किपलिंग ट्रेल ट्रेक
देहरादून, उत्तराखंड
इस फ़ोन पर बिना नेटवर्क के खुलेगा, नक्शे की फ़ाइल और सूची के साथ। ऑफ़लाइन सहेजे गए →
- सबसे ऊँचा बिंदु
- 2,005 मी
- दिन
- 1 दिन
- दूरी
- 9 किमी
- कठिनाई
- मध्यम
कोई तकनीकी हिस्सा नहीं है, लेकिन यह पुराना घोड़ा-मार्ग 9 किमी में लगभग 1,000 मी चढ़ता है, ज़्यादातर रास्ते पर 30-35° की ढलान है, पाँच तीखे हेयरपिन मोड़ (पांच कैंची) हैं, और जंगल का एक हिस्सा बिना रेलिंग और ढीली मिट्टी-कंकड़ वाला है जो उतरते समय फिसलन भरा होता है।
तस्वीरें
रास्ते की झलक
रास्ता
दिन-ब-दिन
दिन 1 · सबसे ऊँचा बिंदु
शहंशाही आश्रम, राजपुर → मसूरी लाइब्रेरी चौक (झड़ीपानी और बार्लोगंज होते हुए)
1,020 मी → 2,005 मी
चढ़ाई और उतराई
ऊँचाई का ग्राफ़
कहाँ है
नक्शा
सिर्फ़ शुरुआत और सबसे ऊँची जगह के निशान — पूरा रास्ता नहीं। इसे किसी अच्छे नक़्शे के साथ ही इस्तेमाल करें।
मौसम
रास्ते पर अगले 5 दिन का मौसम
ट्रेक शुरू होने की जगह और सबसे ऊँची जगह का ताज़ा पूर्वानुमान। पहाड़ में मौसम जल्दी बदलता है — निकलने वाले दिन सुबह फिर से देखें।
शुरुआत · शहंशाही आश्रम, राजपुर
1,020 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
सबसे ऊँची जगह · मसूरी लाइब्रेरी (लाइब्रेरी चौक)
2,005 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
हर दिन: अधिकतम / न्यूनतम °C · बारिश मिमी और संभावना · बर्फ़ सेमी · हवा किमी/घंटा
मौसम का डेटा: ओपन-मीटियोयह कंप्यूटर मॉडल का अनुमान है, सरकारी चेतावनी नहीं। चेतावनी के लिए मौसम विभाग (IMD) और स्थानीय प्रशासन की सूचना मानें।
यात्रा की तैयारी
कैसे पहुँचें
- ट्रेलहेड
- शहंशाही आश्रम, राजपुर (नज़दीकी क़स्बा: देहरादून)
- नज़दीकी रेलवे स्टेशन
- देहरादून (ट्रेलहेड से लगभग 13 किमी)
- नज़दीकी हवाई अड्डा
- जॉली ग्रांट हवाई अड्डा, देहरादून (लगभग 38 किमी)
- सड़क से
- देहरादून घंटाघर (राजपुर रोड पर लगभग 12.5 किमी ऊपर शहंशाही आश्रम तक; परेड ग्राउंड से सिटी बस आश्रम पर रुकती है); मसूरी से देहरादून बस या टैक्सी से लौटें (लगभग 35 किमी), या उसी रास्ते से लगभग 2 घंटे में पैदल उतरें
- गाड़ी से
- देहरादून से लगभग 0.75 घंटे
यात्रा की तैयारी
परमिट और शुल्क
हम किसी सरकारी स्रोत से मौजूदा परमिट नियम और शुल्क पक्का नहीं कर पाए। जाने से पहले स्थानीय वन विभाग या पर्यटन कार्यालय से पूछ लें।
यात्रा की तैयारी
ख़र्च
ख़ुद से
₹150–1,000
ऑपरेटर के साथ
₹3,500–3,675
प्रति व्यक्ति, एक दिन की हाइक, देहरादून से। गाइडेड: हिमालय शेल्टर ₹3,500 + 5% जीएसटी बताता है (देहरादून में पिकअप, गाइड, वन परमिट और दोपहर का खाना या नाश्ता शामिल); हिमालयन ड्रीम ट्रेक्स इसे सिर्फ़ कस्टम ट्रिप के रूप में चलाता है और क़ीमत पूछने पर बताता है, इसलिए सिर्फ़ एक ही छपी गाइडेड क़ीमत मिल पाई। ख़ुद से जाने का ख़र्च एक अनुमान है: आश्रम तक सिटी बस (इंडियाहाइक्स के अनुसार ₹15-20), झड़ीपानी में चाय-नाश्ता, मसूरी में दोपहर का खाना और देहरादून लौटने के लिए बस या शेयर्ड टैक्सी।
सामान
इस ट्रेक के लिए सबसे ज़रूरी सामान
