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रुद्रनाथ ट्रेक

चमोली, उत्तराखंड

कठिन5 दिनसबसे अच्छा: मई–जून, सित–अक्टूबर्फ़ीला ट्रेक

रुद्रनाथ के रास्ते की एक झोपड़ी से दिखता, हरे पनार बुग्याल पर सुबह की धूप और पीछे बर्फ़ीली चोटियों की कतार3,900 मीसबसे ऊँचा बिंदु4 तस्वीरें
सबसे ऊँचा बिंदु
3,900 मी
दिन
5 दिन
दूरी
35 किमी
कठिनाई
कठिन

सबसे अच्छे महीने मई–जून, सित–अक्टू

  1. जनबंद
  2. फ़रबंद
  3. मार्चबंद
  4. अप्रैबंद
  5. मईसबसे अच्छा
  6. जूनसबसे अच्छा
  7. जुला
  8. अग
  9. सितसबसे अच्छा
  10. अक्टूसबसे अच्छा
  11. नवबंद
  12. दिसबंद

पंच केदार की पैदल यात्राओं में सबसे कठिन: सगर से ल्वीटी बुग्याल तक लगभग 1,300 मी की चढ़ाई, फिर पनार बुग्याल और लगभग 3,900 मी ऊँची पितृधार रिज पार करके मंदिर तक जाने और लौटने का 18-20 किमी का लंबा दिन; सुविधाएँ बहुत कम हैं और पनार के ऊपर धुंध में रास्ता आसानी से भटक जाता है।

तस्वीरें

रास्ते की झलक

रुद्रनाथ के रास्ते की एक झोपड़ी से दिखता, हरे पनार बुग्याल पर सुबह की धूप और पीछे बर्फ़ीली चोटियों की कतार
रुद्रनाथ के रास्ते की एक झोपड़ी से दिखता, हरे पनार बुग्याल पर सुबह की धूप और पीछे बर्फ़ीली चोटियों की कतारफ़ोटो: Cvashisth · CC BY-SA 3.0

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रास्ता

दिन-ब-दिन

  1. दिन 1

    ऋषिकेश → सगर (रुद्रप्रयाग, चमोली और गोपेश्वर होते हुए)

    सड़क से · 9 घंटे · होमस्टे

    370 मी → 1,700 मी

  2. दिन 2

    सगर → ल्वीटी बुग्याल (पुंग बुग्याल होते हुए)

    8 किमी · 6 घंटे · कैंप

    1,700 मी → 3,000 मी

  3. दिन 3 · सबसे ऊँचा बिंदु

    ल्वीटी बुग्याल → ल्वीटी बुग्याल (पनार बुग्याल, पितृधार और रुद्रनाथ मंदिर होते हुए)

    19 किमी · 10 घंटे · कैंप

    3,000 मी → 3,900 मी → 3,000 मी

  4. दिन 4

    ल्वीटी बुग्याल → सगर (गाड़ी से गोपेश्वर)

    8 किमी · 5 घंटे · गेस्टहाउस

    3,000 मी → 1,700 मी

  5. दिन 5

    गोपेश्वर → ऋषिकेश

    सड़क से · 9 घंटे · रात नहीं रुकना

    1,500 मी → 370 मी

चढ़ाई और उतराई

ऊँचाई का ग्राफ़

1,5002,5003,5004,500सगर: 1,700 मी, 0 किमील्वीटी बुग्याल (पुंग बुग्याल होते हुए): 3,000 मी, 8 किमीदिन 3 का सबसे ऊँचा बिंदु: 3,900 मी, 17.5 किमील्वीटी बुग्याल (पनार बुग्याल, पितृधार और रुद्रनाथ मंदिर होते हुए): 3,000 मी, 27 किमीसगर (गाड़ी से गोपेश्वर): 1,700 मी, 35 किमी
समुद्र तल से ऊँचाई (मीटर) · दूरी 35 किमी

कहाँ है

नक्शा

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सिर्फ़ शुरुआत और सबसे ऊँची जगह के निशान — पूरा रास्ता नहीं। इसे किसी अच्छे नक़्शे के साथ ही इस्तेमाल करें।

