मकलीदुर्ग ट्रेक
बेंगलुरु ग्रामीण, अब नया नाम बेंगलुरु उत्तर (दोड्डबल्लापुर तालुक), कर्नाटक
इस फ़ोन पर बिना नेटवर्क के खुलेगा, नक्शे की फ़ाइल और सूची के साथ। ऑफ़लाइन सहेजे गए →
- सबसे ऊँचा बिंदु
- 1,117 मी
- दिन
- 1 दिन
- दूरी
- 4.5 किमी
- कठिनाई
- मध्यम
छोटा ट्रेक है, लगभग 290 मी की चढ़ाई, लेकिन रेस्ट पॉइंट I से पहले रास्ता खड़ी ग्रेनाइट चट्टानों और ढीली बजरी से गुज़रता है, जहाँ संतुलन के लिए हाथों का सहारा लेना पड़ता है और गीले होने पर फिसलन रहती है; उतरते समय ख़ास सावधानी चाहिए।
तस्वीरें
रास्ते की झलक
रास्ता
दिन-ब-दिन
दिन 1 · सबसे ऊँचा बिंदु
श्री मुत्तुरायस्वामी मंदिर की पार्किंग → श्री मुत्तुरायस्वामी मंदिर की पार्किंग (मकलीदुर्ग क़िला होते हुए)
850 मी → 1,117 मी → 850 मी
चढ़ाई और उतराई
ऊँचाई का ग्राफ़
कहाँ है
नक्शा
सिर्फ़ शुरुआत और सबसे ऊँची जगह के निशान — पूरा रास्ता नहीं। इसे किसी अच्छे नक़्शे के साथ ही इस्तेमाल करें।
मौसम
रास्ते पर अगले 5 दिन का मौसम
ट्रेक शुरू होने की जगह और सबसे ऊँची जगह का ताज़ा पूर्वानुमान। पहाड़ में मौसम जल्दी बदलता है — निकलने वाले दिन सुबह फिर से देखें।
शुरुआत · श्री मुत्तुरायस्वामी मंदिर की पार्किंग, मकलीदुर्ग
850 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
सबसे ऊँची जगह · मकलीदुर्ग क़िले का शिखर
1,117 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
हर दिन: अधिकतम / न्यूनतम °C · बारिश मिमी और संभावना · बर्फ़ सेमी · हवा किमी/घंटा
मौसम का डेटा: ओपन-मीटियोयह कंप्यूटर मॉडल का अनुमान है, सरकारी चेतावनी नहीं। चेतावनी के लिए मौसम विभाग (IMD) और स्थानीय प्रशासन की सूचना मानें।
यात्रा की तैयारी
कैसे पहुँचें
- ट्रेलहेड
- श्री मुत्तुरायस्वामी मंदिर की पार्किंग, मकलीदुर्ग (नज़दीकी क़स्बा: दोड्डबल्लापुर)
- नज़दीकी रेलवे स्टेशन
- मकलीदुर्ग स्टेशन (बेंगलुरु–गुंतकल लाइन पर; ट्रेक की शुरुआत तक पटरियों के साथ लगभग 2.2 किमी पैदल)
- नज़दीकी हवाई अड्डा
- केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, बेंगलुरु
- सड़क से
- बेंगलुरु (लगभग 60 किमी: NH 44 से येलहंका, फिर SH 9 से दोड्डबल्लापुर के आगे; वन विभाग के बोर्ड से 900 मी कच्चा रास्ता); दोड्डबल्लापुर (लगभग 15 किमी)
- गाड़ी से
- बेंगलुरु से लगभग 1.75 घंटे
यात्रा की तैयारी
परमिट और शुल्क
हम किसी सरकारी स्रोत से मौजूदा परमिट नियम और शुल्क पक्का नहीं कर पाए। जाने से पहले स्थानीय वन विभाग या पर्यटन कार्यालय से पूछ लें।
यात्रा की तैयारी
ख़र्च
ख़ुद से
₹400–1,500
ऑपरेटर के साथ
₹1,290–1,950
प्रति व्यक्ति, बेंगलुरु से, एक दिन की यात्रा। अक्टूबर 2026 में दिखीं गाइडेड क़ीमतें: मडी ट्रेल्स ₹1,290 से, ट्रेक्स एंड ट्रेल्स इंडिया ₹1,300, बीएमसी एडवेंचर्स ₹1,840 + जीएसटी (सभी में आना-जाना, नाश्ता और वन विभाग का शुल्क शामिल)। ख़ुद से जाने का ख़र्च एक अनुमान है: मकलीदुर्ग स्टेशन तक ट्रेन (एक तरफ़ ₹30–140) या शेयर्ड कार, ऑनलाइन वन बुकिंग (ऑपरेटर और विकिपीडिया लगभग ₹250 प्रति वयस्क बताते हैं, किसी तारीख़ वाली सरकारी सूचना से पक्का नहीं) और खाना।
