नचिकेता ताल ट्रेक
उत्तरकाशी, उत्तराखंड
इस फ़ोन पर बिना नेटवर्क के खुलेगा, नक्शे की फ़ाइल और सूची के साथ। ऑफ़लाइन सहेजे गए →
2,450 मीसबसे ऊँचा बिंदु- सबसे ऊँचा बिंदु
- 2,450 मी
- दिन
- 3 दिन
- दूरी
- 6 किमी
- कठिनाई
- आसान
चौरंगी खाल के सड़क छोर से बांज, चीड़ और बुरांश के जंगल से होकर एक तरफ़ लगभग 3 किमी की छोटी पैदल यात्रा, जिसमें केवल लगभग 150 मी की चढ़ाई है; ऑपरेटर इसे परिवारों और नए ट्रेकर्स के लिए आसान सैर के रूप में पेश करते हैं।
रास्ता
दिन-ब-दिन
दिन 1
देहरादून → उत्तरकाशी
640 मी → 1,158 मी
दिन 2 · सबसे ऊँचा बिंदु
चौरंगी खाल (उत्तरकाशी से गाड़ी से) → नचिकेता ताल होते हुए चौरंगी खाल (फिर गाड़ी से उत्तरकाशी वापस)
2,300 मी → 2,450 मी → 2,300 मी
दिन 3
उत्तरकाशी → देहरादून
1,158 मी → 640 मी
चढ़ाई और उतराई
ऊँचाई का ग्राफ़
कहाँ है
नक्शा
सिर्फ़ शुरुआत और सबसे ऊँची जगह के निशान — पूरा रास्ता नहीं। इसे किसी अच्छे नक़्शे के साथ ही इस्तेमाल करें।
मौसम
रास्ते पर अगले 5 दिन का मौसम
ट्रेक शुरू होने की जगह और सबसे ऊँची जगह का ताज़ा पूर्वानुमान। पहाड़ में मौसम जल्दी बदलता है — निकलने वाले दिन सुबह फिर से देखें।
शुरुआत · चौरंगी खाल
2,300 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
सबसे ऊँची जगह · नचिकेता ताल
2,450 मी परपूर्वानुमान आ रहा है…
हर दिन: अधिकतम / न्यूनतम °C · बारिश मिमी और संभावना · बर्फ़ सेमी · हवा किमी/घंटा
मौसम का डेटा: ओपन-मीटियोयह कंप्यूटर मॉडल का अनुमान है, सरकारी चेतावनी नहीं। चेतावनी के लिए मौसम विभाग (IMD) और स्थानीय प्रशासन की सूचना मानें।
यात्रा की तैयारी
कैसे पहुँचें
- ट्रेलहेड
- चौरंगी खाल (नज़दीकी क़स्बा: उत्तरकाशी)
- नज़दीकी रेलवे स्टेशन
- देहरादून या ऋषिकेश
- नज़दीकी हवाई अड्डा
- जॉली ग्रांट हवाई अड्डा, देहरादून
- सड़क से
- देहरादून से उत्तरकाशी (लगभग 140-150 किमी, 6-7 घंटे); उत्तरकाशी से चौरंगी खाल (लगभग 22-30 किमी, लगभग 1 घंटा, उत्तरकाशी-लंबगांव सड़क पर मानपुर और संकुर्णा धार होते हुए)
- गाड़ी से
- देहरादून से लगभग 7 घंटे
यात्रा की तैयारी
परमिट और शुल्क
हम किसी सरकारी स्रोत से मौजूदा परमिट नियम और शुल्क पक्का नहीं कर पाए। जाने से पहले स्थानीय वन विभाग या पर्यटन कार्यालय से पूछ लें।
यात्रा की तैयारी
ख़र्च
ख़ुद से
₹2,000–5,000
ऑपरेटर के साथ
₹6,000–6,500
प्रति व्यक्ति, देहरादून से। केवल एक ऑपरेटर अपनी क़ीमत बताता है: हिमालयन हाइकर्स, देहरादून से देहरादून 3 दिन के लिए ₹6,000 + 5% जीएसटी + ₹120 बीमा (अक्टूबर 2026)। ख़ुद से जाने का ख़र्च एक अनुमान है: देहरादून-उत्तरकाशी आने-जाने की बस, उत्तरकाशी के होटल में एक या दो रातें, और चौरंगी खाल तक शेयर्ड टैक्सी (हिमालयन ड्रीम ट्रेक्स लगभग ₹80 बताता है) या रिज़र्व टैक्सी। वन प्रवेश शुल्क, अगर कोई हो, तो अलग से है; चौरंगी की वन चौकी पर पता कर लें।
सामान
इस ट्रेक के लिए सबसे ज़रूरी सामान
इस रास्ते पर सबसे ज़्यादा काम आने वाला सामान, इसकी ऊँचाई, मौसम और ख़तरों के हिसाब से चुना गया।
विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंक
विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंक
विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंक
विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंक
विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंकमंदिर दर्शन के लिए सादे, ढके कपड़े
ज़रूरीतीर्थ यात्रा: मंदिरों में सादे कपड़े पहनें
- विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंक
विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंक
विज्ञापन · एफ़िलिएट लिंक
दुकान वाले बटन उस दुकान पर खोज खोलते हैं, हमारा चुना हुआ कोई सामान नहीं। अमेज़न एसोसिएट के रूप में हम योग्य ख़रीदारियों से कमाई करते हैं। फ़ोटो सिर्फ़ सामान का प्रकार दिखाती हैं, कोई ख़ास प्रोडक्ट नहीं। एफ़िलिएट जानकारी
सामान की सूची
इस ट्रेक के हिसाब से: ऊँचाई, मौसम, दिन और रास्ते के ख़तरे।
26 में से 0 रख लिए
बारिश के महीने (जून–सित): सब कुछ पॉलीथीन या वाटरप्रूफ़ थैले में रखें और अच्छी पकड़ वाले जूते पहनें।
बैग में रखते ही हर चीज़ पर निशान लगाएँ।
जाने से पहले जानें
काम की बातें
- मोबाइल नेटवर्क
- हमारे स्रोतों से पक्का नहीं; उत्तरकाशी में सिग्नल मिलने और जंगल में कमज़ोर या बिल्कुल न मिलने की उम्मीद रखें।
- आख़िरी एटीएम
- उत्तरकाशी
- नज़दीकी अस्पताल
- उत्तरकाशी का ज़िला अस्पताल, चौरंगी खाल से लगभग एक घंटे की ड्राइव
- पानी
- हमारे स्रोतों से पक्का नहीं; हिमालयन ड्रीम ट्रेक्स की सलाह के अनुसार उत्तरकाशी से ही पर्याप्त पानी और नाश्ता साथ ले जाएँ। झील या नाले का पानी साफ़ करके ही पिएँ।
ख़ास बातें
- लगभग 2,450 मी पर बांज, चीड़, देवदार और बुरांश से घिरी एक शांत वन झील, जिसका नाम कठोपनिषद के नचिकेता के नाम पर है
- स्थानीय परंपरा के अनुसार यही नचिकेता की तपस्या का स्थान है; झील से थोड़ा आगे यम द्वार नाम की एक छोटी गुफा है
- किनारे पर नाग देवता का छोटा मंदिर, जहाँ नाग पंचमी पर चौरंगी, दिखोली और सौंदी गाँवों के लोग मेले के लिए जुटते हैं
- वसंत में रास्ते पर खिले बुरांश, और सर्दियों में बर्फ़ से ढकी झील
- बच्चों और परिवारों के लिए काफ़ी आसान, और गंगोत्री व केदारनाथ के बीच यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों के लिए एक छोटा पड़ाव
जोखिम
- मानसून (जुलाई-अगस्त) में रास्ते पर जोंकें होती हैं, और बारिश से जंगल का रास्ता फिसलन भरा हो जाता है।
- सर्दियों में रास्ते पर बर्फ़ हो सकती है; हिमालयन ड्रीम ट्रेक्स सलाह देता है कि पहले पक्का कर लें कि बहुत ज़्यादा बर्फ़ न हो, और सुबह बहुत जल्दी व देर शाम जाने से बचें।
- जंगल में तेंदुए और हिमालयी काले भालू हैं; दिन के उजाले में चलें और अँधेरा होने से काफ़ी पहले चौरंगी खाल लौट आएँ।
- परमिट और वन प्रवेश शुल्क किसी आधिकारिक स्रोत से पक्का नहीं हो सका; एक्सप्लोर उत्तरकाशी या चौरंगी की वन चौकी पर पूछ लें।
जाने से पहले जानें
सवाल-जवाब
नचिकेता ताल ट्रेक कितना लंबा है?
चौरंगी खाल से घने जंगल के बीच एक तरफ़ लगभग 3 किमी, यानी कुल लगभग 6 किमी। हिमालयन ड्रीम ट्रेक्स चौरंगी से आने-जाने की अपनी पैदल यात्रा 8 किमी बताता है। ज़्यादातर ट्रेकर्स इसे उत्तरकाशी से आधे दिन की सैर के रूप में करते हैं।
शुरुआती जगह चौरंगी खाल कैसे पहुँचें?