मौसम

रास्ते पर अगले 5 दिन का मौसम

ट्रेक शुरू होने की जगह और सबसे ऊँची जगह का ताज़ा पूर्वानुमान। पहाड़ में मौसम जल्दी बदलता है — निकलने वाले दिन सुबह फिर से देखें।

हर दिन: अधिकतम / न्यूनतम °C · बारिश मिमी और संभावना · बर्फ़ सेमी · हवा किमी/घंटा

मौसम का डेटा: ओपन-मीटियोयह कंप्यूटर मॉडल का अनुमान है, सरकारी चेतावनी नहीं। चेतावनी के लिए मौसम विभाग (IMD) और स्थानीय प्रशासन की सूचना मानें।

यात्रा की तैयारी

कैसे पहुँचें

ट्रेलहेड
सगर (नज़दीकी क़स्बा: गोपेश्वर)
नज़दीकी रेलवे स्टेशन
योग नगरी ऋषिकेश
नज़दीकी हवाई अड्डा
जॉली ग्रांट हवाई अड्डा, देहरादून
सड़क से
ऋषिकेश (देवप्रयाग, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, चमोली और गोपेश्वर होते हुए लगभग 217 किमी; सगर गोपेश्वर से लगभग 5 किमी आगे है)
गाड़ी से
ऋषिकेश से लगभग 9 घंटे

यात्रा की तैयारी

परमिट और शुल्क

परमिटजारी करने वालाशुल्क (भारतीय)शुल्क (विदेशी)कैसे मिलेगा
श्री रुद्रनाथ धाम ट्रेक परमिट (सगर मार्ग)केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग, उत्तराखंड वन विभाग (DFO, गोपेश्वर)₹200₹800केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन बुक करें, हर ट्रेकर का पहचान पत्र नंबर डालें, और असली पहचान पत्र साथ रखें; सगर में वनकर्मी इसकी जाँच करते हैं। 2025 के पोर्टल पर 12-18 साल के बच्चों के लिए ₹50 और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹100 भी लिखा था। दोपहर 2:00 बजे के बाद कोई ट्रेकर चढ़ाई शुरू नहीं कर सकता। 15 अक्टूबर 2026 को देखने पर पोर्टल बंद मिला, इसलिए सगर की वन चेक-पोस्ट पर पक्का कर लें।

यात्रा की तैयारी

ख़र्च

ख़ुद से

₹6,000–11,000

ऑपरेटर के साथ

₹12,500–13,200

प्रति व्यक्ति, ऋषिकेश से। 2026 के लिए छपी गाइडेड क़ीमतें: हिमालयन ड्रीम ट्रेक्स ₹12,500 + 5% जीएसटी (ऋषिकेश/हरिद्वार से 5 दिन); एडवेंचर क्लब पुणे ₹12,499 (5 दिन, ऋषिकेश-रुद्रनाथ-ऋषिकेश, वन परमिट शामिल)। ख़ुद से जाने का ख़र्च एक अनुमान है: ऋषिकेश-गोपेश्वर आने-जाने की बस या शेयर्ड जीप, गोपेश्वर में या सगर के होमस्टे में एक रात, रास्ते में झोपड़ियों या टेंट में दो रातें (लगभग ₹400-1,500 प्रति रात), रास्ते की छोटी दुकानों पर खाना, ₹200 का वन परमिट, और सगर से एक स्थानीय गाइड या पोर्टर।

सामान

इस ट्रेक के लिए सबसे ज़रूरी सामान

इस रास्ते पर सबसे ज़्यादा काम आने वाला सामान, इसकी ऊँचाई, मौसम और ख़तरों के हिसाब से चुना गया।

सामान की पूरी सूची देखें

दुकान वाले बटन उस दुकान पर खोज खोलते हैं, हमारा चुना हुआ कोई सामान नहीं। अमेज़न एसोसिएट के रूप में हम योग्य ख़रीदारियों से कमाई करते हैं। फ़ोटो सिर्फ़ सामान का प्रकार दिखाती हैं, कोई ख़ास प्रोडक्ट नहीं। एफ़िलिएट जानकारी