सामान
इस ट्रेक के लिए सबसे ज़रूरी सामान
इस रास्ते पर सबसे ज़्यादा काम आने वाला सामान, इसकी ऊँचाई, मौसम और ख़तरों के हिसाब से चुना गया।
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विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंकमंदिर दर्शन के लिए सादे, ढके कपड़े
ज़रूरीतीर्थ यात्रा: मंदिरों में सादे कपड़े पहनें
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दुकान वाले बटन उस दुकान पर खोज खोलते हैं, हमारा चुना हुआ कोई सामान नहीं। अमेज़न एसोसिएट के रूप में हम योग्य ख़रीदारियों से कमाई करते हैं। फ़ोटो सिर्फ़ सामान का प्रकार दिखाती हैं, कोई ख़ास प्रोडक्ट नहीं। एफ़िलिएट जानकारी
सामान की सूची
इस ट्रेक के हिसाब से: ऊँचाई, मौसम, दिन और रास्ते के ख़तरे।
22 में से 0 रख लिए
बारिश के महीने (सित): सब कुछ पॉलीथीन या वाटरप्रूफ़ थैले में रखें और अच्छी पकड़ वाले जूते पहनें।
बैग में रखते ही हर चीज़ पर निशान लगाएँ।
जाने से पहले जानें
काम की बातें
- मोबाइल नेटवर्क
- रास्ते के ज़्यादातर हिस्से पर एयरटेल, वोडाफ़ोन आइडिया और जियो चलते हैं, कुछ जगह सिग्नल कमज़ोर रहता है।
- आख़िरी एटीएम
- दोड्डबल्लापुर (लगभग 15 किमी)
- नज़दीकी अस्पताल
- दोड्डबल्लापुर ज़िला अस्पताल, पार्किंग से लगभग 16 किमी
- पानी
- बेस पर या रास्ते में पानी या खाना नहीं मिलता; हर व्यक्ति कम से कम 2 लीटर पानी साथ रखे (मार्च–मई में और ज़्यादा)।
ख़ास बातें
- ग्रेनाइट की चट्टानी पहाड़ी पर पहाड़ी क़िले के खंडहर, जिस पर बारी-बारी से विजयनगर के शासकों, नायकों और शाहजी भोसले का अधिकार रहा
- क़िले के भीतर मकली मल्लेश्वर मंदिर (भगवान शिव और नंदी), जहाँ आज भी पूजा होती है और जिसका संबंध महर्षि मार्कंडेय की तपस्या से जुड़ा है
- गुंडमगेरे झील का नज़ारा, जिसकी आकृति दक्षिण अमेरिका जैसी दिखती है
- बेंगलुरु के सबसे पास का रेलवे वाला ट्रेक: मकलीदुर्ग स्टेशन से पैदल ही रास्ते तक पहुँच सकते हैं
जोखिम
- रेस्ट पॉइंट I से पहले ढीली बजरी वाली खड़ी ग्रेनाइट चट्टानें; जून–अगस्त की बारिश में फिसलने का ख़तरा रहता है, इसलिए भारी बारिश वाले दिन न जाएँ।
- ऊपरी रास्ते पर छाँव कम है: मार्च–मई में गर्मी और पानी की कमी का ख़तरा; सुबह 6:30–7:00 बजे तक चलना शुरू करें।
- स्टेशन से रेल लाइन पर या उसके किनारे-किनारे चलना पड़ता है; ट्रेनों का ध्यान रखें।
- बिना अनुमति ट्रेकिंग कर्नाटक वन अधिनियम के तहत अपराध है; रात में ट्रेक और कैंपिंग की इजाज़त नहीं है।
जाने से पहले जानें
सवाल-जवाब
क्या मकलीदुर्ग ट्रेक के लिए बुकिंग करनी पड़ती है?
हाँ। यह पहाड़ी मकली आरक्षित वन में है और ऑनलाइन पंजीकरण ज़रूरी है। बेंगलुरु ग्रामीण ज़िले की वेबसाइट वन विभाग के अरण्य विहार पोर्टल (बेंगलुरु ग्रामीण ट्रेक के अंतर्गत) की ओर भेजती है; स्लॉट सुबह के होते हैं (ज़िले के पेज पर सुबह 6:00–10:00 बजे लिखा है)। बुकिंग सेव या प्रिंट कर लें और वन प्रवेश द्वार पर दिखाएँ। ऑपरेटरों के अनुसार शुल्क लगभग ₹250 प्रति वयस्क है; मौजूदा शुल्क पोर्टल पर देख लें।
ट्रेक कितना लंबा है और कितना समय लगता है?
