सुरकंडा देवी ट्रेक
टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड
इस फ़ोन पर बिना नेटवर्क के खुलेगा, नक्शे की फ़ाइल और सूची के साथ। ऑफ़लाइन सहेजे गए →
- सबसे ऊँचा बिंदु
- 2,756 मी
- दिन
- 1 दिन
- दूरी
- 5 किमी
- कठिनाई
- आसान
हर तरफ़ सिर्फ़ लगभग 2.5 किमी का पक्का, बाड़ लगा रास्ता है जिसमें सीढ़ियाँ और बेंच हैं, लेकिन यह बिना रुके लगभग 260 मी चढ़ता है, इसलिए खड़ी चढ़ाई पहली बार आने वालों को थका देती है।
तस्वीरें
रास्ते की झलक
रास्ता
दिन-ब-दिन
दिन 1 · सबसे ऊँचा बिंदु
कद्दूखाल → कद्दूखाल (सुरकंडा देवी मंदिर होते हुए)
2,497 मी → 2,756 मी → 2,497 मी
चढ़ाई और उतराई
ऊँचाई का ग्राफ़
कहाँ है
नक्शा
सिर्फ़ शुरुआत और सबसे ऊँची जगह के निशान — पूरा रास्ता नहीं। इसे किसी अच्छे नक़्शे के साथ ही इस्तेमाल करें।
मौसम
रास्ते पर अगले 5 दिन का मौसम
ट्रेक शुरू होने की जगह और सबसे ऊँची जगह का ताज़ा पूर्वानुमान। पहाड़ में मौसम जल्दी बदलता है — निकलने वाले दिन सुबह फिर से देखें।
शुरुआत · कद्दूखाल
2,497 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
सबसे ऊँची जगह · सुरकंडा देवी मंदिर
2,756 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
हर दिन: अधिकतम / न्यूनतम °C · बारिश मिमी और संभावना · बर्फ़ सेमी · हवा किमी/घंटा
मौसम का डेटा: ओपन-मीटियोयह कंप्यूटर मॉडल का अनुमान है, सरकारी चेतावनी नहीं। चेतावनी के लिए मौसम विभाग (IMD) और स्थानीय प्रशासन की सूचना मानें।
यात्रा की तैयारी
कैसे पहुँचें
- ट्रेलहेड
- कद्दूखाल (नज़दीकी क़स्बा: धनौल्टी)
- नज़दीकी रेलवे स्टेशन
- देहरादून
- नज़दीकी हवाई अड्डा
- जॉली ग्रांट हवाई अड्डा, देहरादून
- सड़क से
- देहरादून (मसूरी और धनौल्टी होते हुए लगभग 65 किमी); मसूरी (धनौल्टी होते हुए सड़क से लगभग 1 घंटा)
- गाड़ी से
- देहरादून से लगभग 2 घंटे
यात्रा की तैयारी
परमिट और शुल्क
हम किसी सरकारी स्रोत से मौजूदा परमिट नियम और शुल्क पक्का नहीं कर पाए। जाने से पहले स्थानीय वन विभाग या पर्यटन कार्यालय से पूछ लें।
यात्रा की तैयारी
ख़र्च
ख़ुद से
₹300–2,500
ऑपरेटर के साथ
₹5,000–7,000
प्रति व्यक्ति, देहरादून से। अक्टूबर 2026 में छपी गाइडेड क़ीमतें: हिमालयन ड्रीम ट्रेक्स ₹5,000 + 5% जीएसटी, 2 दिन की यात्रा जिसमें देहरादून से आना-जाना, धनौल्टी में एक रात, खाना, गाइड और वन शुल्क शामिल है; वांडरऑन की कानाताल वीकेंड यात्रा, जिसमें सुरकंडा देवी शामिल है, कमरे की शेयरिंग के हिसाब से ₹5,699-6,999 बताती है (कहाँ से शुरू होती है, यह पक्का नहीं)। ख़ुद से जाने का ख़र्च एक अनुमान है: देहरादून-मसूरी बस, सुबह की बस या शेयर्ड टैक्सी से धनौल्टी और कद्दूखाल (इंडियाहाइक्स: मसूरी-धनौल्टी ₹100-150), नाश्ता और पानी, और चाहें तो धनौल्टी या कानाताल में रुकना (₹2,000 से कम)। रोपवे ज़रूरी नहीं है; यह मई 2022 में ₹177 प्रति व्यक्ति के किराए पर शुरू हुआ था और किराया बदल चुका हो सकता है।
सामान
इस ट्रेक के लिए सबसे ज़रूरी सामान
