ब्यास कुंड ट्रेक
कुल्लू, हिमाचल प्रदेश
इस फ़ोन पर बिना नेटवर्क के खुलेगा, नक्शे की फ़ाइल और सूची के साथ। ऑफ़लाइन सहेजे गए →
- सबसे ऊँचा बिंदु
- 3,893 मी
- दिन
- 4 दिन
- दूरी
- 17 किमी
- कठिनाई
- मध्यम
रोज़ की दूरी कम है और रास्ता साफ़ निशान वाला है, लेकिन पहले ही दिन 3,000 मी से ऊपर कैंप होता है, और लोहाली से शिखर वाले दिन खड़ी घास और पत्थरों वाले हिस्सों पर लगभग 500 मी की चढ़ाई है; मानसून में नाले पार करने पड़ते हैं और जून में जगह-जगह बर्फ़ मिलती है।
तस्वीरें
रास्ते की झलक
रास्ता
दिन-ब-दिन
दिन 1
मनाली (गाड़ी से 14 किमी धुंधी तक) → पलचानी थाच
2,840 मी → 3,089 मी
दिन 2
पलचानी थाच → लोहाली
3,089 मी → 3,368 मी
दिन 3 · सबसे ऊँचा बिंदु
लोहाली → लोहाली (लेडी लेग, ब्यास कुंड और रिज व्यूपॉइंट होते हुए)
3,368 मी → 3,893 मी → 3,368 मी
दिन 4
लोहाली → धुंधी (गाड़ी से मनाली)
3,368 मी → 2,840 मी
चढ़ाई और उतराई
ऊँचाई का ग्राफ़
कहाँ है
नक्शा
सिर्फ़ शुरुआत और सबसे ऊँची जगह के निशान — पूरा रास्ता नहीं। इसे किसी अच्छे नक़्शे के साथ ही इस्तेमाल करें।
मौसम
रास्ते पर अगले 5 दिन का मौसम
ट्रेक शुरू होने की जगह और सबसे ऊँची जगह का ताज़ा पूर्वानुमान। पहाड़ में मौसम जल्दी बदलता है — निकलने वाले दिन सुबह फिर से देखें।
शुरुआत · धुंधी
2,840 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
सबसे ऊँची जगह · ब्यास कुंड झील और उसके ऊपर का रिज व्यूपॉइंट
3,893 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
हर दिन: अधिकतम / न्यूनतम °C · बारिश मिमी और संभावना · बर्फ़ सेमी · हवा किमी/घंटा
मौसम का डेटा: ओपन-मीटियोयह कंप्यूटर मॉडल का अनुमान है, सरकारी चेतावनी नहीं। चेतावनी के लिए मौसम विभाग (IMD) और स्थानीय प्रशासन की सूचना मानें।
यात्रा की तैयारी
कैसे पहुँचें
- ट्रेलहेड
- धुंधी (नज़दीकी क़स्बा: मनाली)
- नज़दीकी रेलवे स्टेशन
- जोगिंदर नगर (नैरो गेज); ब्रॉड गेज के लिए चंडीगढ़ (मनाली से लगभग 275 किमी)
- नज़दीकी हवाई अड्डा
- भुंतर (कुल्लू–मनाली), मनाली से लगभग 52 किमी
- सड़क से
- मनाली से सोलंग होते हुए धुंधी (लगभग 14–22 किमी, 1–1.5 घंटे); दिल्ली से मनाली (लगभग 540 किमी); चंडीगढ़ से मनाली (लगभग 310 किमी)
- गाड़ी से
- दिल्ली से लगभग 13 घंटे
यात्रा की तैयारी
परमिट और शुल्क
हम किसी सरकारी स्रोत से मौजूदा परमिट नियम और शुल्क पक्का नहीं कर पाए। जाने से पहले स्थानीय वन विभाग या पर्यटन कार्यालय से पूछ लें।
यात्रा की तैयारी
ख़र्च
ख़ुद से
₹3,000–6,000
ऑपरेटर के साथ
₹7,000–11,000
प्रति व्यक्ति, मनाली से। ऑपरेटरों की मौजूदा सूचियों से गाइडेड क़ीमतें: वाइल्डकोन ₹7,000; बिकट एडवेंचर्स ₹7,500 + 5% जीएसटी (मनाली से मनाली); ट्रेकहीवर्स ₹7,999 + जीएसटी मनाली से (सोलंग से ₹5,999); इंडियाहाइक्स ₹8,450 + मनाली से आने-जाने के ₹1,800, साथ में जीएसटी। पैकेज में कैंपिंग, खाना और वन परमिट शामिल हैं। ख़ुद से जाने का ख़र्च एक अनुमान है: मनाली–धुंधी आने-जाने की शेयर्ड टैक्सी, किराए का टेंट और स्टोव, खाना और वन कैंपिंग शुल्क, जिसे मनाली के वन कार्यालय में पक्का कर लें।
