चौरागढ़ ट्रेक
नर्मदापुरम (होशंगाबाद), मध्य प्रदेश
इस फ़ोन पर बिना नेटवर्क के खुलेगा, नक्शे की फ़ाइल और सूची के साथ। ऑफ़लाइन सहेजे गए →
- सबसे ऊँचा बिंदु
- 1,330 मी
- दिन
- 1 दिन
- दूरी
- 7 किमी
- कठिनाई
- मध्यम
एक तरफ़ सिर्फ़ लगभग 3.5 किमी, लेकिन आख़िरी हिस्सा लगभग 1,300 ऊबड़-खाबड़ पत्थर की सीढ़ियों की खड़ी चढ़ाई है, जिसमें लगभग 280 मी ऊँचाई बढ़ती है; गर्मी और उमस रहती है, और त्योहारों पर बहुत भीड़ होती है।
तस्वीरें
रास्ते की झलक
रास्ता
दिन-ब-दिन
दिन 1 · सबसे ऊँचा बिंदु
बड़ा महादेव (महादेव गुफा) → बड़ा महादेव (चौरागढ़ शिखर होते हुए)
1,050 मी → 1,330 मी → 1,050 मी
चढ़ाई और उतराई
ऊँचाई का ग्राफ़
कहाँ है
नक्शा
सिर्फ़ शुरुआत और सबसे ऊँची जगह के निशान — पूरा रास्ता नहीं। इसे किसी अच्छे नक़्शे के साथ ही इस्तेमाल करें।
मौसम
रास्ते पर अगले 5 दिन का मौसम
ट्रेक शुरू होने की जगह और सबसे ऊँची जगह का ताज़ा पूर्वानुमान। पहाड़ में मौसम जल्दी बदलता है — निकलने वाले दिन सुबह फिर से देखें।
शुरुआत · बड़ा महादेव (महादेव गुफा)
1,050 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
सबसे ऊँची जगह · चौरागढ़ शिखर (चौरागढ़ का भगवान शिव मंदिर)
1,330 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
हर दिन: अधिकतम / न्यूनतम °C · बारिश मिमी और संभावना · बर्फ़ सेमी · हवा किमी/घंटा
मौसम का डेटा: ओपन-मीटियोयह कंप्यूटर मॉडल का अनुमान है, सरकारी चेतावनी नहीं। चेतावनी के लिए मौसम विभाग (IMD) और स्थानीय प्रशासन की सूचना मानें।
यात्रा की तैयारी
कैसे पहुँचें
- ट्रेलहेड
- बड़ा महादेव (महादेव गुफा) (नज़दीकी क़स्बा: पचमढ़ी)
- नज़दीकी रेलवे स्टेशन
- पिपरिया (लगभग 50 किमी, सड़क से पचमढ़ी तक लगभग 2 घंटे)
- नज़दीकी हवाई अड्डा
- राजा भोज हवाई अड्डा, भोपाल
- सड़क से
- भोपाल (पचमढ़ी तक लगभग 200 किमी); पिपरिया रेलवे स्टेशन (पचमढ़ी तक लगभग 50 किमी); पचमढ़ी बस स्टैंड से बड़ा महादेव (परमिट वाली जिप्सी या शेयर्ड जिप्सी से लगभग 10 किमी)
- गाड़ी से
- भोपाल से लगभग 4.5 घंटे
यात्रा की तैयारी
परमिट और शुल्क
हम किसी सरकारी स्रोत से मौजूदा परमिट नियम और शुल्क पक्का नहीं कर पाए। जाने से पहले स्थानीय वन विभाग या पर्यटन कार्यालय से पूछ लें।
यात्रा की तैयारी
ख़र्च
ख़ुद से
₹300–1,500
ऑपरेटर के साथ
₹800–2,800
प्रति व्यक्ति, पचमढ़ी से। अक्टूबर 2026 में दिखी गाइडेड क़ीमतें: यूनिवर्सल एडवेंचर्स का एक दिन का ट्रेक ₹799 (गाइड और दिन का खाना, गाड़ी नहीं, वन प्रवेश शुल्क अलग), और यूनिवर्सल एडवेंचर्स व ट्रैवूल्स पर 1 रात का कैंपिंग ट्रेक ₹2,600–2,800 (वन प्रवेश ₹100–150 अलग)। सिर्फ़ एक नामी ऑपरेटर चौरागढ़ की क़ीमतें छापता है, इसलिए गाइडेड क़ीमतों की जानकारी कम है। ख़ुद से जाने का ख़र्च एक अनुमान है: शेयर्ड जिप्सी की सीट या पूरे दिन की परमिट जिप्सी में हिस्सा (आउटलुक ट्रैवलर के अनुसार लगभग ₹1,200 प्रति गाड़ी), वन प्रवेश शुल्क, और पानी व नाश्ता।
सामान
इस ट्रेक के लिए सबसे ज़रूरी सामान
इस रास्ते पर सबसे ज़्यादा काम आने वाला सामान, इसकी ऊँचाई, मौसम और ख़तरों के हिसाब से चुना गया।
