चन्नरायन दुर्ग ट्रेक
तुमकुरु (कोरटगेरे–मधुगिरि तालुक), कर्नाटक
इस फ़ोन पर बिना नेटवर्क के खुलेगा, नक्शे की फ़ाइल और सूची के साथ। ऑफ़लाइन सहेजे गए →
- सबसे ऊँचा बिंदु
- 1,138 मी
- दिन
- 1 दिन
- दूरी
- 4.4 किमी
- कठिनाई
- मध्यम
छोटा है और कुल चढ़ाई लगभग 280 मी है, लेकिन पहला किलोमीटर खड़ी, नंगी ग्रेनाइट चट्टान पर है जिस पर कोई पक्का रास्ता नहीं (सिर्फ़ पेंट किए तीर हैं); संतुलन के लिए हाथों का सहारा लेना पड़ता है और गीली होने पर यह बहुत फिसलन भरी हो जाती है; इसी चट्टान से उतरते समय भी सावधानी चाहिए।
तस्वीरें
रास्ते की झलक
रास्ता
दिन-ब-दिन
दिन 1 · सबसे ऊँचा बिंदु
चन्नरायन दुर्ग गाँव → चन्नरायन दुर्ग गाँव (क़िले के शिखर होते हुए)
850 मी → 1,138 मी → 850 मी
चढ़ाई और उतराई
ऊँचाई का ग्राफ़
कहाँ है
नक्शा
सिर्फ़ शुरुआत और सबसे ऊँची जगह के निशान — पूरा रास्ता नहीं। इसे किसी अच्छे नक़्शे के साथ ही इस्तेमाल करें।
मौसम
रास्ते पर अगले 5 दिन का मौसम
ट्रेक शुरू होने की जगह और सबसे ऊँची जगह का ताज़ा पूर्वानुमान। पहाड़ में मौसम जल्दी बदलता है — निकलने वाले दिन सुबह फिर से देखें।
शुरुआत · चन्नरायन दुर्ग गाँव (पानी की टंकी)
850 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
सबसे ऊँची जगह · चन्नरायन दुर्ग क़िले का शिखर
1,138 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
हर दिन: अधिकतम / न्यूनतम °C · बारिश मिमी और संभावना · बर्फ़ सेमी · हवा किमी/घंटा
मौसम का डेटा: ओपन-मीटियोयह कंप्यूटर मॉडल का अनुमान है, सरकारी चेतावनी नहीं। चेतावनी के लिए मौसम विभाग (IMD) और स्थानीय प्रशासन की सूचना मानें।
यात्रा की तैयारी
कैसे पहुँचें
- ट्रेलहेड
- चन्नरायन दुर्ग गाँव (पानी की टंकी) (नज़दीकी क़स्बा: मधुगिरि)
- नज़दीकी रेलवे स्टेशन
- तुमकुरु (सड़क से लगभग 36 किमी)
- नज़दीकी हवाई अड्डा
- केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, बेंगलुरु
- सड़क से
- बेंगलुरु (लगभग 100 किमी): NH 48 से डोब्बसपेट, फिर SH 3 से मधुगिरि की ओर कोरटगेरे के आगे; कोरटगेरे से लगभग 5 किमी बाद सिद्धरबेट्टा के बोर्ड वाले मेहराब से बाएँ मुड़ें; तुमकुरु (लगभग 36 किमी); इंडियाहाइक्स के अनुसार गाँव तक सिर्फ़ दो बसें जाती हैं: लगभग सुबह 9:30 बजे तुमकुरु से (सिद्धरबेट्टा और तोविनकेरे होते हुए) और लगभग सुबह 11:30 बजे कोरटगेरे से; मधुगिरि (लगभग 10 किमी)
- गाड़ी से
- बेंगलुरु से लगभग 2.5 घंटे
यात्रा की तैयारी
परमिट और शुल्क