इस रास्ते पर सबसे ज़्यादा काम आने वाला सामान, इसकी ऊँचाई, मौसम और ख़तरों के हिसाब से चुना गया।
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विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंकटखने को सहारा देने वाले ट्रेकिंग जूते
ज़रूरीमध्यम रास्ता: पकड़ और टखने का सहारा
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दुकान वाले बटन उस दुकान पर खोज खोलते हैं, हमारा चुना हुआ कोई सामान नहीं। अमेज़न एसोसिएट के रूप में हम योग्य ख़रीदारियों से कमाई करते हैं। फ़ोटो सिर्फ़ सामान का प्रकार दिखाती हैं, कोई ख़ास प्रोडक्ट नहीं। एफ़िलिएट जानकारी
सामान की सूची
इस ट्रेक के हिसाब से: ऊँचाई, मौसम, दिन और रास्ते के ख़तरे।
19 में से 0 रख लिए
बैग में रखते ही हर चीज़ पर निशान लगाएँ।
जाने से पहले जानें
काम की बातें
- मोबाइल नेटवर्क
- ज़्यादातर रास्ते पर बीएसएनएल, एयरटेल और वोडाफ़ोन का ठीक-ठाक सिग्नल मिलता है; राजपुर के ऊपर पहले जंगल वाले हिस्से में सिग्नल आता-जाता है।
- आख़िरी एटीएम
- राजपुर, ट्रेलहेड के पास; आगे बार्लोगंज और मसूरी में भी एटीएम हैं
- नज़दीकी अस्पताल
- साक्य हॉस्पिटल, ट्रेलहेड से लगभग 4 किमी; गंभीर मामलों में देहरादून के अस्पताल
- पानी
- शहंशाही आश्रम से झड़ीपानी के नीचे की चाय की दुकानों तक न कोई दुकान है न पानी; झरने सिर्फ़ मानसून और उसके बाद बहते हैं। कम से कम 2 लीटर पानी साथ रखें; झड़ीपानी से मसूरी तक सड़क किनारे खाने की दुकानें हैं।
ख़ास बातें
- देहरादून से मसूरी का वह असली घोड़ा-मार्ग, जो मोटर सड़क से पहले इस्तेमाल होता था और रुडयार्ड किपलिंग की 'किम' और रस्किन बॉन्ड की 'द किपलिंग रोड' से जुड़ा है
- चढ़ाई के पहले दस मिनट से ही दून घाटी का नज़ारा
- अंग्रेज़ों के ज़माने की निशानियाँ: पुराना टोल बैरियर, झड़ीपानी का हाफ़ वे हाउस, बार्लोगंज की पुरानी बेकरी और शराब कारख़ाने की जगह, सेंट जॉर्ज कॉलेज और सिकंदर हॉल
- बांज और मिले-जुले पेड़ों का जंगल, जहाँ पक्षी देखने का अच्छा मौक़ा है, जैसे हिमालयन बुलबुल, ग्रे ट्रीपाई और ब्लैक-रम्प्ड फ़्लेमबैक
जोखिम
- पहले 3 किमी में एक तरफ़ बिना रेलिंग की खड़ी ढलान है, और ढीली कंकड़ से रास्ता फिसलन भरा रहता है, ख़ासकर उतरते समय।
- जुलाई-अगस्त के मानसून में बारिश से रास्ता फिसलन भरा हो जाता है और ऊपरी हिस्सों में भूस्खलन का ख़तरा रहता है; बारिश वाले दिन यह ट्रेक न करें।
- लगभग एक घंटे चलने के बाद एक दोराहे पर बाएँ मुड़ना आसानी से छूट जाता है; अगर रास्ता नीचे उतरने लगे तो आप ग़लत रास्ते पर हैं।
- मानसून के बाद रास्ते के किनारों पर काई बहुत फिसलन भरी होती है; रास्ते के बीच में चलें।
जाने से पहले जानें
सवाल-जवाब
किपलिंग ट्रेल कितनी लंबी है और कितना समय लगता है?
राजपुर के शहंशाही आश्रम से मसूरी के लाइब्रेरी चौक तक लगभग 9 किमी: झड़ीपानी तक लगभग 3.5 किमी जंगल का रास्ता और बार्लोगंज होते हुए 5 किमी पुरानी सड़क। फ़िट लोग लगभग 4 घंटे में ऊपर पहुँचते हैं; ऑपरेटर आराम के साथ 5-7 घंटे मानते हैं। पैदल वापस उतरने में लगभग 2 घंटे लगते हैं।
क्या किपलिंग ट्रेल शुरुआती लोगों के लिए ठीक है?