सामान की सूची

इस ट्रेक के हिसाब से: ऊँचाई, मौसम, दिन और रास्ते के ख़तरे।

34 में से 0 रख लिए

3,900 मी के आसपास गर्मी में भी रात को पारा शून्य के पास जा सकता है। जितना सोचते हैं, उससे एक गर्म कपड़ा ज़्यादा रखें।

बैग में रखते ही हर चीज़ पर निशान लगाएँ।

क्या पहनें
बैग और सामान
सोने का सामान

कई ट्रेक आयोजक टेंट और स्लीपिंग बैग देते हैं। ख़रीदने से पहले पूछ लें।

सुरक्षा
पानी और खाना
काग़ज़ात और पैसे

आपके निशान सिर्फ़ इसी फ़ोन या कंप्यूटर पर सहेजे जाते हैं।

ख़रीदें वाले बटन उस दुकान पर खोज खोलते हैं, हमारा चुना हुआ कोई सामान नहीं। कुछ एफ़िलिएट लिंक हैं: इनसे हमें थोड़ा कमीशन मिल सकता है, आपको कोई अतिरिक्त ख़र्च नहीं। अमेज़न एसोसिएट के रूप में हम योग्य ख़रीदारियों से कमाई करते हैं। फ़ोटो सिर्फ़ सामान का प्रकार दिखाती हैं, कोई ख़ास प्रोडक्ट नहीं। एफ़िलिएट जानकारी

जाने से पहले जानें

काम की बातें

मोबाइल नेटवर्क
कहीं मिलता है, कहीं नहीं: ल्वीटी बुग्याल के बाद सिग्नल चला जाता है; ऊपर और मंदिर के पास बीएसएनएल और जियो बीच-बीच में ही चलते हैं। गोपेश्वर में पूरा नेटवर्क मिलता है।
आख़िरी एटीएम
गोपेश्वर (सगर में या रास्ते में कोई एटीएम नहीं); झोपड़ियों और चाय की दुकानों के लिए नक़द साथ रखें।
नज़दीकी अस्पताल
प्राथमिक इलाज के लिए ज़िला अस्पताल, गोपेश्वर; गंभीर मामलों में एम्स ऋषिकेश। पनार बुग्याल के आगे मरीज़ को निकालने की कोई व्यवस्था नहीं है।
पानी
पुंग बुग्याल के पास मौसमी नाले और ल्वीटी बुग्याल में पानी; ल्वीटी/पनार और पितृधार के बीच पानी बहुत कम मिलता है, इसलिए मंदिर वाले दिन 2-3 लीटर पानी साथ रखें। सारा पानी उबालकर या साफ़ करके पिएँ।

ख़ास बातें

  • नीलकंठ महादेव के दर्शन — भगवान शिव का मुख, प्राकृतिक गुफा मंदिर में स्वयंभू शिला रूप में — पंच केदार में चतुर्थ केदार
  • पनार बुग्याल, हिमालय के सबसे ऊँचे अल्पाइन बुग्यालों में से एक, जहाँ से क्षितिज पर नंदा देवी, त्रिशूल, नंदा घुंटी और हाथी पर्वत दिखते हैं
  • पितृधार रिज, जहाँ श्रद्धालु अपने पितरों की स्मृति में छोटे पत्थर रखते हैं
  • मंदिर के पीछे बहती वैतरणी धारा और चार पवित्र कुंड — सूर्य, चंद्र, तारा और मानस कुंड — जहाँ बहुत-से श्रद्धालु पिंडदान करते हैं
  • सगर से पुंग और ल्वीटी बुग्याल तक बांज और बुरांश का जंगल

जोखिम

  • मंदिर वाला दिन लंबा है (18-20 किमी, 10-12 घंटे) और लगभग 3,900 मी पर पितृधार पार करता है; ऊँचाई की बीमारी (AMS) हो सकती है, इसलिए सिरदर्द या साँस फूलना बढ़े तो जल्दी लौट आएँ।
  • पनार बुग्याल के ऊपर धुंध में रास्ता आसानी से भटक जाता है; सगर से स्थानीय गाइड लें।
  • जुलाई-सितंबर के मानसून में भारी बारिश, भूस्खलन और उफनते नाले होते हैं; तब ऑपरेटर इस ट्रेक की सलाह नहीं देते।
  • दोपहर 2:00 बजे के बाद कोई ट्रेकर सगर से चढ़ाई शुरू नहीं कर सकता (वन विभाग का नियम); पनार के आगे सुविधाएँ बहुत साधारण हैं और मरीज़ को निकालने की कोई व्यवस्था नहीं है।

जाने से पहले जानें

सवाल-जवाब

क्या रुद्रनाथ पंच केदार ट्रेक में सबसे कठिन है?