हम किसी सरकारी स्रोत से मौजूदा परमिट नियम और शुल्क पक्का नहीं कर पाए। जाने से पहले स्थानीय वन विभाग या पर्यटन कार्यालय से पूछ लें।
यात्रा की तैयारी
ख़र्च
ख़ुद से
₹300–1,500
ऑपरेटर के साथ
₹1,439–1,511
प्रति व्यक्ति, बेंगलुरु से, एक दिन की यात्रा। गाइड के साथ का दाम अक्टूबर 2026 में सिर्फ़ एक ऑपरेटर का देखा गया: बीएमसी एडवेंचर्स का 8 नवंबर 2026 का एक दिन का ट्रेक ₹1,439 + GST (लगभग ₹1,511), जिसमें नॉन-AC गाड़ी, नाश्ता और पैक्ड लंच शामिल है। बिना गाइड का दाम अनुमान है: बेंगलुरु–तुमकुरु बस और वहाँ से गाँव तक लोकल बस या ऑटो (इंडियाहाइक्स के अनुसार हाईवे के मेहराब से ऑटो ₹150–200), या शेयर्ड कार, साथ में खाना। स्रोतों में कोई सरकारी प्रवेश शुल्क नहीं बताया गया; गाँव वाले कभी-कभी अपनी मर्ज़ी से थोड़ा सहयोग माँगते हैं।
सामान
इस ट्रेक के लिए सबसे ज़रूरी सामान
इस रास्ते पर सबसे ज़्यादा काम आने वाला सामान, इसकी ऊँचाई, मौसम और ख़तरों के हिसाब से चुना गया।
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दुकान वाले बटन उस दुकान पर खोज खोलते हैं, हमारा चुना हुआ कोई सामान नहीं। अमेज़न एसोसिएट के रूप में हम योग्य ख़रीदारियों से कमाई करते हैं। फ़ोटो सिर्फ़ सामान का प्रकार दिखाती हैं, कोई ख़ास प्रोडक्ट नहीं। एफ़िलिएट जानकारी
सामान की सूची
इस ट्रेक के हिसाब से: ऊँचाई, मौसम, दिन और रास्ते के ख़तरे।
20 में से 0 रख लिए
बारिश के महीने (सित): सब कुछ पॉलीथीन या वाटरप्रूफ़ थैले में रखें और अच्छी पकड़ वाले जूते पहनें।
बैग में रखते ही हर चीज़ पर निशान लगाएँ।
जाने से पहले जानें
काम की बातें
- मोबाइल नेटवर्क
- इंडियाहाइक्स के अनुसार पूरे ट्रेक पर एयरटेल, वोडाफ़ोन आइडिया और जियो का नेटवर्क अच्छा मिलता है।
- आख़िरी एटीएम
- मधुगिरि या कोरटगेरे (लगभग 10–12 किमी); बेस गाँव में कोई ATM नहीं
- नज़दीकी अस्पताल
- कोरटगेरे सरकारी अस्पताल, बेस गाँव से लगभग 12 किमी
- पानी
- पानी आख़िरी बार बेस गाँव की पानी की टंकी पर भरें (या गाँव के घरों में पूछ लें); क़िले के तालाब का पानी पीने लायक नहीं है। हर व्यक्ति लगभग 2 लीटर पानी साथ रखे।
ख़ास बातें
- मधुगिरि–तुमकुरु क्षेत्र के नवदुर्गों (नौ पहाड़ी क़िलों) में से एक, जिसमें दीवारों से घिरे तीन स्तर, बुर्ज, दरवाज़े और बंदूक़ चलाने के छेद हैं
- क़िले के अंदर साल भर पानी वाला जलाशय, अस्तबल, गलियारे और नकली दरवाज़े
- पहले दरवाज़े के आसपास के पत्थरों पर नाग की नक्काशी
- दीवारों से घिरा शिखर का अहाता, जहाँ से उत्तर में मधुगिरि की विशाल एकाश्म चट्टान और दक्षिण-पश्चिम में सिद्धरबेट्टा दिखते हैं