इस रास्ते पर सबसे ज़्यादा काम आने वाला सामान, इसकी ऊँचाई, मौसम और ख़तरों के हिसाब से चुना गया।
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विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंकमंदिर दर्शन के लिए सादे, ढके कपड़े
ज़रूरीतीर्थ यात्रा: मंदिरों में सादे कपड़े पहनें
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दुकान वाले बटन उस दुकान पर खोज खोलते हैं, हमारा चुना हुआ कोई सामान नहीं। अमेज़न एसोसिएट के रूप में हम योग्य ख़रीदारियों से कमाई करते हैं। फ़ोटो सिर्फ़ सामान का प्रकार दिखाती हैं, कोई ख़ास प्रोडक्ट नहीं। एफ़िलिएट जानकारी
सामान की सूची
इस ट्रेक के हिसाब से: ऊँचाई, मौसम, दिन और रास्ते के ख़तरे।
24 में से 0 रख लिए
बारिश के महीने (जून): सब कुछ पॉलीथीन या वाटरप्रूफ़ थैले में रखें और अच्छी पकड़ वाले जूते पहनें।
बैग में रखते ही हर चीज़ पर निशान लगाएँ।
जाने से पहले जानें
काम की बातें
- मोबाइल नेटवर्क
- पूरे रास्ते पर जियो और एयरटेल का अच्छा सिग्नल मिलता है (इंडियाहाइक्स)।
- आख़िरी एटीएम
- मसूरी; कद्दूखाल के पास कोई एटीएम नहीं है, इसलिए नक़द साथ रखें।
- नज़दीकी अस्पताल
- लंढौर कम्युनिटी हॉस्पिटल, मसूरी (लगभग 30 किमी, 1 घंटा); पुलिस चौकी धनौल्टी में, लगभग 6 किमी दूर।
- पानी
- रास्ते पर कोई नाला या झरना नहीं है। हर व्यक्ति 2 लीटर पानी साथ रखे; नीचे और लगभग आधा किलोमीटर ऊपर की दुकानों पर बोतलबंद पानी और प्रसाद मिलता है।
ख़ास बातें
- माँ सुरकंडा देवी के दर्शन, जो शक्तिपीठों में से एक के रूप में पूजी जाती हैं, जहाँ माता सती का सिर गिरा था; कहा जाता है कि सुरकंडा नाम सिरकंडा से बना है
- पहाड़ी की चोटी से 360° नज़ारा: उत्तर में बर्फ़ से ढका हिमालय और दक्षिण में दून व टिहरी की घाटियाँ
- देवदार और बांज के जंगल से होकर जाता छोटा, अच्छी तरह बना रास्ता, जो पक्षी-प्रेमियों और फ़ोटोग्राफ़रों में लोकप्रिय है
- गंगा दशहरा (मई-जून) और नवरात्रि पर मेले और पूजा के लिए हज़ारों श्रद्धालु आते हैं
जोखिम
- पूरा रास्ता खड़ी चढ़ाई वाला है; धीरे चलें, बेंचों पर रुकें और पानी पीते रहें।
- जुलाई-सितंबर के मानसून में कंक्रीट की ढलान फिसलन भरी हो जाती है; एक ऑपरेटर इन महीनों में न जाने की सलाह देता है।
- दिसंबर-फ़रवरी में रास्ते और मंदिर परिसर पर बर्फ़ और पाला जम सकता है, और तेज़ हवा के साथ तापमान लगभग 2-3 °C तक गिर जाता है; अक्टूबर से अप्रैल तक गर्म कपड़े साथ रखें।
- गंगा दशहरा और नवरात्रि पर संकरे रास्ते पर भारी भीड़ और घोड़ों की आवाजाही रहती है; जल्दी निकलें।
जाने से पहले जानें
सवाल-जवाब
रोपवे बनने के बाद भी क्या सुरकंडा देवी तक पैदल जा सकते हैं?
हाँ। कद्दूखाल से रोपवे मई 2022 में शुरू हुआ और लगभग 502 मी लंबा है, लेकिन 2.5 किमी का पक्का पैदल रास्ता अब भी श्रद्धालु और ट्रेकर इस्तेमाल करते हैं। घोड़े भी मिलते हैं। रोपवे, घोड़े और पैदल रास्ता, तीनों मंदिर से लगभग 100 मी नीचे जूता स्टैंड के पास ख़त्म होते हैं।
पैदल रास्ता कितना लंबा है और कितना समय लगता है?