सामान
इस ट्रेक के लिए सबसे ज़रूरी सामान
इस रास्ते पर सबसे ज़्यादा काम आने वाला सामान, इसकी ऊँचाई, मौसम और ख़तरों के हिसाब से चुना गया।
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दुकान वाले बटन उस दुकान पर खोज खोलते हैं, हमारा चुना हुआ कोई सामान नहीं। अमेज़न एसोसिएट के रूप में हम योग्य ख़रीदारियों से कमाई करते हैं। फ़ोटो सिर्फ़ सामान का प्रकार दिखाती हैं, कोई ख़ास प्रोडक्ट नहीं। एफ़िलिएट जानकारी
सामान की सूची
इस ट्रेक के हिसाब से: ऊँचाई, मौसम, दिन और रास्ते के ख़तरे।
35 में से 0 रख लिए
मई में रास्ते पर बर्फ़: माइक्रोस्पाइक्स, गेटर और गर्म कपड़े ज़रूर रखें।
बैग में रखते ही हर चीज़ पर निशान लगाएँ।
जाने से पहले जानें
काम की बातें
- मोबाइल नेटवर्क
- सोलंग से थोड़ा आगे तक रुक-रुककर सिग्नल; रास्ते पर बिल्कुल नहीं। मनाली आख़िरी जगह है जहाँ भरोसेमंद नेटवर्क और चार्जिंग मिलती है
- आख़िरी एटीएम
- मनाली
- नज़दीकी अस्पताल
- मिशन अस्पताल / सिविल अस्पताल, मनाली (धुंधी से लगभग 14 किमी)
- पानी
- पलचानी थाच, बकरथाच और लोहाली में ब्यास के उद्गम से आने वाले नाले; पानी साफ़ या फ़िल्टर करके पिएँ, और मानसून में नाले पार करने के लिए तैयार रहें
ख़ास बातें
- ब्यास नदी का उद्गम यह ग्लेशियर झील, जो महर्षि व्यास की तपस्थली के रूप में पवित्र मानी जाती है
- लोहाली के कटोरे जैसे मैदान से हनुमान टिब्बा, फ्रेंडशिप पीक, शितिधार, लद्दाखी और सेवन सिस्टर्स का पास से नज़ारा
- सोलंग के ऊपर देवदार, चीड़ और मेपल का जंगल, फिर बकरथाच और लोहाली के खुले अल्पाइन बुग्याल
- लेडी लेग बुग्याल, जो फ्रेंडशिप पीक का शिखर कैंप है, और झील को ऊपर से देखने वाला रिज व्यूपॉइंट
- मनाली से ऊँचाई वाली झील तक के सबसे छोटे ट्रेक में से एक, तीन से चार दिन में पूरा
जोखिम
- ऊँचाई की बीमारी (AMS): पहले दिन ही 3,000 मी से ऊपर कैंप होता है और तीसरे दिन लगभग 3,890 मी तक पहुँचते हैं; मनाली एक दिन पहले पहुँचें
- मानसून (जुलाई के बीच से अगस्त तक): दोपहर में भारी बारिश, कीचड़ भरा रास्ता, चोटियों को छिपा देने वाला कोहरा और उफनते नाले जिन्हें पार करने में मदद चाहिए
- जून और जुलाई की शुरुआत में झील की आख़िरी चढ़ाई पर जगह-जगह बर्फ़; माइक्रोस्पाइक्स काम आते हैं
- मंडी के आगे मनाली हाईवे पर भूस्खलन होते रहते हैं; वापसी के लिए एक अतिरिक्त दिन रखें
- अक्टूबर के बीच से बर्फ़बारी शुरू हो सकती है और नवंबर से अप्रैल तक रास्ता भारी बर्फ़ में दबा रहता है; बिकट एडवेंचर्स के अनुसार तब यह ट्रेक करने की सलाह नहीं है और हिमालय शेल्टर शुरुआती लोगों को इससे बचने को कहता है। सर्दियों में यह ट्रेक सिर्फ़ बर्फ़ के अनुभव, सही सामान और स्थानीय गाइड के साथ ही करें
जाने से पहले जानें
सवाल-जवाब
ब्यास कुंड ट्रेक कितना कठिन है?