- पास के मधुगिरि की तुलना में बहुत कम लोग आते हैं
जोखिम
- निचले हिस्से में नंगी, खड़ी ग्रेनाइट चट्टान: बारिश में और उतरते समय बहुत फिसलन; पक्का न लगे तो हाथों-पैरों के बल उतरें और जून–अगस्त के मानसून में न जाएँ।
- निचली चट्टान पर कोई छाँव नहीं: मार्च से मई तक गर्मी और पानी की कमी का ख़तरा; जल्दी निकलें।
- शिखर की दीवारों और ऊपर की सीढ़ियों के पास खुले किनारे हैं।
- शुरुआत में कोई तय रास्ता नहीं (चट्टान पर सिर्फ़ पेंट किए तीर) और क़िले के अंदर ग़लत रास्ते भी हैं; GPX साथ रखें या रास्ता जानने वाले किसी व्यक्ति के साथ जाएँ।
- बसें कम हैं: गाँव से आख़िरी बस दोपहर की शुरुआत में निकल जाती है; वापसी के लिए ऑटो या अपनी गाड़ी का इंतज़ाम रखें।
- 11 मई 2026 को कर्नाटक के मुख्य वन्यजीव संरक्षक ने तेंदुए, बाघ, हाथी और भालू वाले इलाक़ों में ट्रेकिंग के रास्ते तब तक के लिए बंद कर दिए, जब तक हर रास्ते को सुरक्षित प्रमाणित न किया जाए। यह पहाड़ी अरण्य विहार पोर्टल पर नहीं है और स्रोतों में किसी परमिट का ज़िक्र नहीं, फिर भी जाने से पहले स्थानीय स्तर पर (कोरटगेरे/मधुगिरि में) पता कर लें कि वन विभाग या पुरातत्व विभाग की कोई रोक तो नहीं है।
जाने से पहले जानें
सवाल-जवाब
क्या चन्नरायन दुर्ग के लिए परमिट या टिकट चाहिए?
इंडियाहाइक्स के अनुसार किसी अनुमति की ज़रूरत नहीं है, और एक्सप्लर्जर की जुलाई 2026 की गाइड कहती है कि 2025 तक कोई सरकारी प्रवेश शुल्क नहीं था, हालाँकि गाँव वाले कभी-कभी अपनी मर्ज़ी से थोड़ा सहयोग माँगते हैं। यह पहाड़ी वन विभाग के अरण्य विहार बुकिंग पोर्टल पर दर्ज नहीं है। दोनों गाइड मई 2026 में कर्नाटक में वन क्षेत्रों में ट्रेकिंग पर लगी रोक से पहले की हैं, इसलिए जाने से पहले स्थानीय स्तर पर पता कर लें।
ट्रेक कितना लंबा है और इसमें कितना समय लगता है?
इंडियाहाइक्स के माप के अनुसार गाँव से क़िले के पहले दरवाज़े तक लगभग 1 किमी और वहाँ से शिखर तक 1.2 किमी और है, यानी आना-जाना मिलाकर लगभग 4.4 किमी; बीएमसी एडवेंचर्स आना-जाना मिलाकर 5 किमी बताता है। क़िला घूमने के समय समेत 3–4 घंटे रखें (चढ़ाई में लगभग 1.5 घंटे और उतरने में 45–60 मिनट)।
चन्नरायन दुर्ग ट्रेक के लिए सबसे अच्छा समय कौन-सा है?
सितंबर से फ़रवरी। मानसून के बाद के महीनों में सब हरा-भरा रहता है और क़िले का तालाब भरा होता है; सर्दियों की सुबहें सुहानी होती हैं। मानसून में ग्रेनाइट बहुत फिसलन भरा हो जाता है, और गर्मी में धूप तेज़ और छाँव कम होती है।
क्या चन्नरायन दुर्ग नए ट्रेकरों और परिवारों के लिए ठीक है?