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विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंकमंदिर दर्शन के लिए सादे, ढके कपड़े
ज़रूरीतीर्थ यात्रा: मंदिरों में सादे कपड़े पहनें
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विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंकटखने को सहारा देने वाले ट्रेकिंग जूते
ज़रूरीमध्यम रास्ता: पकड़ और टखने का सहारा
दुकान वाले बटन उस दुकान पर खोज खोलते हैं, हमारा चुना हुआ कोई सामान नहीं। अमेज़न एसोसिएट के रूप में हम योग्य ख़रीदारियों से कमाई करते हैं। फ़ोटो सिर्फ़ सामान का प्रकार दिखाती हैं, कोई ख़ास प्रोडक्ट नहीं। एफ़िलिएट जानकारी
सामान की सूची
इस ट्रेक के हिसाब से: ऊँचाई, मौसम, दिन और रास्ते के ख़तरे।
18 में से 0 रख लिए
मार्च में दिन गर्म: पौ फटते ही चलना शुरू करें, पानी और ORS ज़्यादा रखें।
बैग में रखते ही हर चीज़ पर निशान लगाएँ।
जाने से पहले जानें
काम की बातें
- मोबाइल नेटवर्क
- रास्ते के लिए पक्की जानकारी नहीं; पचमढ़ी शहर में सिग्नल मिलने और महादेव पहाड़ियों में रुक-रुककर नेटवर्क की उम्मीद रखें।
- आख़िरी एटीएम
- पचमढ़ी; जिप्सी और वन प्रवेश के लिए नक़द साथ रखें
- नज़दीकी अस्पताल
- प्राथमिक इलाज के लिए पचमढ़ी; गंभीर मामलों में पिपरिया या नर्मदापुरम (स्थानीय रूप से पक्का कर लें)
- पानी
- सीढ़ियों के रास्ते पर या शिखर पर पीने के पानी की कोई जगह नहीं; बड़ा महादेव से कम से कम 2 लीटर पानी साथ लें। रास्ते में कभी-कभी शिकंजी बेचने वाले मिलते हैं, पर उन पर भरोसा न करें।
ख़ास बातें
- 1,330 मी ऊँचे शिखर पर भगवान शिव का मंदिर, जो मध्य प्रदेश की सतपुड़ा पर्वतमाला के सबसे ऊँचे स्थानों में से एक है
- मंदिर के आँगन में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित हज़ारों त्रिशूलों के ढेर
- पचमढ़ी पठार की जंगल से ढकी सतपुड़ा की पहाड़ियों और घाटियों का दूर तक फैला नज़ारा
- रास्ते की शुरुआत में बड़ा महादेव और गुप्त महादेव गुफा मंदिरों के दर्शन भी साथ में करें
- महाशिवरात्रि मेले (फ़रवरी–मार्च) में हज़ारों-हज़ार श्रद्धालु इस पहाड़ी पर चढ़ते हैं
जोखिम
- खड़ी, ऊबड़-खाबड़ पत्थर की सीढ़ियाँ बारिश में फिसलन भरी हो जाती हैं; एक यात्रा विवरण के अनुसार कुछ सीढ़ियाँ खुरदरी हैं और अभी बन रही हैं।
- रास्ते पर बंदर खाना और थैले छीन लेते हैं; सिर्फ़ पानी की बोतल साथ रखें और खाना नज़र से छिपाकर रखें।
- अप्रैल से जून में बहुत गर्मी होती है और ऊपर की सीढ़ियों पर छाँव कम है; सुबह जल्दी चढ़ाई शुरू करें।
- महाशिवरात्रि मेले, सोमवार और सावन (श्रावण) के महीने में भारी भीड़ और कई घंटों की कतारें।
- वन परमिट के बिना निजी गाड़ियाँ महादेव रोड पर हांडी खोह से आगे नहीं जा सकतीं; परमिट वाली जिप्सी किराए पर लें।
जाने से पहले जानें
सवाल-जवाब
चौरागढ़ ट्रेक कितना लंबा है और इसमें कितनी सीढ़ियाँ हैं?
महादेव (बड़ा महादेव) गुफा से एक तरफ़ लगभग 3.4–3.5 किमी, जिसके आख़िर में लगभग 1,300–1,380 पत्थर की सीढ़ियाँ हैं; मध्य प्रदेश पर्यटन 1,380 सीढ़ियाँ बताता है। फ़िटनेस और भीड़ के हिसाब से आने-जाने में 3–5 घंटे का समय रखें।
ट्रेक के शुरुआती बिंदु तक कैसे पहुँचें?