इसे आसान से मध्यम माना जाता है। रोज़ की दूरी कम है (लगभग 2–6 किमी), लेकिन ऊँचाई तेज़ी से बढ़ती है और लोहाली से झील तक जाकर लौटने वाला शिखर दिन खड़ी चढ़ाई के साथ 6–8 घंटे लेता है। इंडियाहाइक्स ट्रेकरों से 5 किमी 35 मिनट में दौड़ पाने की उम्मीद रखता है।
ब्यास कुंड जाने का सबसे अच्छा समय कब है?
मई–जून और सितंबर–अक्टूबर सबसे ज़्यादा सुझाए जाने वाले महीने हैं। जून में भी जगह-जगह बर्फ़ और आधी जमी झील मिलती है; जुलाई और अगस्त मानसून के महीने हैं, जिनमें बारिश और फिसलन भरा रास्ता होता है पर बुग्याल हरे और फूलों से भरे रहते हैं। नवंबर से अप्रैल तक रास्ता भारी बर्फ़ में दबा रहता है।
ब्यास कुंड कितनी ऊँचाई पर है?
ज़्यादातर ऑपरेटर ट्रेक का सबसे ऊँचा बिंदु लगभग 12,772–12,800 फ़ुट (लगभग 3,890 मी) बताते हैं, जो लेडी लेग के ऊपर का रिज व्यूपॉइंट है। झील ख़ुद थोड़ा नीचे, लगभग 3,700 मी पर है।
ट्रेक के शुरुआती बिंदु तक कैसे पहुँचें?
ट्रेक धुंधी से शुरू होता है, जो सोलंग घाटी के आगे मनाली से लगभग 14 किमी दूर है। दिल्ली या चंडीगढ़ से रात की बस से मनाली पहुँचें, या भुंतर (लगभग 52 किमी दूर) तक उड़ान लें, फिर टैक्सी से धुंधी जाएँ। कुछ ऑपरेटर सोलंग से ही पैदल चलना शुरू करते हैं।
क्या ब्यास कुंड ट्रेक पर मोबाइल नेटवर्क मिलता है?
सोलंग घाटी से थोड़ा आगे तक रुक-रुककर सिग्नल मिल सकता है, पर रास्ते पर बिल्कुल नहीं। मनाली आख़िरी जगह है जहाँ भरोसेमंद नेटवर्क और चार्जिंग मिलती है, इसलिए ज़रूरी कॉल निकलने से पहले कर लें।
आपात स्थिति में
नेटवर्क जाने से पहले ये नंबर सेव कर लें। कॉल करने के लिए दबाएँ।
- 112हर आपात स्थितिभारत का एक ही आपातकालीन नंबर — हर राज्य में चलता है
- 108एंबुलेंस
- 1077ज़िला आपदा नियंत्रण कक्ष
आप यहाँ हैं
ज़िला: कुल्लूहिमाचल प्रदेश
- सबसे नज़दीकी अस्पताल
- मिशन अस्पताल / सिविल अस्पताल, मनाली (धुंधी से लगभग 14 किमी)
- आख़िरी एटीएम
- मनाली
- फ़ोन नेटवर्क
- सोलंग से थोड़ा आगे तक रुक-रुककर सिग्नल; रास्ते पर बिल्कुल नहीं। मनाली आख़िरी जगह है जहाँ भरोसेमंद नेटवर्क और चार्जिंग मिलती है
निकलने से पहले
- किसी को अपना रास्ता और लौटने का समय बताकर जाएँ।
- फ़ोन पूरा चार्ज रखें और पावर बैंक साथ लें।
- रास्ते का ऑफ़लाइन नक्शा डाउनलोड कर लें।
- मौसम बिगड़े तो लौट आएँ — पहाड़ कहीं नहीं जाएगा।
ब्यास कुंड के बारे में सवाल
अभी कोई सवाल नहीं है। कुछ पूछें, जो लोग यह ट्रेक कर चुके हैं वे जवाब दे सकते हैं।
अपनी ट्रेक की तस्वीर #TreksAndTrails के साथ डालें
मैंने यह ट्रेक किया है
क्या ब्यास कुंड इस पेज से अलग दिखा? बताइए क्या बदला है, हम जाँच करेंगे।
जानकारी कहाँ से ली गई
स्रोत
आख़िरी जाँच:
- Beas Kund Trek — Indiahikes
- Beas Kund Trek — Trek The Himalayas
- Beas Kund Trek — Bikat Adventures
- Beas Kund Trek — Himalaya Shelter
- Beas Kund Trek — Trekhievers
- Beas Kund Trek — Himalayan Frontiers
- Beas Kund Trek — Wildcone
- Beas Kund Trek – A Complete Travel Guide and Itinerary — Vargis Khan (trip report)
फ़ोटो: Gaurav Dhingra, CC BY-SA 4.0; Gaurav Dhingra, CC BY-SA 4.0; Gxyd, CC BY-SA 4.0




