कर सकते हैं?
हाँ। कैंपिंग पर कोई रोक नहीं है; लोग हरिश्चंद्रेश्वर मंदिर के पास कैंप लगाते हैं या गुफाओं में ठहरते हैं। पठार पर हवा तेज़ हो सकती है, इसलिए टेंट के खूँटे अच्छे से गाड़ें और कोकण कडा के किनारे से दूर रहें।
सार्वजनिक परिवहन से खिरेश्वर कैसे पहुँचें?
मुंबई से कल्याण तक लोकल ट्रेन लें, फिर मालशेज घाट होकर आलेफाटा जाने वाली एमएसआरटीसी बस लें और खुबी फाटा पर उतरें। वहाँ से पिंपलगाँव जोगा बाँध के किनारे-किनारे खिरेश्वर तक लगभग 5 किमी (करीब 1.5 घंटे) पैदल है। पुणे से आलेफाटा तक बस लें और फिर कल्याण जाने वाली बस से खुबी फाटा पहुँचें।
क्या ट्रेक पर खाना मिलता है?
खिरेश्वर की तरफ़ खाना गाँव के कुछ घरों और टोलार खिंड पर एक चाय की दुकान तक ही सीमित है, इसलिए पैक किया हुआ खाना साथ रखें। पठार पर गाँव वाले खाने, नींबू पानी और छाछ की दुकानें लगाते हैं, ख़ासकर सप्ताहांत पर।
आपात स्थिति में
नेटवर्क जाने से पहले ये नंबर सेव कर लें। कॉल करने के लिए दबाएँ।
- 112हर आपात स्थितिभारत का एक ही आपातकालीन नंबर — हर राज्य में चलता है
- 108एंबुलेंस
- 1077ज़िला आपदा नियंत्रण कक्ष
आप यहाँ हैं
ज़िला: अहिल्यानगर (अहमदनगर); बेस गाँव खिरेश्वर पुणे ज़िले की जुन्नर तहसील में हैमहाराष्ट्र
- सबसे नज़दीकी अस्पताल
- पक्का नहीं; पुणे की तरफ़ ओतूर और जुन्नर सबसे पास के क़स्बे हैं जहाँ इलाज मिलता है। ट्रेक से पहले स्थानीय लोगों से पता कर लें।
- आख़िरी एटीएम
- पक्का नहीं; खिरेश्वर में कोई एटीएम नहीं है, इसलिए कल्याण, जुन्नर या आलेफाटा से नक़द लेकर चलें।
- फ़ोन नेटवर्क
- हमारे स्रोतों से पक्का नहीं हुआ; जंगल वाले रास्ते और पठार पर नेटवर्क कमज़ोर या बिल्कुल न मिलने की उम्मीद रखें।
निकलने से पहले
- किसी को अपना रास्ता और लौटने का समय बताकर जाएँ।
- फ़ोन पूरा चार्ज रखें और पावर बैंक साथ लें।
- रास्ते का ऑफ़लाइन नक्शा डाउनलोड कर लें।
- मौसम बिगड़े तो लौट आएँ — पहाड़ कहीं नहीं जाएगा।
हरिश्चंद्रगढ़ के बारे में सवाल
अभी कोई सवाल नहीं है। कुछ पूछें, जो लोग यह ट्रेक कर चुके हैं वे जवाब दे सकते हैं।
अपनी ट्रेक की तस्वीर #TreksAndTrails के साथ डालें
मैंने यह ट्रेक किया है
क्या हरिश्चंद्रगढ़ इस पेज से अलग दिखा? बताइए क्या बदला है, हम जाँच करेंगे।
जानकारी कहाँ से ली गई
स्रोत
आख़िरी जाँच:
- The Complete Guide to Harishchandragad Trek — Indiahikes
- DIY Guide to Harishchandragad Trek — Bikat Adventures
- Harishchandragad Trek: Routes, Konkan Kada, Distance and Best Time — Explurger
- Harishchandragad Trek — TrekUp India
- Harishchandragad Trek via Khireshwar — Treks and Trails India
- Harishchandragad Fort Monsoon Trek 2026 — Bhatakna Tours and Travels
- Harishchandragad — Wikipedia
फ़ोटो: Swapnilraikar, CC BY-SA 4.0; Tokendra, CC BY-SA 4.0; Avinash Rohra, CC BY-SA 4.0