देहरादून से उत्तरकाशी बस या टैक्सी से जाएँ (लगभग 140-150 किमी, 6-7 घंटे)। उत्तरकाशी में झूला पुल पार करके टैक्सी स्टैंड जाएँ और चौरंगी खाल के लिए शेयर्ड या रिज़र्व टैक्सी लें, जो मानपुर होते हुए लगभग 22-30 किमी और एक घंटे की ड्राइव है।
नचिकेता ताल जाने का सबसे अच्छा समय कौन-सा है?
आम तौर पर मौसम मार्च से नवंबर तक रहता है। वसंत में बुरांश खिलते हैं, और मानसून में झील भर जाती है लेकिन जोंकें भी आ जाती हैं। दिसंबर से फ़रवरी तक झील और रास्ता बर्फ़ से ढके रह सकते हैं; तब भी जा सकते हैं, लेकिन पहले रास्ते पर बर्फ़ का हाल पता कर लें।
झील का नाम नचिकेता ताल क्यों है?
इसका नाम वाजश्रवा (उद्दालक) के बाल पुत्र नचिकेता के नाम पर है, जिनका यमराज के साथ पवित्र संवाद कठोपनिषद का मूल है। कठोपनिषद बताता है कि नचिकेता ने तीन दिन यमराज के द्वार पर प्रतीक्षा की, तीन वर पाए, और उन्हें आत्मज्ञान का उपदेश मिला। स्थानीय परंपरा के अनुसार यही झील उनकी तपस्या का स्थान है, और पास में ही यम द्वार है।
क्या नचिकेता ताल के लिए परमिट चाहिए?
हिमालयन ड्रीम ट्रेक्स के अनुसार परमिट एक्सप्लोर उत्तरकाशी से या चौरंगी की वन चौकी पर मिल सकते हैं। हम किसी आधिकारिक स्रोत से मौजूदा शुल्क पक्का नहीं कर सके, इसलिए शुरू करने से पहले स्थानीय रूप से पता कर लें।
आपात स्थिति में
नेटवर्क जाने से पहले ये नंबर सेव कर लें। कॉल करने के लिए दबाएँ।
- 112हर आपात स्थितिभारत का एक ही आपातकालीन नंबर — हर राज्य में चलता है
- 108एंबुलेंस
- 1077ज़िला आपदा नियंत्रण कक्ष
आप यहाँ हैं
ज़िला: उत्तरकाशीउत्तराखंड
- सबसे नज़दीकी अस्पताल
- उत्तरकाशी का ज़िला अस्पताल, चौरंगी खाल से लगभग एक घंटे की ड्राइव
- आख़िरी एटीएम
- उत्तरकाशी
- फ़ोन नेटवर्क
- हमारे स्रोतों से पक्का नहीं; उत्तरकाशी में सिग्नल मिलने और जंगल में कमज़ोर या बिल्कुल न मिलने की उम्मीद रखें।
निकलने से पहले
- किसी को अपना रास्ता और लौटने का समय बताकर जाएँ।
- फ़ोन पूरा चार्ज रखें और पावर बैंक साथ लें।
- रास्ते का ऑफ़लाइन नक्शा डाउनलोड कर लें।
- मौसम बिगड़े तो लौट आएँ — पहाड़ कहीं नहीं जाएगा।
नचिकेता ताल के बारे में सवाल
अभी कोई सवाल नहीं है। कुछ पूछें, जो लोग यह ट्रेक कर चुके हैं वे जवाब दे सकते हैं।
अपनी ट्रेक की तस्वीर #TreksAndTrails के साथ डालें
मैंने यह ट्रेक किया है
क्या नचिकेता ताल इस पेज से अलग दिखा? बताइए क्या बदला है, हम जाँच करेंगे।
जानकारी कहाँ से ली गई
स्रोत
आख़िरी जाँच:
- Nachiketa Tal Trek | Lake On Bhagirathi River | Himalayan Hikers — Himalayan Hikers
- Nachiketa Tal: A Complete Trek Guide — Himalayan Dream Treks
- Nachiketa Tal: A Comprehensive Travel Guide — Capture A Trip
- Nachiketa Tal Trek — Escape2Explore
- Nachiketa Lake In Uttarkashi: Where The God Of Death Revealed Life's Greatest Secret — ETV Bharat
फ़ोटो: Sanjayuki99, CC BY-SA 4.0