श्री मुत्तुरायस्वामी मंदिर के पास की पार्किंग से आना-जाना लगभग 4–5 किमी, और क़िले पर बिताए समय के साथ 3–5 घंटे लगते हैं। अगर मकलीदुर्ग रेलवे स्टेशन से शुरू करें, तो पटरियों के साथ एक तरफ़ लगभग 2.2 किमी और जोड़ लें (कुल 7–8 किमी)।
क्या मकलीदुर्ग शुरुआती लोगों के लिए ठीक है?
हाँ, अगर आप ठीक-ठाक फ़िट हैं। इसमें कोई तकनीकी चढ़ाई नहीं है, लेकिन रेस्ट पॉइंट I से पहले खड़ी ग्रेनाइट और ढीली बजरी वाले छोटे हिस्से में संभलकर पैर रखना पड़ता है, ख़ासकर उतरते समय।
ट्रेन से मकलीदुर्ग कैसे पहुँचें?
केएसआर बेंगलुरु, यशवंतपुर या कैंटोनमेंट से मकलीदुर्ग स्टेशन की ट्रेन लें (लगभग 1¼–2 घंटे, ₹30–140), फिर रेल लाइन के साथ-साथ चलकर श्री मुत्तुरायस्वामी मंदिर के पास ट्रेक की शुरुआत तक पहुँचें।
जाने का सबसे अच्छा समय कब है?
सितंबर से फ़रवरी, जब पहाड़ी हरी-भरी रहती है और सुबहें ठंडी होती हैं। यहाँ साल भर चढ़ाई की जा सकती है, लेकिन मार्च–मई में गर्मी रहती है और छाँव कम मिलती है, और जून–अगस्त में चट्टानें फिसलन भरी हो जाती हैं।
क्या रास्ते में पानी या खाना मिलता है?
नहीं। चलने से पहले खा लें और कम से कम 2 लीटर पानी और कुछ नाश्ता साथ रखें। बेस के पास SH 9 पर रेस्टोरेंट हैं।
आपात स्थिति में
नेटवर्क जाने से पहले ये नंबर सेव कर लें। कॉल करने के लिए दबाएँ।
- 112हर आपात स्थितिभारत का एक ही आपातकालीन नंबर — हर राज्य में चलता है
- 108एंबुलेंस
- 1077ज़िला आपदा नियंत्रण कक्ष
आप यहाँ हैं
ज़िला: बेंगलुरु ग्रामीण, अब नया नाम बेंगलुरु उत्तर (दोड्डबल्लापुर तालुक)कर्नाटक
- सबसे नज़दीकी अस्पताल
- दोड्डबल्लापुर ज़िला अस्पताल, पार्किंग से लगभग 16 किमी
- आख़िरी एटीएम
- दोड्डबल्लापुर (लगभग 15 किमी)
- फ़ोन नेटवर्क
- रास्ते के ज़्यादातर हिस्से पर एयरटेल, वोडाफ़ोन आइडिया और जियो चलते हैं, कुछ जगह सिग्नल कमज़ोर रहता है।
निकलने से पहले
- किसी को अपना रास्ता और लौटने का समय बताकर जाएँ।
- फ़ोन पूरा चार्ज रखें और पावर बैंक साथ लें।
- रास्ते का ऑफ़लाइन नक्शा डाउनलोड कर लें।
- मौसम बिगड़े तो लौट आएँ — पहाड़ कहीं नहीं जाएगा।
मकलीदुर्ग के बारे में सवाल
अभी कोई सवाल नहीं है। कुछ पूछें, जो लोग यह ट्रेक कर चुके हैं वे जवाब दे सकते हैं।
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मैंने यह ट्रेक किया है
क्या मकलीदुर्ग इस पेज से अलग दिखा? बताइए क्या बदला है, हम जाँच करेंगे।
जानकारी कहाँ से ली गई
स्रोत
आख़िरी जाँच:
- Booking details for Makalidurga Hill Trekking — Bengaluru Rural District Administration (सरकारी)
- Makalidurga trek — Karnataka Eco-Tourism Development Board (सरकारी)
- The Complete Guide to Makalidurga Trek — Indiahikes
- Makalidurga — Wikipedia
- Makalidurga (peak, ele 1117) — OpenStreetMap
- Makalidurga Morning Trek — BMC Adventures
- Makalidurga Trek from Bengaluru — Muddie Trails
- Makalidurga Trek — Treks and Trails India
फ़ोटो: Sanjeevengineer, CC BY-SA 4.0; Shreekanth Ramasamy, CC0; Firos AK, CC BY-SA 4.0