बड़ा महादेव पचमढ़ी बस स्टैंड से लगभग 10 किमी दूर है। वन परमिट के बिना गाड़ियाँ हांडी खोह से आगे नहीं जा सकतीं, इसलिए दिन भर के लिए परमिट वाली जिप्सी किराए पर लें या बस स्टैंड से शेयर्ड जिप्सी लें।
चौरागढ़ चढ़ने का सबसे अच्छा समय कब है?
अक्टूबर से मार्च सबसे आरामदायक है। अप्रैल से जून में न जाएँ, तब खुली सीढ़ियाँ बहुत गर्म हो जाती हैं। मानसून (जुलाई–सितंबर) में सब हरा-भरा रहता है और रास्ता खुला रहता है, पर सीढ़ियाँ फिसलन भरी होती हैं।
क्या कोई प्रवेश शुल्क या परमिट लगता है?
मंदिर में दर्शन का कोई शुल्क नहीं है। पचमढ़ी का वन प्रवेश या गाड़ी शुल्क लगता है (ऑपरेटर प्रति व्यक्ति ₹100–150 बताते हैं)। हम मौजूदा सरकारी शुल्क पक्का नहीं कर पाए, इसलिए पचमढ़ी गेट या वन कार्यालय में पता कर लें।
क्या रास्ते में पानी या खाना मिलता है?
सीढ़ियों के रास्ते पर या ऊपर पीने के पानी की कोई जगह नहीं है। पानी और हल्का नाश्ता साथ रखें, और खाना बंदरों से छिपाकर रखें।
आपात स्थिति में
नेटवर्क जाने से पहले ये नंबर सेव कर लें। कॉल करने के लिए दबाएँ।
- 112हर आपात स्थितिभारत का एक ही आपातकालीन नंबर — हर राज्य में चलता है
- 108एंबुलेंस
- 1077ज़िला आपदा नियंत्रण कक्ष
आप यहाँ हैं
ज़िला: नर्मदापुरम (होशंगाबाद)मध्य प्रदेश
- सबसे नज़दीकी अस्पताल
- प्राथमिक इलाज के लिए पचमढ़ी; गंभीर मामलों में पिपरिया या नर्मदापुरम (स्थानीय रूप से पक्का कर लें)
- आख़िरी एटीएम
- पचमढ़ी; जिप्सी और वन प्रवेश के लिए नक़द साथ रखें
- फ़ोन नेटवर्क
- रास्ते के लिए पक्की जानकारी नहीं; पचमढ़ी शहर में सिग्नल मिलने और महादेव पहाड़ियों में रुक-रुककर नेटवर्क की उम्मीद रखें।
निकलने से पहले
- किसी को अपना रास्ता और लौटने का समय बताकर जाएँ।
- फ़ोन पूरा चार्ज रखें और पावर बैंक साथ लें।
- रास्ते का ऑफ़लाइन नक्शा डाउनलोड कर लें।
- मौसम बिगड़े तो लौट आएँ — पहाड़ कहीं नहीं जाएगा।
चौरागढ़ के बारे में सवाल
अभी कोई सवाल नहीं है। कुछ पूछें, जो लोग यह ट्रेक कर चुके हैं वे जवाब दे सकते हैं।
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मैंने यह ट्रेक किया है
क्या चौरागढ़ इस पेज से अलग दिखा? बताइए क्या बदला है, हम जाँच करेंगे।
जानकारी कहाँ से ली गई
स्रोत
आख़िरी जाँच:
- Pachmarhi — Places of interest: Chauragarh Temple — Madhya Pradesh Tourism (सरकारी)
- Madhya Pradesh: Pachmarhi Shivaratri Mela — Outlook Traveller
- Trek To Chauragarh With Camping And Activities in Pachmarhi — Travools
- Chauragarh Hill — C.P.R. Environmental Education Centre (Eco-Heritage of India)
- Chauragarh Temple & Fort, Pachmarhi, Madhya Pradesh, India — Chal Banjare
- Pachmarhi's Chauragarh Peak Trek — Universal Adventures
- Chauragarh, Pachmarhi, India - Reviews, Ratings, Tips and Why You Should Go — Wanderlog
- Pachmarhi places to visit — has natural beauty, caves and waterfalls — eSamskriti
- The Holy Trek to Chouragarh Mountain, The 2nd highest peak of MP — Tripoto
- Trip to Pachmarhi (and others) – Day 3 — Ghumakkar
फ़ोटो: M Starlord, CC BY-SA 4.0; Motherphotography, CC BY-SA 4.0; Sid Bhatnagar, CC BY-SA 4.0; Sherlockisagirlsname, CC0