हाँ। यह पाँचों में सबसे लंबी चढ़ाई है, रास्ते के हिसाब से सगर से एक तरफ़ लगभग 17-21 किमी, लगभग 3,900 मी पर पितृधार रिज पार करते हुए, और सबसे कम सुविधाओं के साथ। ज़्यादातर लोग चढ़ाई में दो दिन और उतराई में एक लंबा दिन लगाते हैं, या ल्वीटी बुग्याल में रुककर मंदिर तक एक लंबे दिन में आना-जाना करते हैं।

क्या रुद्रनाथ ट्रेक के लिए परमिट चाहिए?

हाँ। रास्ता केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग में है, जो ऑनलाइन ट्रेक परमिट देता है: 2025 के पोर्टल पर भारतीय वयस्क के लिए ₹200 और विदेशी नागरिक के लिए ₹800। जिस पहचान पत्र से बुकिंग की हो, उसका असली पत्र साथ रखें। सगर से प्रवेश दोपहर 2:00 बजे बंद हो जाता है। चार धाम पंजीकरण में रुद्रनाथ शामिल नहीं है।

रुद्रनाथ मंदिर कब खुला रहता है?

मई के बीच या आख़िर से अक्टूबर के बीच तक। 2026 में कपाट 18 मई को खुले; ऑपरेटरों के अनुसार कपाट बंद होने की तारीख़ 17 अक्टूबर 2026 है (2025 में भी कपाट 17 अक्टूबर को बंद हुए थे)। सर्दियों में भगवान रुद्रनाथ की पूजा गोपेश्वर के गोपीनाथ मंदिर में होती है। ट्रेक के लिए सबसे अच्छा समय मई के बीच से जून तक और सितंबर के बीच से अक्टूबर के बीच तक है।

रुद्रनाथ ट्रेक में कितने दिन लगते हैं?

ऋषिकेश से चार से पाँच दिन। आम योजना यह है: गाड़ी से सगर, ल्वीटी बुग्याल तक ट्रेक (लगभग 8 किमी), मंदिर जाकर ल्वीटी लौटना (लगभग 18-20 किमी), सगर तक उतराई, और गाड़ी से वापसी।

क्या शुरुआती लोग रुद्रनाथ ट्रेक कर सकते हैं?

फ़िट शुरुआती लोग तैयारी और गाइड के साथ कर सकते हैं, लेकिन ऑपरेटर इसे कठिन ट्रेक बताते हैं: ल्वीटी तक की चढ़ाई खड़ी है और मंदिर वाला दिन बहुत लंबा है। दिल, घुटने या साँस की तकलीफ़ वाले लोग इसे न करें।

इस ट्रेक के लिए आपकी 8 हफ़्ते की योजनाकठिन ग्रेड। यात्रा से लगभग 8 हफ़्ते पहले शुरू करें।
SOS

आपात स्थिति में

नेटवर्क जाने से पहले ये नंबर सेव कर लें। कॉल करने के लिए दबाएँ।

आप यहाँ हैं

ज़िला: चमोलीउत्तराखंड

सबसे नज़दीकी अस्पताल
प्राथमिक इलाज के लिए ज़िला अस्पताल, गोपेश्वर; गंभीर मामलों में एम्स ऋषिकेश। पनार बुग्याल के आगे मरीज़ को निकालने की कोई व्यवस्था नहीं है।
आख़िरी एटीएम
गोपेश्वर (सगर में या रास्ते में कोई एटीएम नहीं); झोपड़ियों और चाय की दुकानों के लिए नक़द साथ रखें।
फ़ोन नेटवर्क
कहीं मिलता है, कहीं नहीं: ल्वीटी बुग्याल के बाद सिग्नल चला जाता है; ऊपर और मंदिर के पास बीएसएनएल और जियो बीच-बीच में ही चलते हैं। गोपेश्वर में पूरा नेटवर्क मिलता है।