कद्दूखाल से एक तरफ़ लगभग 2.5 किमी, यानी आना-जाना लगभग 5 किमी। फ़िट लोग 45-60 मिनट में ऊपर पहुँच जाते हैं; इंडियाहाइक्स चढ़ाई के लिए 1.5-2 घंटे और उतराई के लिए लगभग एक घंटा मानता है।
सुरकंडा देवी शक्तिपीठ क्यों है?
जब माता सती ने दक्ष प्रजापति के यज्ञ में अपनी देह त्याग दी, तो भगवान शिव उन्हें लेकर चले और भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र ने उस देह के भाग किए; जहाँ-जहाँ अंग गिरे, वहाँ शक्तिपीठ बने। श्रद्धालु सुरकंडा को वह स्थान मानते हैं जहाँ माता का सिर गिरा था, इसीलिए इसे सिरकंडा कहा गया, जो अब सुरकंडा है।
जाने का सबसे अच्छा समय कब है?
मंदिर साल भर खुला रहता है। अप्रैल-जून में बर्फ़ीली चोटियाँ सबसे साफ़ दिखती हैं; मार्च और अक्टूबर-नवंबर भी सुहावने हैं। मानसून में ढलान फिसलन भरी हो जाती है, और दिसंबर-फ़रवरी में बर्फ़ और बर्फ़ीली हवा मिल सकती है।
क्या परमिट चाहिए, और मंदिर में दर्शन का समय क्या है?
इंडियाहाइक्स के अनुसार इस पैदल यात्रा के लिए किसी अनुमति की ज़रूरत नहीं है, और पहाड़ी की चोटी पर कैंपिंग की इजाज़त नहीं है। दर्शन का समय मौसम के साथ बदलता है (इंडियाहाइक्स: गर्मियों में सुबह लगभग 5 बजे से शाम 7 बजे तक, सर्दियों में सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक)। जूते और चमड़े की बेल्ट मंदिर के नीचे स्टैंड पर छोड़नी होती हैं।
आपात स्थिति में
नेटवर्क जाने से पहले ये नंबर सेव कर लें। कॉल करने के लिए दबाएँ।
- 112हर आपात स्थितिभारत का एक ही आपातकालीन नंबर — हर राज्य में चलता है
- 108एंबुलेंस
- 1077ज़िला आपदा नियंत्रण कक्ष
आप यहाँ हैं
ज़िला: टिहरी गढ़वालउत्तराखंड
- सबसे नज़दीकी अस्पताल
- लंढौर कम्युनिटी हॉस्पिटल, मसूरी (लगभग 30 किमी, 1 घंटा); पुलिस चौकी धनौल्टी में, लगभग 6 किमी दूर।
- आख़िरी एटीएम
- मसूरी; कद्दूखाल के पास कोई एटीएम नहीं है, इसलिए नक़द साथ रखें।
- फ़ोन नेटवर्क
- पूरे रास्ते पर जियो और एयरटेल का अच्छा सिग्नल मिलता है (इंडियाहाइक्स)।
निकलने से पहले
- किसी को अपना रास्ता और लौटने का समय बताकर जाएँ।
- फ़ोन पूरा चार्ज रखें और पावर बैंक साथ लें।
- रास्ते का ऑफ़लाइन नक्शा डाउनलोड कर लें।
- मौसम बिगड़े तो लौट आएँ — पहाड़ कहीं नहीं जाएगा।
सुरकंडा देवी के बारे में सवाल
अभी कोई सवाल नहीं है। कुछ पूछें, जो लोग यह ट्रेक कर चुके हैं वे जवाब दे सकते हैं।
अपनी ट्रेक की तस्वीर #TreksAndTrails के साथ डालें
मैंने यह ट्रेक किया है
क्या सुरकंडा देवी इस पेज से अलग दिखा? बताइए क्या बदला है, हम जाँच करेंगे।
जानकारी कहाँ से ली गई
स्रोत
आख़िरी जाँच:
- Surkanda Devi Trek - Trek to one of the 51 Shaktipeeth Temples of India — Indiahikes
- Surkanda Devi Temple Trek 2026: Price, Itinerary, Details and All — Himalayan Dream Treks
- Surkanda Devi Yatra, Uttarakhand — eSamskriti
- Surkanda Devi — Wikipedia
- Now Pilgrims Can Take Ropeway To Surkanda Devi Temple — Outlook Traveller
- Surkanda Devi Temple — Incredible India (Ministry of Tourism, Government of India) (सरकारी)
- Kanatal Weekend Trip: Surkanda Devi, Camping & Tehri Dam Water Sports — WanderOn
फ़ोटो: आर्या जोशी, CC BY-SA 4.0; Guptaele, CC BY-SA 4.0; Guptaele, CC BY-SA 4.0