हाँ, ठीक-ठाक फ़िट लोगों के लिए। इसे मध्यम दर्जे का माना गया है: इसमें कोई तकनीकी चढ़ाई नहीं है, लेकिन पहले खड़े ग्रेनाइट वाले हिस्से पर, ख़ासकर उतरते समय, सँभलकर पैर रखना पड़ता है।
सार्वजनिक परिवहन से चन्नरायन दुर्ग कैसे पहुँचें?
बेंगलुरु (मैजेस्टिक) से तुमकुरु की बस लें, फिर सिद्धरबेट्टा/तोविनकेरे की ओर जाने वाली लोकल बस लें जो बेस गाँव तक पहुँचती है (इंडियाहाइक्स के अनुसार एक बस लगभग सुबह 9:30 बजे है), या कोरटगेरे से बस या ऑटो लें। वापसी की बसें कम हैं और दोपहर की शुरुआत में ही बंद हो जाती हैं।
क्या रास्ते में पानी या खाना मिलता है?
नहीं। गाँव की पानी की टंकी पर बोतलें भर लें और हर व्यक्ति लगभग 2 लीटर पानी साथ रखे। बेस पर एक छोटी दुकान और ढाबा है जहाँ पैक्ड खाना मिलता है।
आपात स्थिति में
नेटवर्क जाने से पहले ये नंबर सेव कर लें। कॉल करने के लिए दबाएँ।
- 112हर आपात स्थितिभारत का एक ही आपातकालीन नंबर — हर राज्य में चलता है
- 108एंबुलेंस
- 1077ज़िला आपदा नियंत्रण कक्ष
आप यहाँ हैं
ज़िला: तुमकुरु (कोरटगेरे–मधुगिरि तालुक)कर्नाटक
- सबसे नज़दीकी अस्पताल
- कोरटगेरे सरकारी अस्पताल, बेस गाँव से लगभग 12 किमी
- आख़िरी एटीएम
- मधुगिरि या कोरटगेरे (लगभग 10–12 किमी); बेस गाँव में कोई ATM नहीं
- फ़ोन नेटवर्क
- इंडियाहाइक्स के अनुसार पूरे ट्रेक पर एयरटेल, वोडाफ़ोन आइडिया और जियो का नेटवर्क अच्छा मिलता है।
निकलने से पहले
- किसी को अपना रास्ता और लौटने का समय बताकर जाएँ।
- फ़ोन पूरा चार्ज रखें और पावर बैंक साथ लें।
- रास्ते का ऑफ़लाइन नक्शा डाउनलोड कर लें।
- मौसम बिगड़े तो लौट आएँ — पहाड़ कहीं नहीं जाएगा।
चन्नरायन दुर्ग के बारे में सवाल
अभी कोई सवाल नहीं है। कुछ पूछें, जो लोग यह ट्रेक कर चुके हैं वे जवाब दे सकते हैं।
अपनी ट्रेक की तस्वीर #TreksAndTrails के साथ डालें
मैंने यह ट्रेक किया है
क्या चन्नरायन दुर्ग इस पेज से अलग दिखा? बताइए क्या बदला है, हम जाँच करेंगे।
जानकारी कहाँ से ली गई
स्रोत
आख़िरी जाँच:
- The Complete Guide to Channarayana Durga Trek — Indiahikes
- Channarayana Durga Trek — TrekUp India
- Channarayana Durga Day Trek — BMC Adventures (Bangalore Mountaineering Club)
- Channarayana Durga Trek: Route, Best Time & Fort Guide — Explurger
- Channarayana Durga — Wikipedia
- Channarayana Durga (castle) and Channarayanadurga village (node 3156734710) — OpenStreetMap
फ़ोटो: Vikashegde, CC BY-SA 4.0; Shyamal, CC BY-SA 3.0; Shyamal, CC BY-SA 3.0; Shyamal, CC BY-SA 3.0