हाँ, ठीक-ठाक फ़िट शुरुआती लोगों के लिए। इंडियाहाइक्स इसे आसान-मध्यम बताता है और कहता है कि लगभग पूरे रास्ते 30-35° की ढलान है। कोई तकनीकी हिस्सा नहीं है, लेकिन राजपुर से मसूरी तक लगभग 1,000 मी चढ़ना होता है, इसलिए धीरे चलें और उतराई के लिए ट्रेकिंग पोल रखें।
किपलिंग ट्रेल पर जाने का सबसे अच्छा समय कब है?
यह साल भर की जा सकती है। सितंबर के आख़िर से फ़रवरी तक दून घाटी साफ़ दिखती है और मानसून के बाद जंगल हरा-भरा रहता है, और मार्च से जून भी सुहावना है। जुलाई और अगस्त में बारिश वाले दिन न जाएँ, तब रास्ता फिसलन भरा होता है और भूस्खलन हो सकता है।
किपलिंग ट्रेल की शुरुआत तक कैसे पहुँचें?
रास्ता राजपुर में शहंशाही आश्रम और क्रिश्चियन रिट्रीट के पीछे से शुरू होता है, जो देहरादून के घंटाघर से राजपुर रोड पर लगभग 12.5 किमी ऊपर है। परेड ग्राउंड से सिटी बस लगभग ₹15-20 में आश्रम पर उतार देती है, और आप गाड़ी से जाकर वहाँ पार्क भी कर सकते हैं।
क्या रास्ते में खाना और पानी मिलता है?
ट्रेलहेड पर चाय की दुकानें हैं, फिर झड़ीपानी के ठीक नीचे की चाय की दुकानों तक कुछ नहीं, जहाँ चाय, मैगी और मोमोज़ मिलते हैं। झड़ीपानी के बाद रास्ता सड़क के साथ चलता है और मसूरी तक छोटे ढाबे मिलते हैं। कम से कम 2 लीटर पानी साथ रखें।
आपात स्थिति में
नेटवर्क जाने से पहले ये नंबर सेव कर लें। कॉल करने के लिए दबाएँ।
- 112हर आपात स्थितिभारत का एक ही आपातकालीन नंबर — हर राज्य में चलता है
- 108एंबुलेंस
- 1077ज़िला आपदा नियंत्रण कक्ष
आप यहाँ हैं
ज़िला: देहरादूनउत्तराखंड
- सबसे नज़दीकी अस्पताल
- साक्य हॉस्पिटल, ट्रेलहेड से लगभग 4 किमी; गंभीर मामलों में देहरादून के अस्पताल
- आख़िरी एटीएम
- राजपुर, ट्रेलहेड के पास; आगे बार्लोगंज और मसूरी में भी एटीएम हैं
- फ़ोन नेटवर्क
- ज़्यादातर रास्ते पर बीएसएनएल, एयरटेल और वोडाफ़ोन का ठीक-ठाक सिग्नल मिलता है; राजपुर के ऊपर पहले जंगल वाले हिस्से में सिग्नल आता-जाता है।
निकलने से पहले
- किसी को अपना रास्ता और लौटने का समय बताकर जाएँ।
- फ़ोन पूरा चार्ज रखें और पावर बैंक साथ लें।
- रास्ते का ऑफ़लाइन नक्शा डाउनलोड कर लें।
- मौसम बिगड़े तो लौट आएँ — पहाड़ कहीं नहीं जाएगा।
किपलिंग ट्रेल के बारे में सवाल
अभी कोई सवाल नहीं है। कुछ पूछें, जो लोग यह ट्रेक कर चुके हैं वे जवाब दे सकते हैं।
अपनी ट्रेक की तस्वीर #TreksAndTrails के साथ डालें
मैंने यह ट्रेक किया है
क्या किपलिंग ट्रेल इस पेज से अलग दिखा? बताइए क्या बदला है, हम जाँच करेंगे।
जानकारी कहाँ से ली गई
स्रोत
आख़िरी जाँच:
- Kipling Trail Trek - The Original Trail from Dehradun to Mussoorie Brimming with Natural Beauty — Indiahikes
- Kipling Trail — Wikipedia
- Kipling Trail Trek - Himalayan Dream Treks — Himalayan Dream Treks
- Kipling Trail Trek Day Hike — Himalaya Shelter
- Rajpur-Jharipani Hiking Trail/Kipling Trail — Hiking Project
फ़ोटो: Daniel Romanson, CC0; Daniel Romanson, CC0; Daniel Romanson, CC0