निकलने से पहले

  1. किसी को अपना रास्ता और लौटने का समय बताकर जाएँ।
  2. फ़ोन पूरा चार्ज रखें और पावर बैंक साथ लें।
  3. रास्ते का ऑफ़लाइन नक्शा डाउनलोड कर लें।
  4. मौसम बिगड़े तो लौट आएँ — पहाड़ कहीं नहीं जाएगा।
समुदाय · जल्द खुल रहा है

रुद्रनाथ के बारे में सवाल

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मैंने यह ट्रेक किया है

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जानकारी कहाँ से ली गई

स्रोत

आख़िरी जाँच:

  1. Sagar to Shri Rudranath Dham (trek permit) — Kedarnath Wildlife Division, Uttarakhand Forest Department (सरकारी)
  2. Kedarnath Wildlife Division – Trek & Permit FAQ (last updated 21 April 2025) — Kedarnath Wildlife Division, Uttarakhand Forest Department (सरकारी)
  3. Rudranath Trek — Himalayan Dream Treks
  4. Rudranath Trek 2026: Route, Itinerary & Permit Guide — StayVista
  5. Rudranath Trek — Himalaya Shelter
  6. Rudranath Tour from Pune & Mumbai | 2026 Yatra — Adventure Club Pune
  7. Rudranath — Fourth Kedar — panchkedar.in
  8. Rudranath — Wikipedia

फ़ोटो: Cvashisth, CC BY-SA 3.0; Ms Sarah Welch, CC0; AL3XMERCER12, CC BY-SA 4.0; Saurabh Sharma, CC BY-SA 4.0

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मध्यम5 दिनमार्च–अप्रै, अक्टू–नव

  1. जनवरी
  2. फ़रवरी
  3. मार्चसबसे अच्छा, बर्फ़
  4. अप्रैलसबसे अच्छा
  5. मई
  6. जून
  7. जुलाई
  8. अगस्त
  9. सितंबर
  10. अक्टूबरसबसे अच्छा
  11. नवंबरसबसे अच्छा
  12. दिसंबर
साफ़ नीले आसमान के नीचे, बूढ़ा मद्महेश्वर के पतझड़ी बुग्याल पर शांत ताल में दिखता बर्फ़ से ढके चौखंबा पर्वत का प्रतिबिंब3,497 मी

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मध्यम4 दिनमई–जून, सित–अक्टू

  1. जनवरीबंद
  2. फ़रवरीबंद
  3. मार्चबंद
  4. अप्रैलबंद
  5. मईसबसे अच्छा
  6. जूनसबसे अच्छा
  7. जुलाई
  8. अगस्त
  9. सितंबरसबसे अच्छा
  10. अक्टूबरसबसे अच्छा
  11. नवंबर
  12. दिसंबरबंद
कुआरी पास की रिज के पार दिखती चौखंबा, नीलकंठ, कामेट, माणा, गौरी पर्वत और हाथी पर्वत की बर्फ़ीली चोटियों का नज़ारा3,817 मी

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मध्यम6 दिनअक्टू–मार्च

  1. जनवरीसबसे अच्छा, बर्फ़
  2. फ़रवरीसबसे अच्छा, बर्फ़
  3. मार्चसबसे अच्छा
  4. अप्रैल
  5. मई
  6. जून
  7. जुलाईबंद
  8. अगस्तबंद
  9. सितंबर
  10. अक्टूबरसबसे अच्छा
  11. नवंबरसबसे अच्छा
  12. दिसंबरसबसे अच्छा, बर्फ़
मानसून के बादलों के नीचे ग्लेशियरों और बर्फ़ीली चोटियों तक उठते फूलों की घाटी के हरे बुग्याल4,329 मी

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मध्यम6 दिनजुला–सित

  1. जनवरीबंद
  2. फ़रवरीबंद
  3. मार्चबंद
  4. अप्रैलबंद
  5. मईबंद
  6. जून
  7. जुलाईसबसे अच्छा
  8. अगस्तसबसे अच्छा
  9. सितंबरसबसे अच्छा
  10. अक्टूबर
  11. नवंबरबंद
  12. दिसंबरबंद